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    लखनऊ नगर निगम में 15 मिनट में बजट पास:कोर्ट की कुर्की से बैंक खाते का 5.48 करोड़ रुपए कुर्क;विपक्षियों ने कहा-हिटलरशाही दिखा रहीं मेयर

    10 hours ago

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    लखनऊ नगर निगम के लाल बाग मुख्यालय में आज (22 मार्च को) सदन की बजट बैठक हुई। बैठक शुरु होते ही सपा और कांग्रेस पार्षदों ने बजट पर चर्चा नहीं करने का आरोप लगाकर विरोध किया। सदन में अधिकारियों की लापरवाही से निगम के खाते से 5.48 करोड़ रुपए बैंक खाते से कुर्की की जानकारी रखी गई। 45 मिनट तक चले सदन में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4692.71 करोड़ रुपए का प्रस्तावित बजट नगर निगम के लिए, जबकि 487 करोड़ रुपए जलकल विभाग के बजट को मंजूरी मिली। कुल 5179.71 करोड़ रुपए के बजट को पास किया गया। बजट में सबसे अधिक जोर साफ-सफाई और कूड़ा निस्तारण पर रहा। इसपर कुल 400 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 45 मिनट में खूब हुआ विवाद सदन की बैठक शुरु होते ही उपाध्यक्ष चरणजीत गांधी बजट भाषण पढ़ने लगी। इस बीच भाजपा पार्षद मुन्ना मिश्रा ने कहा कि उन्हें बजट कॉपी नहीं मिली। इसपर मेयर ने अपर नगर आयुक्त ललित कुमार से जिम्मेदार व्यक्ति के बारे में पूछा। बजट भाषण खत्म होने के बाद सपा पार्षद यायावर हुसैन रेशू की तरफ से पुनरीक्षित बजट सदन में नहीं पेशन करने का मुद्दा उठाया गया। विपक्षी पार्षदों ने आरोप लगाया कि सदन में इस वित्त वर्ष के रिवाइज्ड बजट से पहले 2026-27 के मूल बजट को रख दिया गया। इसपर बहस शुरू हो गई। 15 मिनट में पास हो गया बजट उपाध्यक्ष चरणजीत गांधी के बजट भाषण पढ़ने के बाद हंगामे के बीच में मेयर ने बजट को पास करने के बारे में पूछा तो भाजपा पार्षदों ने इसका समर्थन किया। मेयर ने सदन शुरू होने के 15वें मिनट में बजट पास की घोषणा कर दी। इस पर विपक्षी पार्षदों ने हंगामा करते हुए कहा- यह सरेआम गुंडई है। मेयर हिटलरशाही दिखा रही हैं। सपा पार्षद यायावर हुसैन रेशु ने कहा कि हमें रिवाइज्ड बजट की कॉपी क्यों नहीं दी गई। कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने भी पूछा कि रिवाइज्ड बजट पर चर्चा क्यों नहीं हो रही है? सपा पार्षद यायावर हुसैन के प्रश्न का जवाब नहीं दिया गया। इस पर भाजपा पार्षद अनुराग मिश्रा ने पूछा कि आप यायावर भाई (सपा पार्षद) के सेक्रेटरी हो क्या? भाजपा पार्षद के इस सवाल के बाद पक्ष-विपक्ष के बीच हंगामा शुरू हो गया। इस बीच कांग्रेस पार्षद मुकेश चौहान ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं से डरते हैं। यह सुनते ही भाजपा पार्षदों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। वे नारे लगाने लगे- ‘महिलाओं के सम्मान में, भाजपा मैदान में। मौके पर भाजपा पार्षद सौरभ सिंह मोनू, भृगुनाथ शुक्ला, शैलेंद्र वर्मा, सुशील कुमार तिवारी पम्मी सहित अन्य भाजपा के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। आउट सोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने की मांग सपा पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि ने कहा कि आउट सोर्सिंग कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन सीएम योगी आदित्यनाथ ने बढ़ाया है। इसके बाद नगर निगम को भी कर्मचारियों को 18 हजार रुपए दिया जाना चाहिए। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि अभी न्यूनतम वेतन का शासनादेश नहीं आया है। आते ही हम प्रदेश में पहले होंगे जो इसे लागू करेंगे। कांग्रेस पार्षद ममता चौधरी ने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए कोई कमेटी नहीं बनी। पार्टी के नेताओं को नहीं बुलाया गया। उन्होंने गो-शाला में निर्माण कार्य का भी मुद्दा भी बढ़ाया है। उनकी तरफ से कहा गया कि पूरे सदन में साल भर का बजट पेश कर पास किया गया,लेकिन कोई चर्चा तक नहीं हुई। रेंट नहीं आने पर अधिकारियों को घेरा भाजपा पार्षद प्रमोद सिंह राजन ने कहा कि शहर में पीपीपी मॉडल पर शौचालय संचालित किए जाते हैं। इसके लिए उन्हें वार्षिक तौर पर 15000 रुपए नगर निगम को रेंट देना होता है, लेकिन यह नहीं आ रहा है। इसका करीब 10 करोड़ रुपए रेंट है। इसका जिम्मेदार कौन है। इसे नगर निगम की इनकम में रखना चाहिए। इसपर नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि इसपर सालाना हर साल एक लाख रुपए से अधिक रेंट कभी नहीं आया है। इस बार 12 लाख रुपए आए हैं। 15 मिनट में बजट पास सदन केवल 45 मिनट तक चला। यह दोपहर 12:13 बजे शुरू हुआ। 15वें मिनट यानी 12:28 बजे मेयर ने बजट पास करने की घोषणा कर दी। घोषणा का भाजपा पार्षदों ने समर्थन किया। दोपहर 1:03 बजे सदन समाप्त हो गया। इस बीच सदन में बैठे जोनल अधिकारियों को मेयर सुषमा खर्कवाल ने उनके जोन में जाकर टैक्स कलेक्शन करने की नसीहत दी। कहा- आपकी बाद में समीक्षा होगी। अधिकारियों की लापरवाही से 5.48 करोड़ रुपए कुर्क नगर निगम लखनऊ क्षेत्र में काम कर रही लॉयन सर्विसेज लिमिटेड के स्वीपिंग मशीनों की खरीद बिल को अधिकारियों ने रोक दिया था। इससे फर्म कोर्ट चली गई। इसमें 22-3-2023 को कोर्ट ने नगर निगम को 8.95 के ब्याज की दर से पेमेंट का आदेश दिया। इसमें नगर निगम ने आर्बिट्रेशन गई। 27-3-2025 को कोर्ट ने नगर निगम का खाता कुर्क कर दिया। इससे कोर्ट ने 5 करोड़ 48 लाख 50,20 रुपए जमा कर लिए। इसके बाद फिर से नगर निगम हाईकोर्ट गया है। 3 तस्वीरें देखिए- पुनरीक्षित बजट 2025-26 किया गया पास नगर निगम लखनऊ के वित्तीय वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित बजट राजस्व, पूंजी एवं उच्चन्त लेखों को मिलाकर कुल आय 3392.24 करोड़ रुपए आंकी गई है। प्रारंभिक अवशेष को शामिल करने के बाद नगर निगम की कुल सकल आय बढ़कर 4791.60 करोड़ रुपये हो गई है। वहीं, कुल व्यय 3391.41 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। आय और व्यय के समायोजन के बाद नगर निगम के पास 1400.19 करोड़ रुपये का अंतिम अवशेष के साथ सदन द्वारा पास किया गया। नए वित्त वर्ष में सफाई पर सबसे अधिक जोर नए वित्त वर्ष में 4692.71 करोड़ रुपए से विकास कार्य किए जाने हैं। 487 करोड़ रुपए से सीवर और पानी से जुड़े काम होंगे। 22 फरवरी को बजट की कार्यकारिणी बैठक में नगर निगम और जलकल विभाग की तरफ से कुल 5179.71 करोड़ रुपए का प्रस्तावित बजट पास किया गया है। बजट में सबसे अधिक जोर साफ-सफाई और कूड़ा निस्तारण पर रहा। इसपर कुल 400 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जून तक हाउस टैक्स जमा करने पर मिलेगी छूट मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि इस बार जनता पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया है। नगर निगम की तरफ से इस बार उत्सव वाटिका बनाई जाएगी। श्मशान घाट को सही किया जाएगा। हाउस टैक्स ऑनलाइन जमा करने पर अप्रैल से ही 10 फीसदी की छूट मिलेगी। ऑफलाइन हाउस टैक्स जमा करने पर 8 फीसदी की छूट रहेगी। मई में ऑनलाइन पर 8 फीसदी और ऑफलाइन पर 6 फीसदी और जून के महीने में ऑनलाइन टैक्स जमा करने पर 5 फीसदी और ऑफलाइन टैक्स जमा करने पर 4 फीसदी की छूट रहेगी। 400 करोड़ कूड़ा निस्तारण और साफ सफाई पर खर्च बजट में सबसे अधिक जोर साफ-सफाई और कूड़ा निस्तारण पर है। ताकि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। इसमें कुल 400 करोड़ रुपए आने वाले एक साल में खर्च होंगे। मेयर की विकास निधि 20 करोड़ और नगर आयुक्त की विकास निधि 10 करोड़ रहेगी। पार्षदों की वार्ड विकास निधि भी नहीं बढ़ेगी। इसके साथ बजट में सड़क निर्माण पर 271 करोड़ रुपए खर्च होंगे। बजट में कल्याण मंडप बनाने, नगर निगम को डिजिटल बनाने सहित मूल भूत सुविधाओं को सुधारने पर जोर है। 5179.71 करोड़ का बजट बजट में 2,278 करोड़ रुपए राजस्व लेखा (रेवेन्यू अकाउंट) है, जो नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स, लीज रेंट, विभिन्न ठेकों और जुर्माने से होने वाली इनकम है। 981 करोड़ रुपए राजस्व लेखा (कैपिटल अकाउंट) राज्य वित्त आयोग की संस्तुति पर मिलने वाले 16 वें वित्त, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन, सीएम ग्रेड योजना सहित अन्य केंद्र सरकार और राज्य सरकार से आने वाले मद शामिल हैं। 34 करोड़ रुपए ठेकेदारों की सिक्योरिटी, कर्मचारी कल्याण कोष, सामूहिक जीवन बीमा सहित अन्य मद से आने वाली मद जिसे उचंत खाता (सस्पेंस अकाउंट) में रखा गया है। इसके साथ ही इस साल का क्लोजिंग बैलेंस 1399 करोड़ रुपए नए फाइनेंशियल ईयर में ओपनिंग बैलेंस के रूप में जुड़ेगा, जिससे साल 2026-27 का कुल बजट 4692.71 करोड़ रुपए प्रस्तावित है। वहीं, जलकल का बजट 487 करोड़ रुपए प्रस्तावित है। हाउस टैक्स की वसूली का लक्ष्य 750 करोड़ रुपए नए वित्त वर्ष में नगर निगम ने हाउस टैक्स की वसूली का लक्ष्य 750 करोड़ रुपए रखा है। हालांकि, टैक्स को बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सड़क निर्माण से जुड़े प्रस्ताव में 271 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। यह पिछले साल के मूल बजट के बराबर में है। हालांकि, 2025-26 के पुनरीक्षित बजट में इसे 55 करोड़ रुपए बढ़ाकर इसे 326 करोड़ कर दिया गया था, जिसे पुनरीक्षित बजट में बढ़ाया जा सकता है। नगर निगम आवश्यकता के अनुसार इसपर निर्णय लेगा। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 का कुल बजट करीब 47 अरब है। सदन के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-
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