Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    केजीएमयू में 30% मरीजों को नहीं मिल रहा खून:A-AB पॉजिटिव ब्लड की कमी, इधर-उधर भटक रहे तीमारदार

    3 hours ago

    1

    0

    लखनऊ स्थित केजीएमयू के ब्लड बैंक में इन दिनों A पॉजिटिव और AB पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की भारी कमी हो गई है। इसका असर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है। तीमारदारों को खून के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की प्रमुख और ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. तूलिका चंद्रा के अनुसार, ब्लड डोनेशन कम होने और बढ़ती जरूरत के कारण यह स्थिति बनी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने ब्लड की कमी के कारणों और इसे दूर करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… मिनिमम स्टॉक गिरकर एक चौथाई रह गया डॉ. तूलिका चंद्रा के अनुसार केजीएमयू के ब्लड बैंक में A पॉजिटिव ब्लड ग्रुप का न्यूनतम स्टॉक करीब 200 यूनिट होना चाहिए। लेकिन मौजूदा समय में इसकी भारी कमी है और फिलहाल ब्लड बैंक में इस ग्रुप का महज 40 यूनिट ब्लड ही उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इस कमी का असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। थैलेसीमिया के मरीजों और इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर बिना देरी के खून उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे में जिन मरीजों की इलेक्टिव सर्जरी तय है और जिन्हें इसी ब्लड ग्रुप की जरूरत है, उन्हें फिलहाल इंतजार करना पड़ रहा है। 200 यूनिट से ज्यादा की होती है रोजाना खपत डॉ. तूलिका चंद्रा बताती हैं कि आमतौर पर KGMU के ब्लड बैंक में A पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की रोजाना खपत करीब 50 यूनिट रहती है, जबकि AB पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की खपत लगभग 150 यूनिट तक पहुंच जाती है। इस तरह इन दोनों ग्रुपों को मिलाकर रोजाना करीब 200 यूनिट खून की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि KGMU में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ब्लड बैंक है। यहां प्रदेश के सरकारी चिकित्सा संस्थानों के अलावा सरकारी और निजी अस्पतालों से भी जरूरतमंद मरीजों के लिए खून की मांग आती है। डॉ. चंद्रा के अनुसार, जरूरतमंद लोगों के वैध दस्तावेज देखने के बाद बिना किसी भेदभाव के उन्हें ब्लड उपलब्ध कराया जाता है। यही वजह है कि ब्लड बैंक में सभी ब्लड ग्रुप का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। रोज 300 जरूरतमंद मरीजों को दिया जाता है खून डॉ. तूलिका चंद्रा बताती हैं कि सामान्य दिनों में केजीएमयू का ब्लड बैंक रोजाना करीब 300 जरूरतमंद मरीजों को खून उपलब्ध कराता है। लेकिन A पॉजिटिव और AB पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की कमी के चलते लगभग 30% मरीजों को फिलहाल खून नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कमी को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही सभी जरूरतमंदों को ब्लड उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। O पॉजिटिव और B पॉजिटिव की नहीं होती ज्यादा कमी डॉ. चंद्रा के अनुसार, उत्तर प्रदेश की आबादी में O पॉजिटिव और B पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। यही कारण है कि इन ब्लड ग्रुप की उपलब्धता अपेक्षाकृत बेहतर रहती है। जबकि A पॉजिटिव और AB पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की कमी अक्सर देखी जाती है। वहीं नेगेटिव ब्लड ग्रुप वाले लोग वैसे भी दुर्लभ माने जाते हैं, इसलिए ब्लड बैंक में उनकी उपलब्धता काफी कम रहती है। दूसरे संस्थानों में रेफर करना भी आसान नहीं उन्होंने कहा कि अगर किसी दूसरे सरकारी संस्थान में किसी ब्लड ग्रुप की उपलब्धता हो तो मरीज को वहां रेफर करने का विकल्प रहता है। लेकिन जब प्रदेश के सबसे बड़े सेंटर में ही इन ब्लड ग्रुप की कमी है, तो बाकी संस्थानों में हालात और ज्यादा चुनौतीपूर्ण होने की आशंका रहती है। इन वजहों से आई ब्लड की कमी डॉ. तूलिका चंद्रा के मुताबिक, पिछले साल ब्लड डोनेशन कैंप कम लगने की वजह से ब्लड बैंक के स्टॉक पर असर पड़ा है। इसके अलावा कई इमरजेंसी मामलों में बिना डोनर के भी खून देना पड़ता है। साथ ही एक ब्लड स्टोरेज यूनिट को भी इसी ब्लड बैंक से खून की सप्लाई की गई। इन सभी कारणों से धीरे-धीरे A पॉजिटिव और AB पॉजिटिव ब्लड ग्रुप के स्टॉक में कमी आती गई। डॉक्टरों और स्टाफ ने खुद शुरू की पहल इस कमी को दूर करने के लिए सबसे पहले ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग ने ही पहल करते हुए ब्लड डोनेशन कैंप लगाया। इसमें फैकल्टी मेंबर्स, डॉक्टरों, रेजिडेंट्स और विभाग के स्टाफ ने रक्तदान किया। अब समाज के अन्य लोगों से भी आगे आकर रक्तदान करने की अपील की जा रही है। जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर विभाग ने ब्लड डोनेशन करने में कोई समस्या होने पर संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 9453764078 जारी किया है। ……….. ये खबर भी पढ़ें… यूपी में सिलेंडर की किल्लत, एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें:बुकिंग के 4-5 दिन बाद भी नहीं मिल रही रसोई गैस, अफसर बोले- परेशान मत हों यूपी में रसोई गैस (LPG) की किल्लत हो गई है। लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई शहरों में बुकिंग के 4 से 5 दिन बाद सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। गैस एजेंसियों के बाहर लाइनें लगने लगी हैं। गोरखपुर में एजेंसी के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रहे लोगों ने कहा- 2–3 दिन से लाइन लगा रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि 15-20 साल पहले जैसे हालात हो गए हैं, जब गैस सिलेंडर के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ता था। पढ़िए पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    'लखनऊ एयरपोर्ट पर कदम पड़ा तो आई जान में जान':जेद्दा से लौटा परिवार, बोला- धमाकों के बीच 10 दिन कमरे में कैद रहे
    Next Article
    मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने छुड़ाया पसीना:दिन का पारा 35 डिग्री के करीब, 10 दिनों में तापमान 3.5 के करीब बढ़ा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment