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    लखनऊ में पारा 40 के करीब:4 दिन में 10 डिग्री बढ़ा तापमान, कर्नाटक-महाराष्ट्र के चक्रवात से 4 डिग्री और बढ़ेगा

    4 hours ago

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    लखनऊ में लगातार गर्मी बढ़ रही है। पारा 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है। सामान्य से अधिक तापमान होने के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बुधवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रहने की संभावना है। इस बीच तेज हवा के झोंके चलेंगे। मंगलवार को अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री रहा। यह सामान्य से 0.1 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री रहा। यह सामान्य से 0.8 डिग्री कम रहा। अधिकतम आर्द्रता 55 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 22 फीसदी दर्ज की गई। 40 डिग्री के ऊपर जाएगा पारा उत्तर प्रदेश में सामान्य मौसम और गर्म पछुआ हवाओं का असर तेजी से देखने को मिल रहा है। पिछले 4 दिनों में अधिकतम तापमान में औसतन 8 से 10°C की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे प्रदेश भर में तापमान सामान्य स्तर तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन में चल रही तेज पछुआ हवाओं की रफ्तार कम होने से बुधवार को तापमान में 2-3°C की और वृद्धि हुई। प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में तापमान 40°C के पार चला गया है। बांदा 42.6°C के साथ सबसे गर्म शहर रहा। आने वाले 4-5 दिनों तक किसी सक्रिय मौसम प्रणाली के संकेत नहीं हैं। इस दौरान पछुआ हवाएं जारी रहेंगी, जिससे मौसम पूरी तरह सूखा बना रहेगा। कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर बने प्रतिचक्रवात के मध्य भारत की ओर बढ़ने के कारण तापमान में 3-4°C तक और बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 40°C से ऊपर जाने और सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कम बारिश का अनुमान, खेती पर पड़ेगा असर मौसम विभाग के मुताबिक, साल 2026 में उत्तर प्रदेश में मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार कई वैश्विक मौसम कारक बारिश को प्रभावित कर सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी गोलार्द्ध और यूरेशिया में सर्दियों व वसंत के दौरान बर्फ का फैलाव सामान्य से थोड़ा कम रहा है। हिंद महासागर में अभी तटस्थ स्थिति है, जो मानसून के अंत तक सकारात्मक रूप ले सकती है। बावजूद इसके प्रशांत महासागर में चल रही कमजोर ला-नीना स्थिति जून तक खत्म होकर तटस्थ हो जाएगी। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इसके बाद मानसून के दौरान अल-नीनो जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका है, जो आमतौर पर भारत में बारिश कम करती है। यूपी और लखनऊ में इस बार कुल मानसूनी बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो इसका असर खेती और जल संसाधनों पर पड़ सकता है।
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