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    खून के बदले VIP-दर्शन…देश में ऐसा पहला सिस्टम:ओंकारेश्वर में खास दर्शन के लिए व्यवस्था; उज्जैन के महाकाल समेत धार्मिक स्थलों पर भी ऐसा होगा

    11 hours ago

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    ‘26 जून 2026। राजस्थान के अजमेर से सिमरन लखानी ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए परिवार समेत पहुंची हैं। उमस भरी गर्मी में लाइन में लगी हैं। कतार बहुत लंबी है। बीच-बीच में पूजा की थाली अपने परिजन को देकर रुमाल से चेहरा साफ और उसी से हवा भी कर रही हैं। इतने में तीन लोग VIP गेट से दर्शन के लिए जाते दिखे। उन्होंने पास ही खड़े मंदिर के सेवादार से तंज भरे लिहाज से कहा- ये लोग बिना लाइन लगे दर्शन को जा रहे हैं। सेवादार कहते हैं- आप भी इन्हीं की तरह दर्शन कर सकती हैं। आपको महादान करना होगा, वो है रक्तदान। यह सुनते ही सिमरन अपने परिवार के साथ लाइन से निकल VIP दर्शन के लिए रक्तदान करने पहुंच गईं।’ मध्यप्रदेश के ज्योतिर्लिंग खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में VIP दर्शन के लिए नई स्कीम लागू की है। ऐसा करने वाला यह देश का पहला ज्योतिर्लिंग है। इससे न केवल अस्पतालों में ब्लड का संकट कम हुआ है, बल्कि जिला अस्पताल का ब्लड बैंक सरप्लस स्टॉक में आ गया है। जिला ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. अतुल माने कहते हैं- एक ओर श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर, उनका रक्त किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान बन रहा है। रोजाना करीब 40 से 50 यूनिट ब्लड इकट्‌ठा किया जा रहा है। इसी साल फरवरी महीने से 27 जून तक 2300 यूनिट ब्लड डोनेट किया जा चुका है। अब यह व्यवस्था उज्जैन के महाकाल, मैहर, दतिया के पीताम्बरा पीठ समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर लागू किया जाएगी। आइडिया– रक्तदान को शीघ्र दर्शन से जोड़ा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि ओंकारेश्वर में रोजाना करीब 20 से 30 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। शनिवार–रविवार और सोमवार को यह संख्या 50 हजार से ज्यादा पहुंच जाती हैं। दर्शन के लिए लंबी कतार लगती है। इसी को देखते हुए ऐसा मॉडल तैयार किया, जिसमें रक्तदान जैसे महादान को शीघ्र दर्शन से जोड़ा गया। रक्तदान करने वाले श्रद्धालुओं को भगवान ओंकारेश्वर के नि:शुल्क वीआईपी दर्शन की सुविधा देने की योजना बनाई गई। कलेक्टर कहते हैं- रक्तदान करने वाले और उनके दो साथियों को भगवान ओंकारेश्वर के निशुल्क VIP दर्शन का अवसर भी मिल रहा है। खंडवा समेत आसपास के जिलों के मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो रहा है। कलेक्टर का कहना है- श्रद्धालु महज 20 मिनट में ब्लड डोनेट करके 3 से 4 घंटे लंबी लाइन से बच सकते हैं। इसके लिए मंदिर के पास में ही ब्लड डोनेशन के लिए पांच बेड वाला कैंप बनाया गया है। इसके बाद सर्टिफिकेट मिलने से डोनर और उनके परिवार को मंदिर में वीआईपी एंट्री मिल जाती है। दर्शन के बाद प्रसाद और भगवान ओंकारेश्वर की तस्वीर भी दी जाती है। पांच महीने में 2,362 श्रद्धालु कर चुके रक्तदान योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2026 को ट्रायल के तौर पर ओंकार प्रसादालय से सप्ताह में केवल मंगलवार और शनिवार को की गई थी। पॉजिटिव रिस्पॉन्स के बाद इसे रोजाना संचालित किया जाने लगा। वर्तमान में यह व्यवस्था शांति निकेतन वृद्धाश्रम से चल रही है। पिछले पांच महीने में अब तक 2,362 श्रद्धालु रक्तदान कर चुके हैं। वॉट्सऐप ग्रुप पर रहते हैं अपडेट को–ऑर्डिनेशन के लिए प्रदेशभर के जिला ब्लड बैंक का वॉट्सऐप ग्रुप बना है। जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की डिप्टी डायरेक्टर रूबी खान संबंधित जिले को रक्त उपलब्ध कराने के निर्देश जारी करती हैं। डॉ. माने के अनुसार प्रदेशभर के धार्मिक स्थल जैसे–उज्जैन के महाकाल, मैहर, ओरछा, दतिया पीताम्बरा पीठ समेत अन्य जगह यह व्यवस्था लागू की जाएगी। वर्तमान में VIP दर्शन व्यवस्था मंदिर में रोजाना सामान्य दर्शन के लिए तीन से चार घंटे लगते हैं। वहीं, वीआईपी दर्शन के लिए 300 रुपए की रसीद कटवानी होती है। इसमें आधे घंटे का समय लगता है। करीब 4 हजार श्रद्धालु शुल्क देकर शीघ्र (वीआईपी) दर्शन करते हैं। वहीं, रक्तदान योजना के तहत रोजाना करीब 50 श्रद्धालु अपने दो साथियों के साथ नि:शुल्क वीआईपी दर्शन करते हैं। यानी रोज करीब 150 श्रद्धालु इस योजना के तहत दर्शन कर रहे हैं। अन्य प्रोटोकॉल, अधिकारी और विशेष श्रेणी के करीब 200 लोगों के दर्शन की अलग व्यवस्था है। अलग ब्लड बैंक बनाने पर विचार डॉ. माने ने बताया कि रक्तदान के बाद सभी यूनिट्स को प्रतिदिन विशेष फ्रीजर में रखा जाता है। एक-दो दिन में वैन की मदद से खंडवा जिला चिकित्सालय स्थित जिला ब्लड बैंक ले जाया जाता है। खंडवा में मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद यहां हर महीने 1,200 यूनिट ब्लड की जरूरत थी, लेकिन इसका आधा ही पूरा हो पाता था। इस मॉडल ने ब्लड का सरप्लस स्टॉक जमा करने में बड़ी भूमिका निभाई है। मेडिकल कॉलेज में बढ़ते ब्लड स्टॉक रखने के लिए अलग ब्लड बैंक सुविधा की योजना पर काम चल रहा है। जिला ब्लड बैंक की क्षमता 450 यूनिट डॉ. माने के अनुसार जिला ब्लड बैंक की स्टोर क्षमता करीब 450 यूनिट है, जबकि जरूरत 80 से 100 यूनिट है। ब्लड बैंक के माध्यम से जिला चिकित्सालय समेत अन्य जगह ब्लड भेजा जाता है। जिन यूनिटों की एक्सपायरी नजदीक होती है, उन्हें पहले उपयोग (First Expiry, First Out) के सिद्धांत पर जारी किया जाता है, ताकि रक्त व्यर्थ न जाए। यहां से आसपास के जिला चिकित्सालय जैसे– बैतूल, बड़वानी, बुरहानपुर, हरदा और खरगोन समेत विभिन्न जिलों को रक्त उपलब्ध कराया जाता है। रक्त अधिकृत मांग (इंडेंट) और रिप्लेसमेंट/रसीद (Receipt) के आधार पर दिया जाता है। संबंधित केंद्र की आवश्यकता, स्टॉक और विभागीय अनुमति के अनुसार रक्त जारी किया जाता है। घर बैठे मिलेगा लड्डू महाप्रसाद दूसरी बड़ी पहल ये है कि बाबा ओंकार का लड्डू महाप्रसाद घर बैठे मिलेगा। भारतीय डाक विभाग के माध्यम से प्रसाद देशभर में भेजा जाएगा। श्रद्धालु मंदिर की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग करेंगे। प्रसाद के साथ शिव चालीसा, रुद्राक्ष और मंदिर दर्शन कार्ड भी निःशुल्क भेजा जाएगा। मंदिर परिसर में डाक विभाग का अलग काउंटर भी शुरू किया जा रहा है।
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