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    कानपुर में सांपों से शिवलिंग का श्रृंगार, VIDEO:200 साल पुराना मंदिर, मान्यता- दिन में 3 बार रंग बदलता है शिवलिंग

    10 hours ago

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    कानपुर के नंदेश्वर मंदिर में सांपों से शिवलिंग का श्रृंगार किया गया। पहले शिवलिंग को फूलों और बेलपत्रों से सजाया गया। इसके बाद 10 सांपों से श्रृंगार किया गया। फिर दूर-दूर से आए हजारों भक्तों ने महादेव की पूजा-अर्चना की। खास बात यह है कि इसके लिए सांपों को कई दिन पहले एक सपेरा पकड़ता है। श्रृंगार वाले दिन वह सांपों को लेकर मंदिर आता है। पूजा-अर्चना के बाद सांपों को वापस जंगल में छोड़ दिया जाता है। यह परंपरा 27 वर्षों से निरंतर निभाई जा रही है। हर साल महाशिवरात्रि के तीसरे दिन यह श्रृंगार किया जाता है। 3 तस्वीरें देखिए… ‘शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है’ हाथीगांव में स्थित यह मंदिर करीब 200 साल पुराना है। मंदिर समिति से जुड़े नरेंद्र सिंह बताते हैं कि शिव मंदिर जो अर्धनारीश्वर शिवलिंग है, वह दिन में तीन बार रंग बदलता है। सुबह इसका रंग ब्राउन दिखाई देता है, दोपहर में चमकदार हो जाता है। सूर्यास्त के समय इसकी आभा हल्की पड़ जाती है। श्रद्धालु इसे दिव्य चमत्कार मानते हैं। महाशिवरात्रि से पहले सपेरे जंगलों से सांप पकड़कर लाते हैं। विशेष पूजा-अर्चना के बाद इन सांपों से भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप का श्रृंगार किया जाता है। सपेरे जंगल से सांपों को पकड़कर लाते हैं कन्नौज के रहने वाले सपेरा रामपाल नाथ का कहना है कि श्रृंगार के दौरान शिवलिंग को बेलपत्र और पुष्पों से सजाया जाता है। नागों को शिव परिवार के पास स्वतंत्र रूप से विचरण करने दिया जाता है। यह अद्भुत और रोमांचक दृश्य देखने के लिए भक्तों की भारी भीड़ रहती है। पूजा संपन्न होने के बाद सभी सांपों को सुरक्षित फिर से जंगल में छोड़ दिया जाता है। इससे प्रकृति और जीवों के प्रति सम्मान की भावना भी झलकती है। ‘किसान ने जीभ काटकर चढ़ा दी थी’ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष हरिपाल यादव ने बताया- महाशिवरात्रि के तीसरे दिन हाथीगांव के रहने वाले किसान लाला से जुड़ी मान्यता प्रचलित है। कहा जाता है कि किसान लाला ने अपनी जुबान (जीभ) काट कर शिवलिंग पर चढ़ा दी थी। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इसके बाद से स्वयंभू शिवलिंग पर जीवित सांपों से श्रृंगार की परंपरा शुरू हुई। तब से लोगों का मानना है कि भगवान भोलेनाथ के अभिन्न अंग सर्प, बिच्छू आदि जीव-जंतुओं के माध्यम से शिव आराधना की जाती है। भक्त अकांक्षा गुप्ता ने बताया- यह प्राचीन शिवालय महाशिवरात्रि पर आस्था का केंद्र बन जाता है। दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु सच्चे मन से प्रार्थना करते हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर कांवड़ चढ़ाते हैं और पैदल परिक्रमा करते हैं। हम बचपन से यह पंरपरा देखते आ रहे हैं। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… भाजयुमो के पूर्व उपाध्यक्ष पर चाकू से हमला, VIDEO:कानपुर में आरोपियों ने पीठ में मारी गोली, बजरंगदल का पूर्व नगर संयोजक अरेस्ट कानपुर में पुरानी रंजिश में भाजयुमों के पूर्व जिला उपाध्यक्ष पर चाकू से ताबड़तोड़ 7 से अधिक वार किए। इसके बाद गोली मार दी गई। मरा समझकर सभी आरोपी भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हैलेट में भर्ती कराया गया। जहां हालत गंभीर बनी है। पढ़िए पूरी खबर
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