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    लखनऊ में गोमती का जलस्तर बढ़ा, रिवर फ्रंट बंद:पाथ-वे पर पानी भरा, पर्यटकों की एंट्री पर रोक; बैराज के सभी 10 गेट खोले

    18 hours ago

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    लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद गोमती रिवर फ्रंट बंद कर दिया गया है। जलस्तर बढ़ने से रिवर फ्रंट के दोनों तरफ बने पाथ-वे और आसपास के हिस्सों में पानी भर गया है। एहतियात के तौर पर टिकटिंग बंद कर दी गई है और किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। एलडीए के मुताबिक, 2 अक्टूबर को गोमती का पानी बढ़ने से रिवर फ्रंट के LHS और RHS दोनों हिस्सों में जलभराव हुआ। फिलहाल किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। रिवर फ्रंट को दोबारा कब खोला जाएगा, इसका फैसला जलस्तर और स्थिति की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। लखनऊ में गोमती का जलस्तर सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए गोमती बैराज के सभी 10 गेट खोल दिए गए हैं। इससे नदी में पानी की रफ्तार करीब 30 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई है, जबकि सामान्य दिनों में यह करीब 1 किमी प्रति घंटे रहती है। सिंचाई विभाग के मुताबिक, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और सीतापुर समेत ऊपरी जिलों से गोमती में पानी पहुंच रहा है। अगर इन जिलों से पानी का दबाव कम हुआ तो सोमवार से नदी का जलस्तर घटने की उम्मीद है। इससे पहले सिंचाई विभाग ने लखनऊ के निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने को लेकर अलर्ट जारी किया था। फिलहाल रिवर फ्रंट पर लोगों की एंट्री पूरी तरह बंद है। लखनऊ में गोमती का जलस्तर सामान्य से 2.4 मीटर ऊपर लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। गऊ घाट पर जलस्तर 107.59 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि सामान्य दिनों में यह 105.6 से 105.7 मीटर के आसपास रहता है। 28 सितंबर को जलस्तर 108.20 मीटर तक पहुंच गया था। फिलहाल जलस्तर स्थिर है। गोमती बैराज पर जलस्तर 106.40 मीटर मेंटेन किया गया है। नदी में पानी की निकासी तेज करने और शहर में बाढ़ का खतरा कम करने के लिए बैराज के सभी 10 गेट खोल दिए गए हैं। इससे नदी में पानी की रफ्तार करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई है। सामान्य दिनों में यह करीब 1 किलोमीटर प्रति घंटे रहती है। पीलीभीत, लखीमपुर और सीतापुर से आ रहा पानी गोमती में पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और सीतापुर से भी पानी पहुंच रहा है। इसके अलावा बेहटा, श्रावण समेत कई छोटे-बड़े नालों का पानी नदी में आ रहा है। ऊपरी जिलों में हुई बारिश को जलस्तर बढ़ने की मुख्य वजह बताया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार के मुताबिक, सीतापुर-लखनऊ सीमा पर स्थित भटपुरवा में पिछले दो दिन से जलस्तर स्थिर है। उनका कहना है कि आगे भी जलस्तर स्थिर रहने के बाद धीरे-धीरे कम होने का अनुमान है। पानी का दबाव बढ़ा तो 48 नाले बंद किए गोमती में पानी का दबाव बढ़ने के कारण शहर के 48 बड़े नालों को बंद कर दिया गया है। इन नालों से शहर का बारिश और गंदा पानी गोमती में जाता है। अधिकारियों के मुताबिक, नाले खुले रहने पर नदी का पानी इनके रास्ते वापस शहर की सड़कों और कॉलोनियों में पहुंच सकता है। गोमती नदी का खतरे का निशान 109.50 मीटर है। फिलहाल जलस्तर इससे नीचे है। सिंचाई विभाग के अनुसार, अगर लखीमपुर खीरी, सीतापुर और अन्य ऊपरी जिलों से पानी का दबाव कम हुआ तो सोमवार से गोमती का जलस्तर घटने की उम्मीद है।
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