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    KCC लोन में रिश्वत लेने पर बैंक अफसर दोषी:दो बैंक अफसरों समेत 3 को 4-5 साल की सजा; 6 हजार रुपए मांगे थे

    3 hours ago

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    किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC लोन के लिए रिश्वत मांगने वाले दो बैंक अधिकारियों समेत तीन लोगों को लखनऊ की CBI अदालत ने दोषी ठहराया है। कोर्ट ने दो अलग-अलग रिश्वत मामलों में आरोपियों को चार से पांच साल तक की कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोनों मामलों में रिश्वत लेते हुए आरोपी CBI के ट्रैप में पकड़े गए थे। पहली किस्त जारी करने के लिए मांगे थे 6 हजार पहला मामला सुल्तानपुर के हरिहरपुर स्थित बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा का है। तत्कालीन ब्रांच मैनेजर राकेश चंद्र ठाकुर पर आरोप था कि उन्होंने किसान से 4.25 लाख रुपए के KCC लोन की पहली किस्त जारी करने के बदले 6 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद CBI ने 12 मार्च 2018 को केस दर्ज किया। इसके बाद जाल बिछाकर आरोपी ब्रांच मैनेजर को शिकायतकर्ता से 6 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। जांच पूरी होने के बाद CBI ने 10 मई 2018 को चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने 21 दिसंबर 2020 को आरोप तय किए थे। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद स्पेशल जज, एंटी करप्शन, CBI कोर्ट नंबर-6, लखनऊ ने 25 अगस्त 2026 को राकेश चंद्र ठाकुर को दोषी ठहराते हुए 5 साल की कठोर कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। KCC लोन प्रोसेस कराने के नाम पर मांगे 15 हजार दूसरा मामला महाराजगंज के परतावल बाजार स्थित पूर्वांचल बैंक की शाखा का है। तत्कालीन असिस्टेंट मैनेजर रवि कुमार गुप्ता पर KCC लोन प्रोसेस कराने के बदले 15 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप था। CBI ने 11 अगस्त 2016 को शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया। आरोप था कि रवि कुमार गुप्ता ने रिश्वत की रकम अपने लिए एक निजी व्यक्ति इंद्रजीत सिंह उर्फ बाबू साहब के जरिए मांगी। बाद में दोनों ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपए स्वीकार किए। 10 हजार लेते दोनों को CBI ने पकड़ा CBI ने ट्रैप कार्रवाई के दौरान रवि कुमार गुप्ता और निजी व्यक्ति इंद्रजीत सिंह को 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। जांच पूरी होने के बाद CBI ने 30 सितंबर 2016 को दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। 27 मार्च 2019 को दोनों के खिलाफ आरोप तय किए गए। इस मामले में स्पेशल जज, CBI (वेस्ट), लखनऊ की अदालत ने 25 अगस्त 2026 को दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। रवि कुमार गुप्ता और इंद्रजीत सिंह को चार-चार साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। दोनों पर 40-40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
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