Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कुछ लोग मंदिर का भंडार कक्ष कब्जा करना चाहते हैं:खाक चौक के श्रीमहंत बृजमोहन दास बोले-क्या इसे होने देना ठीक है,उनका आरोप बेबुनियाद

    1 day ago

    1

    0

    श्रीपंच तेरह भाई त्यागी आश्रम खाक चौक में एक भवन के स्वामित्व को लेकर चले रहे विवाद में श्रीमहंत बृजमोहन दास मंगलवार को सामने आए।उन्होंने कहा कि वे बाहर गए हुए थे।कुछ लोग मंदिर का भोजन कक्ष जहां बैठकर आश्रम के साधु एक साथ सामूहिक भोजन करते हैं।उसे कब्जा करना चाहते थे। क्या यह होने देने आश्रम की परंपरा और आम संतों के हित में ठीक है।भवन का ऊपरी हिस्सा उनका है।वे वहां रह रहे हैं।वहां उनको कोई भी रोकने-टोकने नहीं जा रहा है।पर यह आश्रम सभी का है।आम संतों के हक पर डाका डालना किसी भी रूप मे ठीक नहीं है।ऐसा हम कतई नहीं चाहते। श्रीमहंत बृजमोहन दास ने कहा कि त्याग और तपस्या खाक चौक की पहचान रही है।ऐसे छोटे मामले में हमारे आश्रम का नाम आए।यह साधु वेश के लिए अच्छी बात नहीं है।पर किसी भी प्रकार का विवाद कभी नहीं चाहते हैं।पर बेवजह के विवाद को तूल देकर कुछ लोग अपना उल्लू साीधा करना चाहते हैं।उनको भी साधुता का ध्यान रखना चाहिए। सारी सम्पत्ति साधुता की वजह से हैं।हमें इसका ध्यान रखने पर ही जोर देना चाहिए।सभी खुश रहकर भजन करें और गरीब साधुओं को भी भजन करने दें।उनके अधिकारों पर कब्जा न जमाए। बताते चले कि अखिल भारतीय पंच तेरह भाई त्यागी खाक चौक आश्रम में व्यवस्थाओं को लेकर संतों के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। आश्रम के श्रीमहंत बृजमोहन दास ने सुनील दास की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर गाली-गलौज करने अथवा डंडे से दौड़ाने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह अनर्गल हैं। उन्हें ऊपर रहने तथा व्यवस्था देखने की बात स्वीकार की गई थी श्रीमहंत बृजमोहन दास ने कहा कि बर्फानी दादा के शिष्य बाल योगी महंत लक्ष्मण दास, जो अमरकंटक में रहते हैं, सुनील दास को आश्रम की व्यवस्था देखने के लिए लेकर आए थे। उस समय संतों ने इसका विरोध नहीं किया और उन्हें ऊपर रहने तथा व्यवस्था देखने की बात स्वीकार की गई थी। उनका कहना है कि विवाद तब शुरू हुआ जब सुनील दास की ओर से संतों के लिए बनाए गए भोजनालय हाल पर अधिकार करने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भोजन के लिए बनाए गए हाल पर कब्जा करने की कोशिश का संतों ने विरोध किया। श्रीमहंत ने कहा कि उक्त परिसर संतों के लिए है और इसकी व्यवस्था भी संतों के उपयोग के लिए ही रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आश्रम के ऊपरी हिस्से में तोड़फोड़ और खटखट की आवाजें आने के बावजूद उन्होंने कोई विवाद नहीं किया। रंगाई-पुताई को लेकर भी उन्होंने आपत्ति नहीं जताई। श्रीमहंत ने कहा कि वह स्वयं उस समय मौके पर मौजूद नहीं थे, जब भोजनालय हाल को लेकर विवाद हुआ। उन्होंने कहा कि वह किसी से विवाद या झगड़े के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन संतों के लिए निर्धारित पंगत हाल पर किसी का एकाधिकार स्वीकार नहीं किया जा सकता। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से आश्रम की व्यवस्थाओं को लेकर अलग आरोप लगाए गए हैं। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच आश्रम की व्यवस्था और संपत्ति के उपयोग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    दाऊजी महाराज मेले में खाटू श्याम भजन संध्या का आयोजन:वृंदावन के गायक मुकुल द्विवेदी ने दी प्रस्तुति, पूरा वातावरण भक्ति में डूबा
    Next Article
    दो महिलाओं सहित चार लोगों को सांप ने डसा:ललितपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती, किसान को ट्रैक्टर चलाते समय काटा था

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment