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    KGMU लव जिहाद आरोपी डॉ. रमीज के PFI कनेक्शन:नए मोबाइल के डेटा से हुई जानकारी, पुराने फोन को डेटा रिकवरी के लिए भेजा

    4 hours ago

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    KGMU लव जिहाद और धर्मांतरण मामले में आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन उर्फ रमीज की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के हाथ बड़ी जानकारी लगी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डॉ. रमीज के मोबाइल और डिजिटल सबूतों से पता चला है कि उसके तार प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी डॉक्टर रमीज की गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक नया मोबाइल बरामद किया गया। मोबाइल की शुरुआती जांच में कई ऐसी जानकारियां सामने आई हैं, जिन्हें केस के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। मोबाइल में मौजूद चैट, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल डेटा से डॉ. रमीज की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी मिली है। पुराना फोन भी मिला, डेटा डिलीट होने का खुलासा जांच के दौरान डॉ. रमीज का पुराना मोबाइल भी पुलिस के हाथ लगा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पुराने फोन से जानबूझकर डेटा डिलीट किया गया था। आशंका जताई जा रही है कि फरारी के दौरान डॉ. रमीज ने अपने संपर्कों और गतिविधियों के सबूत मिटाने की कोशिश की। फॉरेंसिक जांच में भेजा गया डिलीट डेटा डिलीट किए गए डेटा को रिकवर कराने के लिए पुलिस ने मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। रिकवर होने वाला डेटा पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है। पुलिस को उम्मीद है कि इससे साजिश में शामिल अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। फरारी के दौरान PFI से संपर्क में रहा रमीज सूत्रों के मुताबिक, फरारी के दौरान आरोपी डॉ. रमीज का संपर्क PFI के कई पदाधिकारियों से लगातार बना हुआ था। मोबाइल डेटा की जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि रमीज ने PFI से न केवल संपर्क किया, बल्कि कानूनी मदद लेने की भी कोशिश की थी। पुलिस को मोबाइल से चैट और कॉल रिकॉर्ड जैसे ठोस डिजिटल सबूत मिले हैं, जो PFI से संपर्क की ओर इशारा करते हैं। इन रिकॉर्ड्स के आधार पर अब जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही है कि रमीज को किस स्तर पर मदद मिली। क्या यह पूरा मामला किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा है? जांच का दायरा बढ़ा डॉ. रमीज के मोबाइल से मिले इन सुरागों के बाद लखनऊ पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब यह मामला केवल KGMU छात्रा से जुड़े आरोपों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके पीछे संभावित संगठित साजिश की भी गहन जांच की जा रही है। पढ़िए क्या है पूरा मामला... पीड़ित महिला डॉक्टर ने सुसाइड की कोशिश की, तब सामने आया मामला पीड़ित महिला डॉक्टर KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रही है। 17 दिसंबर को उसने दवा की ओवरडोज लेकर सुसाइड की कोशिश की। उसे गंभीर हालत में KGMU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। 19 दिसंबर को उसे डिस्चार्ज किया गया। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रहे डॉ. रमीज ने बेटी को लव जिहाद में फंसाया। उस पर शादी करने के लिए इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। जबकि, वह पहले से शादीशुदा है। फरवरी में वह हिंदू लड़की का धर्मांतरण कराकर उससे शादी कर चुका है। मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग में शिकायत की पीड़ित के पिता ने मामले की राज्य महिला आयोग और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी। इसके बाद 22 दिसंबर को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पीड़ित के साथ प्रेस वार्ता करके कार्रवाई का आश्वासन दिया। 24 दिसंबर को विशाखा कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद KGMU प्रशासन ने डॉ. रमीज को सस्पेंड करके परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दिया। आरोपी के खिलाफ के FIR भी दर्ज हो गई। 26 दिसंबर को कुलपति ने KGMU में कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई। आरोपी डॉ. के मां-बाप की संलिप्तता पाई गई है। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
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