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    लखनऊ में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस के खिलाफ प्रदर्शन:छात्र बोले- विधायकों ने हमारा बादाम खाया, बच्चों के लिए काम भी नहीं किया

    6 hours ago

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    प्राइवेट स्कूलों में हर साल बढ़ाई जाने वाली फीस के खिलाफ लखनऊ में शुक्रवार को छात्र पंचायत से जुड़े छात्रों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सरकार को सबको समान शिक्षा के लिए कानून लागू करना चाहिए। केवल लखनऊ के स्कूलों में फीस की मनमानी पर रोक लगाकर कुछ नहीं होगा। यह बाकी के 74 जिलों में भी लागू होना चाहिए। अगर हमारी बात नहीं मानी गई तो अगले महीने आंदोलन उग्र होगा। प्रदर्शन हजरतगंज में गांधी प्रतिमा के पास राष्ट्रीय छात्र पंचायत के बैनर तले किया गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय ने कहा- निजी शिक्षण संस्थान आज अभिभावकों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। हर साल किताबों, ड्रेस और बढ़ी हुई फीस के नाम पर लूट मची है। हमने पिछले प्रदर्शन में सभी विधायकों के बादाम भेजा था। वे लोग उसे खा गए और बच्चों के लिए काम भी नहीं किया। प्रदर्शन की 2 तस्वीरें- मैंने खून से लेटर लिखा, कोई असर नहीं हुआ शिवम ने कहा- लखनऊ जिलाधिकारी ने केवल अपने जिले में यह रोक लगाई। ऐसा नियम हर जिले में सरकार लागू करे। नियम बनाना कानून नहीं होता है। सरकार इसके लिए कानून लाए। मैं प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ गोंडा से पैदल चलकर आया। सीएम को खून से लेटर लिखा, इसका कोई असर नहीं हुआ। कैबिनेट की इतनी बैठक होती हैं, उनमें कभी प्राइवेट स्कूलों की फीस की चर्चा की जाए। मैंने अपने साथियों के साथ विधानसभा घेराव किया। अपना मुंडन कराया। मेरे बाल उग आए लेकिन अधिकारियों के कान तक अभी बात नहीं गई। ‘पत्र के साथ विधायकों को भेजा था बादाम’ शिवम ने कहा- अधिकारी कुंभकरण की नींद सो रहे हैं। इनको हम जगाने का काम करेंगे। पिछली बार जब हमने पत्र लिखा तो 403 विधायकों को पत्र के साथ दो-दो बादाम भी भेजे थे। विधायक हमारा बादाम खा गए, पैसा बेकार कर दिया। मगर मुद्दे का संज्ञान नहीं लिया, काम नहीं किया। 'भारत को नेपाल से सीखना चाहिए' सरकार को फीस रेगुलेशन बिल लाना चाहिए। यह बिल शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाएगा। हम लोग पिछले 2 साल से सरकार को जगाने की कोशिश कर रहे हैं मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब हम सड़कों पर उतरेंगे और छात्र शक्ति का एहसास कराएंगे। गांव के प्रधान क्षेत्र के विधायक और संसद और जिलाधिकारी का बच्चा जब सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ता तो हमारा बच्चा क्यों पढ़े। सभी लोगों को एक समान शिक्षा मिले। शिक्षा के क्षेत्र में नेपाल ने बहुत पड़ा कदम उठाया है। लूट देखते हुए प्राइवेट स्कूलों को बंद कर दिया। सभी को अब सरकारी स्कूल में अपने बच्चों को शिक्षा दिलाना पड़ेगा। भारत को नेपाल से सीखना चाहिए और सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाना चाहिए। संगठन की मुख्य मांगें ---------------------- ये खबर भी पढ़िए- स्कूलों की मनमानी पर ₹5 लाख का जुर्माना लगेगा : लखनऊ डीएम का आदेश- 5 साल तक यूनिफॉर्म और बुक पब्लिकेशन न बदलें लखनऊ में निजी स्कूलों की फीस को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। जिलाधिकारी विशाख जी. की अध्यक्षता में गुरुवार रात जिला शुल्क नियामक समिति की अहम बैठक हुई। बैठक में फीस वृद्धि, शिकायतों के निस्तारण और नियमों के पालन पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने साफ किया कि अब जिले के स्कूल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। अभिभावकों को राहत देने के लिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था भी मजबूत की गई है। फीस, यूनिफॉर्म और किताबों को लेकर पारदर्शिता भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। (पूरी खबर पढ़िए)
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