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    लखनऊ में सुन्नी डेलिगेशन की शिया उलमा से मुलाकात:खामेनेई की मौत पर जताया दुख, मौलाना बोले- ईरान फिलिस्तीन की आवाज बना था

    9 hours ago

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    लखनऊ में सुन्नी प्रतिनिधिमंडल ने शिया धर्म गुरुओं से मुलाकात की। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर गहरा दुख जताया। इस दौरान मिडिल ईस्ट में हो रही जंग को लेकर चर्चा की। अमेरिका-इजराइल के साथ ईरान के युद्ध पर चिंता जताई। बैठक में भारत को अपनी स्थिति स्पष्ट करने की बात कही। प्रतिनिधि मंडल में अंसारी, तारिक सिद्दीकी, मोहम्मद खालिद, अमीक जामेई, रेहान नईम, जावेद अहमद, आसिफुजमान, हम्माम वहीद और अजीज हैदर ने शिया धर्म गुरु मौलाना सैफ अब्बास, मौलाना यासूब अब्बास मौलाना कल्बे जवाद के साथ सुन्नी धर्म गुरु मौलाना जहांगीर आलम कासमी से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने आवासों पर जाकर मुलाकात की और ईरान में हुए हमलों में सीनियर लीडरों की शहादत पर गम का इजहार किया। ‘खामेनेई की मौत मानवता की हत्या’ प्रतिनिधि मंडल ने कहा- पश्चिमी-इजराइली हमलों में सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई की मौत सभी लोगों के लिए बेहद दुखद है। मानवता के दृष्टिकोण से इतना बड़ा नुकसान है कि जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। आयतुल्लाह सिर्फ ईरान या शिया समुदाय के लीडर नहीं बल्कि पूरे मुस्लिम जगत ने उन्हें अपना लीडर स्वीकार किया है। खामेनेई पूरे विश्व में जहां भी अन्याय होता था आवाज उठाते लड़ाई लड़ते थे। ‘फलस्तीन की ढाल बने आयतुल्लाह’ प्रतिनिधि मंडल में शामिल अनीस अंसारी ने कहा- सिर्फ दुख में शामिल नहीं हो रहे है, बल्कि शिया-सुन्नी एकता का संदेश लाए हैं। आयतुल्लाह खामेनेई का ख्वाब था कि शिया और सुन्नी एक हो। आज हम उसी ख्वाब को हकीकत में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। इस मौके पर तारिक सिद्दीकी ने कहा- ईरान पर हमले असल में फलस्तीन की आजादी की आवाज को दबाने के लिए किए गए हैं। आयतुल्लाह खामेनेई ने जिस प्रकार फलस्तीन के लिए आवाज उठाई उनकी ढाल बने ये इजराइल को स्वीकार नहीं था। ‘आयतुल्लाह ने इंसानियत को जोड़ा’ मौलाना कल्बे जवाद ने सुन्नी प्रतिनिधि मंडल का स्वागत करते हुए उनके इस कदम की सराहना की। मौलाना ने कहा- हमारे सुन्नी भाई इस दुख की घड़ी में कंधे से कंधा मिलाकर शिया समुदाय के साथ खड़े रहे हैं। यह हमारी एकता को दर्शाता है। आयतुल्लाह खामेनेई का यही संदेश था कि पूरी दुनिया के शिया सुन्नी एक होकर रहें।
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