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    किसान नेता दिग्विजय भाटी का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल:एसएसपी अविनाश पांडे, इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ पर थर्ड डिग्री का आरोप, 19 अगस्त की घटना

    11 hours ago

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    मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय के ट्रांसफर आर्डर के कुछ देर बाद ही ललिता गौतम हत्याकांड में जेल भेजे गए किसान नेता दिग्विजय भाटी के अचानक वायरल हुए एक वीडियो ने सनसनी फैला दी है। वीडियो में दिग्विजय भाटी चोटिल दिखाई दे रहे हैं। उनकी एक आंख बेहद बुरी तरह सूजी और बंद है। आरोप है कि उनका यह हाल एसएसपी अविनाश पांडेय और सिविल लाइन इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ के द्वारा किया गया है। वह दो दिन पहले उनसे मिलने पहुंचे थे। उसी दौरान उनके साथ बर्बर मारपीट की गई। पहले एसएसपी आफिस के अंदर ही कमरे में ले जाकर जानवरों की तरह पीटा गया और फिर इंस्पेक्टर सिविल लाइन अखिलेश गौड़ ने एसओजी कार्यालय में ले जाकर गंभीर मारपीट की, जिसमें उनकी आंख से खून निकलने लगा। आधी रात को सपा विधायक अतुल प्रधान दिग्विजय भाटी व मोहित को लेने पुलिस लाइन पहुंचे। इस पूरे घटनाक्रम पर सपा विधायक अतुल प्रधान ने नाराजगी व्यक्त की है और बड़े आंदोलन के संकेत दिए हैं। ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध में मेरठ के जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर 8 जुलाई को जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान एसएसपी अविनाश पांडेय ने जाम लगा रहे लोगों पर ना केवल लाठीचार्ज कराया था बल्कि खुद भी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रवि गौतम के साथ गंभीर मारपीट की थी। इस पूरे मामले की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसके बाद एसएसपी मेरठ को खासी फजीहत का सामना करना पड़ा। दलित नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लखनऊ तक इस मामले की गूंज पहुंची, जिसके डेमेज कंट्रोल के लिए प्रभारी मंत्री असीम अरुण को भेजा गया। अभी मामला पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि शुक्रवार को अचानक सामने आए दिग्विजय भाटी के वीडियो ने फिर एक बार सनसनी फैला दी। दिग्विजय भाटी को उस मामले में जेल भेजा गया था। वीडियो जारी कर लगाए गंभीर आरोप सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो 4 मिनट 46 सेकेंड का है। भारतीय किसान यूनियन (अंबेडकर) के नेता दिग्विजय भाटी गंभीर चोटिल दिखाई पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने साथी व संगठन के जिलाध्यक्ष मोहित किनानगर के साथ 19 अगस्त को एसएसपी अविनाश पांडेय से पुलिस आफिस में मिलने पहुंचे थे। जिस वक्त वह पहुंचे, एसएसपी नहीं थे। लेकिन कुछ देर बाद ही वह आ गए। दिग्विजय भाटी का कहना है कि एसएसपी ने कुर्सी पर बैठते ही तेवर दिखाने शुरु कर दिए। अपशब्द भी बोलने शुरु कर दिए। आरोप है कि जैसे ही दिग्विजय भाटी ने आपत्ति की तो एसएसपी भड़क गए। दिग्विजय भाटी को जबरन खींचकर जनसुनवाई कक्ष के बराबर में बने कमरे में ले जाकर इतनी बुरी तरह पीटा गया कि उनकी आंख भी चोटिल हो गई। अपशब्द पर आपत्ति की तो भड़क गए दिग्विजय भाटी ने कहा कि वह ललिता गौतम मामले में एसएसपी से मिलने गए थे। क्योंकि वह उस आंदोलन में शामिल नहीं थे। इसके बावजूद एसएसपी अविनाश पांडेय ने उनकी एक नहीं सुनी। भद्दी भद्दी गाली देनी शुरु कर दी। एसएसपी बोले- 40 रुपये का कुर्ता पहनकर नेता बन जाते हैं। हमसे मुकाबला करेंगे। दिग्विजय का आरोप है कि उन्होंने गाली देने से मना किया तो एसएसपी ने आपा खो दिया और इंस्पेक्टर सिविल लाइन अखिलेश गौड़ को बुलाकर पहले अपने कार्यालय में लात-घूंसों से पीटा और फिर पुलिस लाइन एसओजी कार्यालय में ले जाकर थर्ड डिग्री दी। आंख से निकला खून तो डाक्टर बुलाया दिग्विजय भाटी ने बताया कि एसएसपी दफ्तर में जानवरों की तरह पीटने के बाद पुलिस उन्हें व मोहित को सिर पर कपड़ा बांधकर गाड़ी में डालकर ले गई। उन्हें नहीं पता था कि वह कहां लेकर जा रही है। वह एक बड़े कमरे में पहुंचे, जहां उनके साथ इंस्पेक्टर सिविल लाइन अखिलेश गौड़ ने दोबारा मारपीट की। बुरी तरह जमीन पर गिरा गिराकर पीटा गया। इसी दौरान जूते की नोक उनकी आंख में लगी और आंख से खून निकलना शुरु हो गया। दिग्विजय का आरोप है कि उनके दोनों हाथ जमीन पर रखवाए और लाठी व फट्टे से पीटा। चार से पांच पुलिसकर्मी जितनी दरिंदगी कर सकते थे, की गई। एसओजी दफ्तर में दी थर्ड डिग्री दिग्विजय भाटी ने बताया कि एसओजी दफ्तर में अखिलेश गौड़ अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। वहां ले जाकर चार से पांच युवकों ने लात घूंसों से पीटना शुरु कर दिया। वह चिल्लाते रहे, मारने का कारण पूछते रहे लेकिन किसी ने नहीं सुनी। मारते मारते थक गए तो कुछ देर बैठे और फिर दोबारा पीटना शुरु कर दिया। लाठी डंडों से इतनी बुरी तरह पीटा कि पूरा शरीर सूज गया। खड़े होने की स्थिति नहीं रही तो पैर रस्सी से लटका दिए और पैर के तलवों में डंडे ही डंडे बजाए। कई घंटे तक यातनाएं दी गई। पानी मांगने पर बोतल के ढक्कर में पानी दिया गया। सपा विधायक ने दी आंदोलन की चेतावनी पूरे घटनाक्रम पर सपा विधायक अतुल प्रधान ने नाराजगी जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दे डाली है। उन्होंने बताया कि वह ही दिग्विजय भाटी व मोहित जाटव को सिविल लाइन थाने से छुड़ाकर लाए थे। दोनों के हालात साफ बयां कर रहे हैं कि उनके साथ जानवरों जैसा सलूक किया गया है। एसएसपी ने निजी खुन्नस निकाली है। वह जान चुके थे कि उनका ट्रांसफर हो रहा है। इसलिए जाते जाते उन्होंने यह बदले की नीयत से कृत्य किया है। इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इस कृत्य के बाद लोगों का खाकी से विश्वास उठ गया है।
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