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    LKG-छात्र का 22 घंटे बाद भी पता नहीं चल सका:प्रयागराज में मां रोते हुए बोली- मेरा बच्चा भूखा होगा; स्कूल वैन से उतरते ही हुआ किडनैप

    21 hours ago

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    प्रयागराज में किडनैप हुए एलकेजी के छात्र प्रतीक शर्मा (6) का 22 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। शनिवार को स्कूल वैन से उतरते समय कार सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े उसका अपहरण कर लिया था। सरेराह हुई इस वारदात के बाद क्राइम ब्रांच और एसओजी समेत कई टीमें लगातार किडनैपर्स की तलाश में लगी हैं, लेकिन 22 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। उधर, मासूम के घरवालों का सब्र अब टूटने लगा है। मां आरती शर्मा घर के दरवाजे पर टकटकी लगाए बैठी हैं। रोते-रोते उनकी आंखों के आंसू भी सूखने लगे हैं। वह मोबाइल में बेटे प्रतीक की फोटो बार-बार देखती हैं और आने-जाने वालों से कहती हैं- “कोई मेरा बेटा वापस ले आओ… वो भूखा होगा।” परिजन का हाल बेहाल है। अपहरण के बाद से घर में चूल्हा तक नहीं जला है। पड़ोसी और रिश्तेदार जबरन चाय-नाश्ता लाकर दे रहे हैं। अनहोनी की आशंका से पूरा परिवार गमगीन है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रातभर छापेमारी की गई। मांडा, मेजा, कोरांव और नैनी समेत आसपास के इलाकों के कई संदिग्ध बदमाशों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शनिवार देर रात मां आरती शर्मा की तहरीर पर मांडा थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। 3 तस्वीरें देखिए… स्कूल वैन से आता-जाता था मासूम मांडा के सराय कला गांव का रहने वाला प्रतीक शर्मा (6) रामनगर में सोनार का तारा स्थित स्कूल में LKG में पढ़ता है। दादा नागेश्वर प्रसाद ने बताया- प्रतीक रोज की भांति शनिवार को भी स्कूल गया था। स्कूल गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर है। बच्चा स्कूल वैन से आता-जाता था। सफेद रंग की ऑल्टो कार से आए बदमाश दादा ने बताया- रोज की तरह शनिवार को भी शाम चार बजे उसे स्कूल वैन छोड़ने गांव में आई। पहले की तरह घर से करीब 150 मीटर दूर वह वैन से उतरा। मैं वहां पहुंच ही रहा था कि 20 कदम की दूरी पर एक कार रुकी। उसमें बैठे लोगों ने मुझसे जेवनियां गांव जाने का रास्ता पूछा। मैं उनको रास्ता बता रहा था कि प्रतीक के वैन से नीचे उतरते ही वे लोग उसे खींचकर कार में बैठा लिए और भाग गए। उन्होंने बताया- कार की नंबर प्लेट टूटी थी। इस वजह से नंबर दिखा नहीं। मैंने शोर मचाया, कार के पीछे भागा भी। लेकिन कुछ नहीं कर पाया। मैं बदहवास होकर जमीन पर गिर गया। मैंने दोनों बदमाशों को पहले कभी नहीं देखा है। बच्चे के पापा मुंबई में सिक्योरिटी गार्ड प्रतीक के पिता ओम प्रकाश शर्मा मुंबई के एक अपार्टमेंट में सिक्योरिटी गार्ड हैं। गांव में उनकी पत्नी, दो बच्चों के अलावा उनके पिता नागेश्वर रहते हैं। ओम प्रकाश के दो बच्चों में 6 साल का प्रतीक बड़ा है। उससे छोटी एक बेटी है, जो तीन साल की है। उधर, पिता ओम प्रकाश को मुंबई में जब बेटे के अपहरण की सूचना दी गई, तो वह बेहोश हो गए थे। परिजन के अनुसार, शनिवार रात को वह प्रयागराज आने के लिए चल दिए थे। मोबाइल में फोटो देख रही मां किडनैप छात्र की मां आरती शर्मा का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की महिलाएं उन्हें संभाल रही हैं। आरती बार-बार मोबाइल में अपने बेटे की फोटो देख रहीं। वह रोते हुए बोल सिर्फ यही कह रहीं-मेरा बेटा वापस ले आओ कोई…मुझे मेरा बेटा चाहिए। पुलिस ने 24 घंटे में बच्चे को सकुशल बरामद करने का दिया आश्वासन उधर, अपहरण की सूचना के बाद पुलिस सक्रिय है। एसीपी डॉ. अजय पाल शर्मा और यमुनापार डीसीपी विवेक चंद्र यादव भी मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी ली। मौके पर ही मांडा थानाध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा को फटकार लगाई। एसीपी शर्मा ने 24 घंटे में छात्र के बारामदगी का आश्वासन दिया। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया, अब तक कि पूछताछ में परिवार ने किसी रंजिश की बात नहीं बताई है। परिवार की माली हालत बहुत अच्छी नहीं है। अब तक किसी तरह की कॉल भी घरवालों के पास नहीं आई है। हर बिंदु पर छानबीन की जा रही है। अखिलेश यादव ने की बच्चे को सही सलामत घर पहुंचाने की मांग ……………………. ये खबर भी पढ़िए- पिता की हत्या करके बहन के साथ चिकन खाया: लखनऊ में नीले ड्रम में बेटा लाश जलाने वाला था, दूसरी शादी की चर्चा से खफा था लखनऊ की जानी-मानी पैथोलॉजी के मालिक की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बताया जा रहा कि वर्धमान पैथोलॉजी के ओनर मानवेंद्र सिंह की दूसरी शादी की बात चल रही थी। इससे उनके बच्चे खासे नाराज थे। इसके चलते पिता की हत्या कर लाश नीले ड्रम में भर दी। पुलिस पूछताछ में 21 साल के आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने कबूला कि पिता की हत्या के बाद वह अपनी चाची के पास गया। उनसे चिकन और पनीर की सब्जी बनवाई। इसके बाद वापस आया और लाश के पास बैठकर बहन कृति के साथ खाना खाया। पढ़ें पूरी खबर…
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