Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Jual Oram बोले: Rourkela मामले में गिरफ्तार सहयोगी पर कानूनी कार्रवाई से आपत्ति नहीं

    10 hours ago

    1

    0

    केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने शुक्रवार को कहा कि ओडिशा के राउरकेला में संगठित अपराध के एक मामले में गिरफ्तार उनके सहयोगी राकेश पासवान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। पासवान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सक्रिय कार्यकर्ता और राउरकेला नगर निगम (आरएमसी) में ओराम के प्रतिनिधि हैं। उन्हें इस आरोप में गिरफ्तार किया गया है कि उन्होंने इस इस्पात नगरी में स्थित सरकारी अतिथि गृह में अपराधियों को कथित तौर पर पनाह दी थी।पुलिस ने 15 अगस्त को सरकारी अतिथि गृह के एक कमरे से आग्नेयास्त्र बरामद किए थे और दो कथित बदमाशों को गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक जांच में यह सामने आने के बाद कि जिस सर्किट हाउस के कमरे से आग्नेयास्त्र बरामद किए गए और दोनों कथित बदमाशों को गिरफ्तार किया गया, वह पासवान के नाम पर बुक था, भाजपा ने उसे निलंबित कर दिया था। हालांकि, पासवान ने आरोपों से इनकार किया है और मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज तथा सर्किट हाउस की पंजी सार्वजनिक जांच के लिए उपलब्ध करायी जाए।एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 35 वर्षीय पासवान 15 अगस्त से फरार था। उन्होंने बताया कि उसे बृहस्पतिवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और बिहार विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की मदद से बिहार के बेगूसराय में गिरफ्तार किया गया और राउरकेला लाया गया। पासवान के कथित समर्थन की खबरों के बीच ओराम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपना रुख स्पष्ट किया।उन्होंने कहा, पासवान मेरे सक्रिय कार्यकर्ता और आरएमसी में मेरे प्रतिनिधि हैं। यदि सर्किट हाउस की घटना के संबंध में उनके खिलाफ कोई आरोप है तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। यदि वह दोषी पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार उन्हें सजा दी जानी चाहिए।मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है। कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि उनके नाम का इस्तेमाल कर सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत कुछ जानकारी हासिल करके जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने दावा किया कि यह जानकारी गलत या भ्रामक है। ओराम ने कहा, यदि कोई व्यक्ति या संगठन जानबूझकर मेरे खिलाफ गलत सूचना फैला रहा है तो मैं कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करूंगा। राजनीति में विरोध भी होगा और आलोचना भी।लेकिन झूठ, उत्पीड़न और साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस के अनुसार, बिहार में पकड़े जाने से पहले पासवान राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और झारखंड गया था। पासवान पर राउरकेला के सरकारी सर्किट हाउस में आग्नेयास्त्रों और गोला-बारूद के साथ अपराधियों को पनाह देने की साजिश का कथित तौर पर मुख्य सूत्रधार होने का आरोप है।घटना के बाद से पासवान फरार था और भाजपा ने उसे निलंबित कर दिया था।
    Click here to Read more
    Prev Article
    West Bengal में Student Union Elections तुरंत कराए सरकार, ऋतब्रत बनर्जी ने की मांग
    Next Article
    Puducherry CM N Rangasamy राज्य के दर्जे के लिए पद छोड़ने को तैयार, केंद्र के सामने उठाएंगे मांग

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment