Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    खामेनेई के गुरु खुमैनी का यूपी कनेक्शन:बाराबंकी में आज भी रहते हैं वंशज, लोग बोले- सुप्रीम-लीडर की शहादत अपूरणीय क्षति

    7 hours ago

    1

    0

    ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों के बाद उत्तर प्रदेश का बाराबंकी जिला चर्चा में आ गया है। खामेनेई के गुरु रूहोल्लाह खुमैनी के पूर्वज बाराबंकी के किंटूर गांव से जुड़े बताए जाते हैं। स्थानीय लोग दावा करते हैं कि ईरान की 1979 की इस्लामी क्रांति में इस गांव के वंशजों की भागीदारी रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाराबंकी के लोग नवाबों के साथ ईरान की धार्मिक यात्राओं में शामिल होते थे। इस्लामिक क्रांति के प्रमुख नेता रूहोल्लाह खुमैनी के दादा सैयद अहमद मुसावी 18वीं–19वीं शताब्दी के दौरान बाराबंकी के किंटूर गांव में रहते थे। खामेनेई की मौत की खबर को गांव में रहने वाले खुमैनी के वंशज सैय्यद निहाल मियां ने दुखद बताया। कहा- खामेनेई का सरोकार मजहब और मिल्लत से ऊपर उठकर इंसानियत से था। वहीं, डॉ. रेहान काजमी ने इसे शहादत बताते हुए अपूरणीय क्षति बताया। खामेनेई के गुरु खुमैनी का भारतीय संबंध ईरान की इस्लामिक क्रांति के सूत्रधार रूहोल्लाह खुमैनी के दादा सैयद अहमद मुसावी का जन्म 19वीं सदी की शुरुआत में बाराबंकी के किंटूर गांव में हुआ था। यह गांव शिया इस्लामी शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता रहा है। शिक्षा पूरी करने के बाद 1830 में सैयद अहमद मुसावी ब्रिटिश भारत से इराक के नजफ शहर की धार्मिक यात्रा पर गए। बाद में वे नजफ और फिर ईरान के खुमैन शहर में बस गए। अपनी भारतीय पहचान बनाए रखने के लिए उन्होंने अपने नाम के साथ ‘हिंदी’ शब्द जोड़ा। ईरानी अभिलेखों में आज भी ‘मुसावी हिंदी’ नाम दर्ज बताया जाता है। उन्होंने ईरान में घर खरीदा और सकीनेह से विवाह किया। उनके तीन बेटियां और एक बेटा हुआ। उनके वंशजों में आगे चलकर रूहोल्लाह खुमैनी का जन्म हुआ। ईरान में धार्मिक प्रभाव और विरासत मुसावी परिवार शिया इस्लाम के सातवें इमाम इमाम मूसा अल-काज़िम के वंशज माने जाते थे और धार्मिक नेतृत्व के लिए सम्मानित थे। 1869 में कर्बला में सैयद अहमद मुसावी का निधन हो गया, लेकिन उनकी विचारधारा उनके वंशजों को प्रभावित करती रही। 1979 की ईरानी क्रांति 1979 में रूहोल्लाह खुमैनी के नेतृत्व में ईरान में क्रांति हुई, जिसने शाह की सत्ता समाप्त कर देश को इस्लामी गणराज्य में बदल दिया। इसके बाद खुमैनी ईरान के सर्वोच्च नेता बने। सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बावजूद खुमैनी सादा जीवन जीते थे। वे एक छोटे एक-मंजिला घर में रहते थे और निजी उपयोग के लिए सार्वजनिक धन लेने से इनकार करते थे। अली खामेनेई का उदय अयातुल्ला अली खामेनेई का जन्म 17 जुलाई 1939 को मशहद में हुआ था। वे खुमैनी के विचारों से प्रभावित होकर क्रांति में शामिल हुए और उनके करीबी सहयोगी बने। 1989 में खुमैनी की मृत्यु के बाद खामेनेई ईरान के सुप्रीम लीडर बने। हालांकि उनका भारत से सीधा संबंध नहीं रहा, लेकिन उनके गुरु के पूर्वज भारत से जुड़े थे। किंटूर गांव का महत्व बाराबंकी का किंटूर गांव छोटा होने के बावजूद ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां से सैयद अहमद मुसावी ईरान पहुंचे और उनकी विचारधारा ने आगे चलकर ईरान के इतिहास को प्रभावित किया। गांव के कुछ शिया परिवार आज भी अपने पूर्वजों के ईरान से संबंध का उल्लेख करते हैं। 70 वर्षीय सैयद निहाल काजमी का दावा है कि उनके परदादा मुफ्ती मोहम्मद कुली मुसावी और सैयद अहमद मुसावी चचेरे भाई थे। -------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- अमेरिका-इजराइल हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत:बेटी-दामाद, बहू-पोती भी मारी गईं; ईरान की सेना बोली- थोड़ी देर में सबसे खतरनाक हमला करेंगे अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरान की मीडिया तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने इसकी पुष्टि की है। हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू भी मारे गए हैं। ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा की गई है। पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    युद्ध के बीच फंसे यूपी के हजारों लोग:बंकर में छिपकर जान बचा रहे, बोले- लगातार धमाके हो रहे, भगवान ही बचाएं
    Next Article
    होली मनाने घर जा रहे लड़के-लड़की की मौत:उन्नाव में डंपर ने स्कूटी को मारी टक्कर, दोनों पहिए में फंसकर घिसटते रहे

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment