Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या, नहर में फेंकी लाश:ड्राइवर ने अगवा कर फॉर्च्यूनर में माथे-सीने पर गोली मारी, 50 करोड़ की जमीन का विवाद था

    20 hours ago

    1

    0

    लखनऊ में 35 साल के प्रॉपर्टी डीलर धीरेंद्र प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रविवार शाम 5 बजे उनका शव जिला मुख्यालय से करीब 22 किमी दूर दुबग्गा में एक छोटी नहर से बरामद हुआ। उनके माथे और सीने पर गोली के निशान मिले। उन्नाव के रहने वाले धीरेंद्र महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष थे और प्रॉपर्टी व ट्रांसपोर्ट का काम करते थे। लखनऊ में PGI इलाके में रहते थे। पत्नी ने शनिवार को रिपोर्ट लिखाई थी। आरोप लगाया था कि ड्राइवर ने अपने साथियों के साथ मिलकर धीरेंद्र को अगवा कर लिया है। शुरुआती जांच में हत्या की वजह उन्नाव की करीब 50 करोड़ कीमती जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। धीरेंद्र ने इसकी शिकायत सीएम योगी को लेटर लिखकर की थी। पुलिस ने ड्राइवर रवि तिवारी समेत दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में ड्राइवर ने हत्या की बात कबूल की है। अब विस्तार से पढ़िए… पत्नी बोली- ड्राइवर के साथ निकले थे धीरेंद्र की पत्नी ममता सिंह ने शनिवार को सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शिकायत की थी। उनके मुताबिक, 29 अगस्त की शाम करीब 3 बजे धीरेंद्र अपने ड्राइवर रवि तिवारी के साथ बिना किसी सुरक्षा के फॉर्च्यूनर कार (नंबर UP32RF7755) से डॉक्टर राखी मिश्रा के यहां गए थे। इसके बाद दोनों वहां से कहीं और चले गए। जब ममता ने अपने पति को फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया और न ही मैसेज का जवाब दिया। इस पर ममता ने ड्राइवर रवि तिवारी से उनके बारे में पूछा। ड्राइवर ने बताया कि धीरेंद्र प्लासियो मॉल में बैठे हैं। ममता ने ड्राइवर को एक दवा लाने का मैसेज किया था। ड्राइवर ने रात करीब 12 बजे दवा लाकर दी और बताया कि उन्नाव से धीरेंद्र के कुछ परिचित लोग आए थे, जिनके साथ वह कहीं गए हैं। ड्राइवर के मुताबिक, उसने उन्हें शाम करीब 6:15 बजे छोड़ दिया था। शिकायत के अनुसार, रात करीब 10 बजे तक ड्राइवर यही बताता रहा कि धीरेंद्र प्रताप सिंह प्लासियो मॉल में ही बैठे हैं। इसके बाद भी वह घर नहीं लौटे और उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। ममता सिंह ने ड्राइवर रवि तिवारी पर कुछ लोगों के साथ मिलकर धीरेंद्र प्रताप सिंह का अपहरण कराने की आशंका जताई है। उन्होंने पुलिस से एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की। डीसीपी बोले- ड्राइवर ने अपने साथ मिलकर धीरेंद्र को गोली मारी डीसीपी साउथ मोहम्मद मुश्ताक ने बताया, धीरेंद्र की पत्नी ममता सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति का अपहरण कर लिया गया है, जो उनके ड्राइवर ने अन्य साथियों के साथ मिलकर किया है। संदेह के आधार पर ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा। कड़ाई से पूछताछ पर उसने हत्या की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर दुबग्गा से शव बरामद किया गया। सुशांत गोल्फ सिटी के अवध बिहार से सड़क किनारे खड़ी फॉर्च्यूनर बरामद की गई। पूरी साजिश रचकर घटना को अंजाम दिया गया पूछताछ में सामने आया कि उन्नाव में एक जमीन का विवाद है, जिसके चलते यह पूरी साजिश रचकर घटना को अंजाम दिया गया। मामले में ड्राइवर सहित दो आरोपी हिरासत में हैं उनसे पूछताछ की जा रही है। डीसीपी साउथ मो. मुश्ताक के मुताबिक, लाश मिलने पर अब उसी FIR में अपहरण और हत्या की धाराएं जोड़ी गई हैं। मामले की जांच के लिए छह पुलिस टीमें बनाई गई थीं। टीमें सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के जरिए धीरेंद्र की तलाश और घटना के खुलासे में जुटी थीं। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी डीसीपी साउथ मो. मुश्ताक के मुताबिक, धीरेंद्र का शव और वह गाड़ी बरामद कर ली गई है, जिसमें हत्या की गई। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। धीरेंद्र प्रताप सिंह ग्राम राजेपुर, बांगरमऊ जिला उन्नाव के रहने वाले थे। वृंदावन योजना सेक्टर 11 के बी- ब्लॉक स्थित यूवीनेस्ट अपार्टमेंट में रहते थे। उनके दो भाई अवधेश प्रताप और वीरेंद्र प्रताप हैं। अब उस विवाद को जानिए, जिसकी सीएम से शिकायत की थी… धीरेंद्र सिंह की हत्या के बाद उनका एक लेटर वायरल है। यह लेटर सीएम को लिखा गया था। कब लिखा था, तारीख दर्ज नहीं है। मामला क्या है? उन्नाव की बांगरमऊ तहसील में भू-माफिया सरकारी जमीन, तालाब की जमीन और श्रेणी-3 की जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं। बिना नियम (धारा-80) के फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कराई जा रही है और उस पर सड़कें व प्लॉट बनाए जा रहे हैं। आरोप किस पर? आरोप है कि इस पूरे खेल में तहसील के बड़े अधिकारी (जैसे उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, सब-रजिस्ट्रार) और पिछले 10 सालों से टिके लेखपाल भू-माफियाओं से मिले हुए हैं। शिकायत करने के बाद भी तहसील स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मांग क्या?
    Click here to Read more
    Prev Article
    मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:नेपाल त्रासदी में 800 मौतें; मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, अफसर पति के बाद यूपी की महिला IAS ने भी दिया इस्तीफा
    Next Article
    IAS दिव्या मित्तल क्या मिर्जापुर से चुनाव लड़ेंगी?:सांसद अनुप्रिया की शिकायत पर हटाई गई थीं, इस्तीफे के बाद इन 4 वजहों से चर्चा तेज

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment