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    लखनऊ यूनिविर्सटी में लगे 'भागवत गो बैक' के नारे:स्टूडेंट्स को पुलिस टांगकर ले गई, संघ प्रमुख का थोड़ी देर में कार्यक्रम

    7 hours ago

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    लखनऊ विश्वविद्यालय में बुधवार सुबह RSS प्रमुख मोहन भागवत के पहुंचते ही हंगामा शुरू हो गया। NSUI, समाजवादी छात्र सभा और भीम आर्मी से जुड़े छात्र ‘गो बैक मोहन भागवत’ के नारे लगाने लगे। पुलिस ने जब छात्रों को रोकने की कोशिश की, तो नोकझोंक और खींचतान शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को ठूस-ठूसकर जीप और बसों में भरा। कई छात्र लेट गए, तो उन्हें टांगकर ले जाया गया। सभी छात्रों को इको गार्डन भेजा गया है। NSUI कार्यकर्ता शुभम यादव ने कहा- संघ से जुड़े लोगों को विश्वविद्यालय में कार्यक्रम करने की अनुमति दी जा रही है, जबकि विपक्षी छात्र संगठनों को हॉल तक नहीं मिलते। यूजीसी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दिया है। इसके बावजूद RSS प्रमुख की ओर से कोई बयान नहीं आया है। भागवत दो दिवसीय लखनऊ प्रवास पर हैं। आज लखनऊ यूनिवर्सिटी में संगोष्ठी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कार्यक्रम में भाग लेंगे। मंगलवार को निराला नगर में भागवत सरस्वती शिशु मंदिर आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक में शामिल हुए। उन्होंने सामाजिक सद्भाव से जुड़े विषयों पर विभिन्न वर्गों के लोगों के सवालों के जवाब दिए। UGC गाइडलाइंस पर भागवत ने कहा- कानून सभी को मानना चाहिए। अगर कानून गलत है, तो उसे बदलने का उपाय भी है। कानून को जातियों के बीच झगड़े का कारण नहीं बनना चाहिए। स्टूडेंट्स के प्रदर्शन की PHOTOS- प्रदर्शनकारी छात्रों ने क्या कहा… कल संघ प्रमुख ने क्या कहा, पढ़िए उनकी बड़ी बातें… 1- मुगल और अंग्रेज हिंदू धर्म संस्कृति को मिटा नहीं सके संघ प्रमुख ने कहा, अमेरिका और चीन जैसे देशों में बैठे कुछ लोग हमारी सद्भावना के विरुद्ध योजना बना रहे हैं। इससे हमें सावधान रहना होगा। एक दूसरे के प्रति अविश्वास समाप्त करना होगा। एक दूसरे के दुख दर्द में शामिल होना होगा। जातिवाद पर मोहन भागवत ने कहा, 500 साल मुगल और 200 साल अंग्रेज शासन कर चले गए, लेकिन हिंदू धर्म संस्कृति इतनी मजबूत है कि उसे मिटा नहीं सके। जब इतने सालों में हिंदू धर्म का कोई कुछ नहीं बिगड़ सका तो कोई अब क्या बिगाड़ पाएगा। समाज में जो जाति की विषमता फैल रही है, उसे दूर करना होगा। यह किसी सरकार या संगठन का काम नहीं है, बल्कि इसे समाज के प्रत्येक वर्ग और व्यक्ति को मिलकर करना होगा।' 2- मोहन भागवत बोले- भारतीय मुसलमान भी हिंदू, घर वापसी करानी है संघ प्रमुख ने कहा- भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिंदू हैं, वे कोई अरब से नहीं आए है। घर वापसी का काम तेज होना चाहिए। जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा। संघ प्रमुख ने बढ़ती घुसपैठ पर कहा, घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा। उन्हें रोजगार नहीं देना है। हिंदुओं की घटती जनसंख्या दर पर कहा, हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। अभी जनसंख्या दर 2.1 है। यह कम से कम 3 होनी चाहिए। जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में समाप्त हो जाता है। अब जो भी बच्चे शादी कर रहे हैं, उन्हें बताइए कि कम से कम तीन बच्चे पैदा करें। 3- मातृशक्ति परिवार का आधार, महिलाएं अबला नहीं मोहन भागवत ने कहा, घर-परिवार का आधार मातृशक्ति है। हमारी परंपरा में कमाई का अधिकार पुरुषों को था, लेकिन खर्च कैसे हो, यह मातायें तय करती थी। मातृशक्ति विवाह के बाद दूसरे घर में आकर सभी को अपना बना लेती है। महिला को हमें अबला नहीं मानना है, वह असुर मर्दिनी है। हमने स्त्री की, प्रकृति की जो कल्पना की, वह बलशाली है। महिलाओं को आत्म संरक्षण का प्रशिक्षण होना चाहिए। पश्चिम में महिलाओं का स्तर पत्नी से है, हमारे यहां उन्हें माता माना जाता है। उनका सौंदर्य नहीं, वात्सल्य देखा जाता है। 4- मुस्लिम भी संघ से जुड़ना चाहते बैठक में पूछा गया सवाल RSS ने मुस्लिम मंच क्यों बनाया? मोहन भागवत ने कहा, मुस्लिम भी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ना चाहते हैं। उनके लोगों ने मंच बनाया है। भारत निकट भविष्य में विश्व को मार्गदर्शन देगा। विश्व की अनेक समस्याओं का समाधान भारत के पास ही है। ----------------- यह खबर भी पढ़िए… गोरखपुर में संघ प्रमुख बोले- हम जाति की चिंता कर रहे, हमें बड़े हिंदू समाज के लिए काम करना चाहिए गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने सवर्ण, ओबीसी और दलित समाज के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर भोजन किया। उन्होंने कहा- समाज उसे कहते हैं, जिसमें आपस में जुड़ाव हो। अर्थ और स्वार्थ से जुड़ा अपनापन टिकता नहीं है। उन्होंने कहा- हम जाति की चिंता कर रहे, जबकि हमें बड़े हिंदू समाज के लिए काम करना चाहिए। समाज में यदि सद्भावना नहीं है तो कानून और पुलिस के बावजूद समाज नहीं चलता। संघ प्रमुख तीन दिवसीय प्रवास पर गोरखपुर पहुंचे थे। रविवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ ऑडिटोरियम में RSS के 100 साल पूरे होने पर सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित किया। पढ़ें पूरी खबर…
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