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    लखनऊ में वकीलों की हड़ताल, धरना शुरू होने की संभावना:सेंट्रल बार के साथ आए कई संगठन, बचे चैंबर खुद खाली कर रहे अधिवक्ता

    10 hours ago

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    लखनऊ कचेहरी के आसपास बने वकीलों के अवैध चैंबरों को तोड़ने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कई वकील संगठन अब एक हो गए हैं। सेंट्रल बार के पदाधिकारियों की ओर से आज से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है। इन्हें अन्य संगठनों का भी समर्थन है। ऐसे में वकील धरना-प्रदर्शन शुरू कर सकते हैं। दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम की तरफ से रविवार सुबह से ही अवैध चैंबर हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी। हाईकोर्ट ने निबंधन कार्यालय के आसपास नाले के ऊपर बने अवैध चैंबरों को हटाने का आदेश दिया था। आरोप है कि नगर निगम टीम यहां अंतिम समय में कार्रवाई करने पहुंची, जिस पर वकीलों ने विरोध शुरू कर दिया। पथराव हुआ। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कुछ ही अवैध चैंबर और दुकानें तोड़ने के बाद नगर निगम और पुलिस को कार्रवाई रोकनी पड़ गई। बचे हुए चैंबरों को वकील खुद ही खाली कर कर रहे हैं। नगर निगम की कार्रवाई की तस्वीरें देखिए- वकील खुद ही खाली कर रहे चैंबर कार्रवाई के डर के बीच वकीलों की तरफ से खुद ही अवैध चैंबर खाली किया जा रहा है। जहां पर नगर निगम की तरफ से क्रॉस का निशान लाल रंग से लगाया गया था। ऐसे में करीब 40 से अधिक चैंबर मौके पर हैं, जिन्हें खाली किया गया है। इसमें कई घर और दुकानें भी शामिल हैं। अतिक्रमण हटाने के दौरान भी वकीलों की तरफ से यह मुद्दा नगर निगम के जोनल अधिकारी ओपी सिंह, अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव और डीसीपी कमलेश दीक्षित के सामने उठाया गया। जब कार्रवाई का आदेश निबंधन कार्यालय के पास अवैध रूप से बने चैंबरों पर था तो सिर्फ पूरे क्षेत्र में कार्रवाई क्यों हुई? वकीलों ने जोनल अधिकारी से कहा कि एक मजार जो अतिक्रमण के रूप में थी आपने उसको छोड़ दिया। इसका सिर्फ एक बाहरी हिस्सा हटाया गया। ऐसे में पैसे लेकर कार्रवाई करने का आरोप लगाया गया। कार्य बहिष्कार का ऐलान वकीलों पर लाठीचार्ज और एकतरफा कार्रवाई के विरोध में सेंट्रल बार एसोसिएशन ने दो दिवसीय कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है। एसोसिएशन के महामंत्री संजीव दीक्षित का कहना है कि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मेरे ऊपर भी बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया है। पुलिस ने शांतिपूर्वक विरोध कर रहे वकीलों को पीटा है। इस कार्रवाई को लेकर जब तक दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती तब तक वकीलों अपने कार्य पर नहीं लौटेंगे। इस मामले में बुधवार को लखनऊ बार एसोसिएशन, अवध बार एसोसिएशन और सेंट्रल बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक होगी। इस बैठक में आगे की रणनीति पर संयुक्त रूप से फैसला लिया जाएगा। वकील बड़े विरोध का ऐलान कर सकते हैं बुलडोजर एक्शन पर वकीलों ने विरोध जताते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। लखनऊ बार असोसिएशन के महामंत्री जीतू यादव ने सोमवार को आपात बैठक बुलाई है। बैठक में पुलिस की लाठीचार्ज व प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान हो सकता है। महामंत्री का कहना है कि, हाईकोर्ट ने अतिक्रमण तोड़ने का आदेश दिया था। लेकिन पुलिस ने जिस बर्बरता से वकीलों को दौड़ाकर पीटा है इसे जायज नहीं ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि, प्रशासन की ओर से इस बड़ी कार्रवाई को लेकर कोई नोटिस तक नहीं दिया गया था। ऐसे में वकीलों के भीतर काफी आक्रोश है। हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के अनुपालन में पुलिस एवं प्रशासन के सहयेाग से नगर निगम ने कैसरबाग स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय (पुराना हाईकोर्ट परिसर) के आसपास से अवैध अतिक्रमण को साफ किया। इस अतिक्रमण में जहां अवैध रूप से बने तमाम वकीलों के चैम्बर तोड़े गए, तो वहां बनी अवैध दुकानें सहित अन्य अवैध निर्माण भी साफ कर दिए। कोर्ट के आदेश पर नगर निगम की कार्रवाई से नाराज वकीलों ने 25 मई को हाईकोर्ट में सुनवाई के समय अपना प्रतिकार का निर्णय लिया है। 25 मई को देना है स्टेटस रिपोर्ट दरअसल, न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की पीठ ने अधिवक्ता अनुराधा सिंह व अन्य की ओर से दाखिल एक आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए गत 11 मार्च 2026 को ही नगर निगम को पुराने हाईकोर्ट के आसपास हुए अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया था। जिसके बाद नगर निगम ने अतिक्रमण चिन्हित किए थे। 7 अप्रैल को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुनः नगर निगम व पुलिस एवं प्रशासन पर अतिक्रमण हटाने के लिए सख्ती दिखाई थी। अतिक्रमण हटाकर 25 मई तक कोर्ट ने प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है।
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