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    चंदौली के भरदुआ गांव में सन्नाटा:सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटवाते समय बिगड़ा था माहौल, फर्जी केस का डर

    11 hours ago

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    चंदौली जिले के चकरघट्टा थानाक्षेत्र स्थित भरदुआ गांव में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस कार्रवाई के डर से कई परिवारों ने अपने घरों में ताला लगाकर गांव छोड़ दिया है। ग्रामीणों में भय का माहौल है कि पुलिस उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकती है या फर्जी मुकदमे दर्ज कर सकती है। यह स्थिति 19 अगस्त की एक घटना के बाद बनी है। दरअसल, 19 अगस्त को वन विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम भरदुआ गांव पहुंची थी। सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटवाने का प्रयास किया। लेकिन वनवासियों ने इसका विरोध किया। इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर दिया। बाद में हालात बिगड़ने के बाद सात थानों की पुलिस के साथ एसपी आकाश पटेल मौके पर पहुंच गए। इस मामले में 20 नामजद तथा 80 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हैं। दो विजुअल देखिए कृष्ण कुमार गोंड बोले- पुलिस ने अपनाया था आक्रामक रुख विशेषरपुर के कृष्ण कुमार गोंड ने बताया कि उस दिन पुलिस ने आक्रामक रुख अपनाया था। जब वनवासियों और आदिवासियों ने विरोध किया, तो मौके पर तनाव बढ़ गया। इसके बाद पुलिस पर पुरुषों और महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगा है। भरदुआ की इंद्रावती देवी ने बताया कि घटना के बाद से अधिकांश लोग अपने परिवारों के साथ गांव छोड़ चुके हैं। ग्रामीणों को डर है कि पुलिस उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेज सकती है। इसी गांव की रिनू देवी ने बताया कि घटना के बाद पुलिसकर्मी गांव आए और उनका ट्रैक्टर जबरदस्ती थाने ले गए। उन्होंने कहा कि उनका कोई कसूर नहीं है, फिर भी पुलिस उन्हें जानबूझकर परेशान कर रही है। संजय कुमार ने बताया कि उनके गांव में बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है। कभी चहल-पहल से गुलजार रहने वाले भरदुआ गांव में अब केवल पुलिसकर्मियों के बूटों की आवाज ही सुनाई देती है। ग्रामीणों की आंखों में भय और माथे पर चिंता साफ देखी जा सकती है।
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