Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कानपुर में 2 दिन बारिश का अलर्ट:17 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा, सर्द हवा ने सुबह-रात की ठंड बढ़ाई; पारा 9 डिग्री

    10 hours ago

    1

    0

    मौसम ने एक बार फिर करवट लेकर लोगों को एक ही दिन में सर्दी और गर्मी का एहसास कराया। बीते 24 घंटे के दौरान रात के तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, वहीं दिन का पारा 1.2 डिग्री बढ़ा है। सीएसए की ओर से जारी वेदर रिपोर्ट के अनुसार, न्यूनतम तापमान गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम है। इस गिरावट के कारण सुबह के समय घरों से निकलने वाले लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। 17 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। 17 और 18 फरवरी को बूंदाबांदी के आसार हैं। दिन में हुआ तपिश का एहसास वहीं, दिन का मिजाज बिल्कुल उलट रहा। दोपहर में तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.0 डिग्री अधिक है। फरवरी के अंत तक ठंड का असर खत्म होगा फरवरी महीने में तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। वसंत आने के साथ ठंड का असर भी कम होने लगता है। मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक, फरवरी में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। लेकिन, यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं। बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान में कुछ समय के लिए गिरावट भी देखने को मिल सकती है। इसके बावजूद फरवरी के अंत तक यूपी से ठंड पूरी तरह विदा हो जाएगी। खेती-किसानी के लिए कैसा रहेगा फरवरी बीएचयू के कृषि विभाग के वैज्ञानिक प्रो. पीके सिंह के मुताबिक, गेहूं की फसल के लिए फरवरी का मौसम सामान्य रूप से अनुकूल माना जा रहा। हालांकि, दलहनी फसलों के लिए मौसम अनुकूल नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पीके सिंह कहते हैं- बारिश और ओलावृष्टि होने पर गेहूं की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। जबकि, दलहनी और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहेगा। वहीं, बारिश के बाद अगर पाला पड़ता है, तो इसका असर खासतौर पर आलू और मटर की फसलों पर पड़ सकता है। इससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    आगरा में कांग्रेस कमेटी ने निकाली मनरेगा बचाओ पदयात्रा:बोले- भुगतान में देरी, जटिल प्रक्रियाओं के जरिए मनरेगा को किया जा रहा कमजोर
    Next Article
    पांडेश्वर नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर विशेष श्रृंगार:50 किलो गेंदा, गुलाब और गुलदाब्दी के फूलों से सजेगा शिवलिंग

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment