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    लखीमपुर में प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार को मिलेगा राज्य स्तरीय पुरस्कार:बेहतर नामांकन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी ने दिलाई पहचान

    4 hours ago

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    लखीमपुर खीरी के बेहजम ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय रतसिया के प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार को राज्य स्तरीय पुरस्कार-2025 के लिए चुना गया है। उन्हें शनिवार को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें विद्यालय में बेहतर नामांकन, छात्रों की नियमित उपस्थिति और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने में उनके खास प्रयासों के लिए मिला है। साल 2018 से विद्यालय ने शिक्षा और सुविधाओं के क्षेत्र में काफी सुधार किया है। अभी यहां करीब 350 छात्र पढ़ रहे हैं, जो 20 गांवों से आते हैं। सत्र 2026-27 में करीब 90 नए दाखिले हुए हैं। विद्यालय में नवोदय, विद्या ज्ञान, अटल आवासीय और सर्वोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षाओं की खास तैयारी भी कराई जाती है। यहां स्मार्ट क्लास, एक हजार से ज्यादा किताबों वाली लाइब्रेरी, वाटर कूलर, फर्नीचर और खेल सामग्री जैसी कई सुविधाएं भी मौजूद हैं। सरकारी स्कूल की बदली तस्वीर, लगातार बढ़ते नामांकन और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की पहल ने प्राथमिक विद्यालय रतसिया के प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार को राज्य स्तर पर पहचान दिलाई है। राज्य स्तरीय पुरस्कार-2025 के लिए चयनित प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार को शनिवार को सम्मानित किया जाएगा। उनके चयन की जानकारी के बाद शिक्षक संगठनों और शिक्षकों में खुशी है। शहर मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर गोला-मोहम्मदी रोड पर स्थित विकास क्षेत्र बेहजम का प्राथमिक विद्यालय रतसिया वर्ष 2018 तक सामान्य विद्यालय की श्रेणी में था। पिछले आठ वर्षों में विद्यालय ने शिक्षा, सुविधाओं और नामांकन के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव किया। अब स्थिति यह है कि कई अभिभावक निजी स्कूलों से बच्चों के नाम कटवाकर प्राथमिक विद्यालय रतसिया में दाखिला करा रहे हैं। वर्तमान में विद्यालय में करीब 350 विद्यार्थियों का नामांकन है। आसपास के करीब 20 गांवों से बच्चे ऑटो के माध्यम से विद्यालय पहुंचते हैं। शैक्षिक सत्र 2026-27 में अब तक करीब 90 बच्चों के नवीन नामांकन हुए हैं। नामांकन के सापेक्ष विद्यार्थियों की उपस्थिति भी करीब 80 प्रतिशत तक रहती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सफलता विद्यालय की पहचान विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने को लेकर भी बनी है। यहां जवाहर नवोदय विद्यालय, विद्या ज्ञान स्कूल, अटल आवासीय विद्यालय और सर्वोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षाओं की अलग से तैयारी कराई जाती है। इन परीक्षाओं में विद्यार्थियों के चयन से विद्यालय की उपलब्धियों में लगातार इजाफा हुआ है। निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं विद्यालय में बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है। शुद्ध और ठंडे पेयजल के लिए वाटर कूलर, पर्याप्त फर्नीचर, मल्टीपल हैंडवॉश, पंखों से युक्त कक्षा-कक्ष, आकर्षक मैदान और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध है। एक हजार से अधिक पुस्तकों से सुसज्जित पुस्तकालय के साथ प्रोजेक्टर और कंप्यूटर से युक्त स्मार्ट क्लास भी है। खेल सामग्री तथा बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था भी की गई है। विद्यालय में सुबह संगीत के साथ प्रार्थना कराई जाती है, जिससे बच्चों के लिए प्रार्थना स्थल को रोचक और आनंदमय बनाया गया है। प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार विद्यालय की उपलब्धियों का श्रेय शिक्षकों की मेहनत, अभिभावकों के सहयोग और अधिकारियों के मार्गदर्शन को देते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी के सहयोग के साथ शासन की शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच को भी विद्यालय की सफलता में महत्वपूर्ण बताया।
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