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    लखनऊ में संदिग्ध परिस्थितियों में शिक्षामित्र लापता:ऑफिसियल ग्रुप पर लिखा- SDM बीकेट से कह दो जाकर नौकरी ले लें

    4 hours ago

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    लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार क्षेत्र से सोमवार को एक शिक्षामित्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। सीसीटीवी कैमरे में वह पैदल ही जाते दिखे। उनका अंतिम लोकेशन जुग्गौर चिनहट के पास मिला। उन्होंने अपने ऑफिसियल ग्रुप और ममेरे भाई को मैसेज भेजा है। परिजनों का आरोप है कि एसआईआर के काम को लेकर वह दबाव में थे। भौली बख्शी का तालाब निवासी कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि उनका भांजा दिलीप कुमार सिंह उर्फ दीपू (46) पुत्र छत्रपाल सिंह, मूल निवासी ग्राम परसिया पोस्ट लाखन थाना खम्भरिया जनपद बीरी का रहने वाले हैं। वह मौजूदा समय मे भौली-2 में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत हैं। मकान नंबर 3/550, जानकीपुरम विस्तार (सेंट्रल अकादमी के पीछे) लखनऊ में परिवार के साथ रहते हैं। घर से पैदल ही निकले थे परिजनों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे दिलीप घर से पैदल यह कहकर निकले कि नाश्ता तैयार करो, अभी आकर करेंगे। काफी देर तक वापस न लौटने पर उनकी पत्नी दीपिका सिंह ने फोन मिलाया। फोन की घंटी गई लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। कुछ देर बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद रिश्तेदारों और आसपास के लोगों ने काफी तलाश की लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग सका। मामा के लड़के को मैसेज किया दिलीप सिंह ने अपने ममेरे भाई को मैसेज किया। उसमें लिखा- भाई मैं तुम्हारा कर्जदार बड़ा भाई। मामा-मामी का ख्याल रखना। हमारे भी माता-पिता हैं। पिंकू गाय जरूर रखना मामा-मामी चाहे जितना गुस्सा करें। पिंकू काम का प्रेशर बहुत है। ऑफिसियल ग्रुप पर भी किए मैसेज उसने ऑफिस के वाट्सऐप ग्रुप पर भी मैसेज भेजा है। उसमें लिखा- सुषमा मैडम सुपरवाइजर साहब भाग संख्या 191 बीएलओ दिलीप सिंह शिक्षा मित्र एसआईआर का कार्य छोड़कर जा रहा हूं। मेरे नोटिस फॉर्म मेरी बाइक के झोले में है। जो मेरे घर पर खड़ी है। जरूरत समझना तो ले लेना गुडबाय। इस पर सुषमा नाम से सेव नंबर से जवाब आया- दिलीप आप कहां हो। उसके बाद दिलीप ने लिखा- हां मैं एक बात कहना भूल गया। अपने एसडीएम बीकेटी से कह दो जाकर नौकरी ले लें। जो बार-बार दबाव बनाने के लिए कहते हैं कि नौकरी ले लूंगा। सिस्टम पर शिक्षामित्र दिलों और कुर्बान। इस पर सुषमा नाम से सेव नंबर से फिर जवाब आता है- आप का काम तो ठीक है। आप ऐसा क्यों कह रहे हैं।
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