Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    किसान महासभा का धरना समाप्त:रघुनाथपुर पंप नहर को शारदा नहर से नहीं जोड़ा गया, हजारों बीघा जमीन को नहीं मिला पानी

    5 hours ago

    1

    0

    रायबरेली में किसानों का दो दिवसीय धरना प्रदर्शन समाप्त हो गया है। अखिल भारतीय किसान महासभा ने अपनी दो सूत्री मांगों को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। भाकपा (माले) राज्य कमेटी सदस्य विजय विद्रोही ने बताया कि इलाके के किसान लंबे समय से सई रघुनाथपुर पंप नहर को शारदा नहर से जोड़कर सिंचाई के लिए पानी की अबाध उपलब्धता की मांग कर रहे हैं। उनकी इस जायज मांग को लगातार अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हजारों बीघा जमीन असिंचित रह गई है, जिससे किसानों के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है। लघु डाल खंड लखनऊ के सहायक अभियंता ने 2022 में ही अपनी एक रिपोर्ट में जलापूर्ति कर पाने में असमर्थता जाहिर की थी। विद्रोही ने जोर दिया कि शारदा सहायक पोषक नहर से जोड़ने की प्रक्रिया में केवल ढांचे में बदलाव की जटिलता का बहाना बनाने के बजाय, प्रभावित किसानों को पानी उपलब्ध कराने की इच्छा से योजना बनाई जानी चाहिए। अखिल भारतीय किसान महासभा के राही ब्लॉक सचिव नईम ने बताया कि शारदा सहायक पोषक नहर से निकलने वाली हेड भाव माइनर अपने पूरे क्षेत्र के 20% कृषि क्षेत्र को भी पानी नहीं दे पा रही है। इससे कुचरिया, झकरासी, भदोखर जैसे गांवों में सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि असिंचित रह जाती है। उन्होंने कहा कि इन दोनों नहरों के परिक्षेत्र में हजारों हेक्टेयर भूमि दशकों से पानी के संकट से जूझ रही है, लेकिन राजनेताओं और नौकरशाही को चारों तरफ हरियाली ही दिखाई देती है। खेग्रामस जिला संयोजक उदय राज यादव ने कहा कि वर्षों से विभिन्न स्तरों पर पत्राचार के बावजूद समस्या के समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने मांग की कि विशेषज्ञों द्वारा एक नई योजना बनाई जाए, जिसमें सई पंप नहर और शारदा सहायक पोषक नहर की हेड भाव माइनर के दायरे के प्रभावित क्षेत्रों को शारदा सहायक पोषक नहर से जोड़ा जा सके। लखनऊ, सिंचाई खंड रायबरेली, जिला प्रशासन, किसान महासभा की बहुपक्षीय कमेटी गठित कर 15 दिन में रिपोर्ट तैयार कर 30 दिन में कियान्वयन न किया गया तो और बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। बाद में 2 सूत्रीय मांग पत्र दिया गया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    उन्नाव में मजदूर की मौत, कमरे में मिला शव:बन्द पड़ी फैक्ट्री में हादसा, गड्‌ढा खुदाई का करते थे काम
    Next Article
    ग्रेटर नोएडा में 50 लाख की अवैध शराब पकड़ी:हरियाणा से बिहार ले जाई जा रही थी खेप, दादरी टोल प्लाजा के पास पकड़ी गई

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment