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    लोला 6 राज्यों में चलाती है सेक्स रैकेट:तुर्कमेनिस्तान की महिला को लखनऊ लाई तो पकड़ी गई, डॉक्टर बोले- प्राइवेट पार्ट की सर्जरी नहीं की

    7 hours ago

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    लखनऊ में सेक्स रैकेट में पकड़ी गई उज्बेकिस्तान की लोला ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। उसने लखनऊ के जनक प्रताप सिंह नाम के युवक से शादी की थी। 2 महीने पहले जनक उसे छोड़कर कहीं चला गया। लखनऊ में लोला के 2 घर होने की बात भी सामने आई है। लोला कायूमोवा यूपी के अलावा 5 दूसरे राज्यों में भी सेक्स रैकेट चलाती थी। लखनऊ पुलिस एक साल से उसकी तलाश में थी। लोला कुछ दिन पहले तुर्कमेनिस्तान की महिला को लेकर लखनऊ आई। यहां उसी डॉक्टर के पास गई, जहां उसने अपने फेस और प्राइवेट पार्ट की सर्जरी कराई थी। इस बार डॉक्टर ने सर्जरी से पहले फारेनर रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRO) को सूचना दे दी। टीम ने तुरंत क्लीनिक पहुंचकर लोला और उसकी साथ आई महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को लोला के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस मिले, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। उधर, लोला की प्लास्टिक सर्जरी करने वाले डॉक्टर विवेक से भास्कर रिपोर्टर ने बातचीत की। उनका कहना है कि मैंने केवल नाक की सर्जरी की थी। प्राइवेट पार्ट की सर्जरी कहकर मुझे बदनाम किया जा रहा है। इस रिपोर्ट में पढ़िए लोला की पूरी कहानी और सर्जरी करने वाले डॉक्टर से बातचीत… पहले 2 तस्वीरें देखिए- लोला के बारे में पुलिस का इन्वेस्टिगेशन तुर्कमेनिस्तान की महिला ने लोला की रिफरेंस डिटेल दी डॉक्टर विवेक की क्लिनिक पर 7 अगस्त को तुर्कमेनिस्तान की एक महिला इलाज कराने के लिए पहुंची। इसके पहले नियम आ चुका था कि कोई भी विदेशी भारत इलाज कराने आएगा तो सारी जानकारी एफआरओ (फॉरेनर रजिस्ट्रेशन ऑफिस) को देनी होगी। इसी प्रक्रिया के तहत डॉक्टर की क्लिनिक से सारे दस्तावेज एफआरओ को साझा किए गए। इलाज कराने आई महिला के पास मेडिकल वीजा था। इसके अलावा दिल्ली में इलाज के कई पेपर भी थे। लोला ने उसी महिला के साथ अपने रिफरेंस के तौर पर आधार कार्ड लगाया था। ये देखते ही डॉक्टर की क्लिनिक ने एफआरओ को सूचना दे दी। इसके बाद एफआरओ और पुलिस टीम ने लोला से पूछताछ कर उसे गिरफ्तार कर लिया। लोला ने जिससे शादी का दावा किया, वही लापता लखनऊ पुलिस की मानें तो जिस जनक प्रताप सिंह से शादी का दावा करके डॉक्यूमेंट तैयार हुए उस व्यक्ति का पता नहीं चल सका है। लोला का कहना है दो महीने पहले जनक उसे छोड़कर भाग गया है। ऐसे में ये कह पाना संभव नहीं है कि जनक कौन है। सभी दस्तावेज भी जांच के लिए भेजे गए हैं। अब रिपोर्ट आने के बाद ये साफ हो पाएगा कि दस्तावेज फर्जी हैं, या विभाग में किसी की मिलीभगत से तैयार किए गए हैं। हिंदी, इंग्लिश नहीं बोल पाने से पूछताछ में दिक्कत वहीं लोला को हिंदी नहीं आती है, वो थोड़ी बहुत हिंदी जानती है। उसका इंग्लिश बोलने का तरीका भी काफी अलग है। जिसके चलते पुलिस को पूछताछ में काफी समस्या का सामना करना पड़ा। हालांकि, जांच में ये साफ हो चुका है कि लोला लखनऊ में रहकर हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट चला रही थी। पासपोर्ट-वीजा एक्सपायर होने के बाद भी भारत में रुकी डीसीपी साउथ मो. मुश्ताक ने बताया 20 जून, 2025 को विदेशी महिलाओं को अवैध रूप से भारत में रहने में सहयोग करने और आर्थिक लाभ लेने की सूचना मिली थी। बिना जरूरी दस्तावेज के कुछ विदेशी महिलाओं की पहचान बदलने के लिए प्लास्टिक सर्जरी/ऑपरेशन भी कराए गए। मामले में सुशांत गोल्फ सिटी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना और एफआरआरओ से मिली जानकारी पर पुलिस ने आरोपी महिला ताशकंद उज्बेकिस्तान निवासी लोला क्यूमोवा (45) पुत्री अलिमद जमोवना को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस पूछताछ में लोला ने बताया कि वीजा-पासपोर्ट की वैलिडिटी खत्म होने के बाद भी वह कई सालों से भारत के अलग-अलग राज्यों में छिपकर रह रही थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि लोला ने नियमों के बिना आधार, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेज बनवा रखे थे। उसने अपने गैंग में शामिल अन्य लोगों की मदद से अवैध गतिविधियां संचालित करने की जानकारी दी है। 6 राज्यों में देह व्यापार कराने का आरोप पुलिस का दावा है कि पूछताछ में लोला ने अलग-अलग राज्यों और जिलों में अनैतिक देह व्यापार कराने की बात भी बताई। उसके साथ कई अन्य महिलाएं भी इस नेटवर्क में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। लोला के मोबाइल फोन से कई अन्य सबूत भी मिले हैं। पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, लोला के लखनऊ में राजाजीपुरम और सुशांत गोल्फ सिटी में अलग-अलग पते सामने आए हैं, जिसे उसने अपने का घर का एड्रेस बताया है। अब पढ़िए लोला के बारे में सर्जन क्या कहते हैं- 2025 में पहली बार टैटू हटवाने क्लिनिक आई थी डॉक्टर विवेक गुप्ता का कहना है कि फरवरी, 2025 में लोला उसकी क्लिनिक पर पहली बार आई थी। लोला ने आंख के पास बना टैटू हटवाने के लिए संपर्क किया था। उसके पास सभी डॉक्यूमेंट भारत के थे। जिसमें जनक प्रताप सिंह नाम के व्यक्ति से शादी की बात लिखी थी। सारे डॉक्यूमेंट भारत के होने की वजह से एफआरओ को जानकारी और फॉर्म-सी भरवाने की जरूरत नहीं पड़ी थी। इलाज कराने के लिए कई बार लोला उनकी क्लिनिक पर आई। नाक की सर्जरी को चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी बताया डॉक्टर के मुताबिक, इलाज शुरू होने के बाद लोला ने बताया कि उसकी नाक में प्रॉब्लम है, जिससे उसे सास लेने में दिक्कत होती है। इसके बाद उसकी नाक की सेप्टो राइनोप्लास्टि कराई गई। वो क्लिनिक पर टैटू और नाक की सर्जरी के लिए आई। लेकिन चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी और प्राइवेट पार्ट ऑपरेट कराने की बात कहकर उन्हें बदनाम किया गया। जबकि, ये संभव नहीं है कि किसी का चेहरा बदला जा सके। डॉ. विवेक गुप्ता का कहना है वह एक प्लास्टिक सर्जन हैं, उन्हें अलग-अलग तरीके से लोगों को ट्रीट करना होता है। विदेशी नागरिकों के इलाज के लिए नियम बदले हैं, जिसको एफआरओ विभाग देखता है। कहीं-न-कहीं विभाग डॉक्टरों को अवेयर करने में असफल रहा है। विदेशी लोगों के ट्रीटमेंट के लिए किस तरीके से काम करना है, एफआरओ की वेबसाइट पर फॉर्म भरना मुश्किल होता है। बाद में पेशेंट की जानकारी देना भी मुश्किल होता है। इस बार मैंने गलती नहीं की, पहले ही FRO को बता दिया डॉ. विवेक गुप्ता ने बताया कि एक साल पहले मुझ पर लोला के इलाज से पहले जानकारी न देने का आरोप लगा। जबकि उसके पास सभी दस्तावेज भारतीय मूल के थे। वह दूसरी महिला को इलाज के लिए लेकर आई तो यह मैटर फिर उठ गया। मुझे हाइलाइट किया जा रहा है, जबकि इस बार मैंने पहले ही जानकारी दे दी थी। लोला के केस में एक साल पहले डॉ. विवेक गुप्ता को आरोपी बनाया गया। उनको त्रिजिन राज उर्फ अर्जुन राणा का साथी बताकर मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद विवेचना से उनका नाम हटा दिया गया। जबकि, डॉक्टर का दावा है कि वह न तो त्रिजिन राज से कभी मिले हैं और न ही उसे जानते हैं। अब पूरे मामले की जड़ जानिए- लखनऊ के ओमेक्स हजरतगंज अपार्टमेंट में 21 जून, 2025 को पुलिस को सेक्स रैकेट चलने की सूचना मिली थी। छापेमारी में उज्बेकिस्तान की होलिडा और नीलोफर को गिरफ्तार किया गया। दोनों यहां अवैध रूप से रह रही थीं। पुलिस की जांच में सामने आया था कि फ्लैट डॉक्टर विवेक गुप्ता का है। लोला ही इन दोनों युवतियों को भारत लेकर आई थी। होलिडा और नीलोफर ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि लोला कायूमोवा के जरिए उनकी मुलाकात पत्रकारपुरम और अहिमामऊ में मिनर्वा क्लिनिक चलाने वाले डॉ. विवेक गुप्ता से हुई। डॉक्टर गुप्ता ने ही दोनों की प्लास्टिक सर्जरी की थी। डॉ. विवेक पर आरोप लगा कि वह भी रैकेट का सक्रिय सदस्य बन गया। वह रैकेट से जुड़ी लड़कियों की प्लास्टिक सर्जरी करता था, ताकि उनका लुक रशियन जैसा दिखे और वे कम उम्र की नजर आएं। ------------------------------ संबंधित खबर भी पढ़िए- लखनऊ में सेक्स रैकेट चलाने वाली विदेशी लोला पकड़ी गई : पुलिस को 1 साल चकमा दिया; 50 की उम्र में जवान दिखे, इसलिए 7 बार सर्जरी कराई लखनऊ में सेक्स रैकेट चलाने वाली उज्बेकिस्तान की लोला कायूमोवा (50) आखिरकार पकड़ी गई। वह एक साल से लखनऊ पुलिस को चकमा दे रही थी। पुलिस ने उसे मंगलवार रात (11 अगस्त) ओमेक्स आर-2 बिल्डिंग में छापेमारी कर पकड़ा और खुफिया एजेंसी को सौंप दिया। लखनऊ पुलिस ने पिछले साल उसके रैकेट से जुड़ी 2 युवतियों को गिरफ्तार किया था। दोनों उज्बेकिस्तान की रहने वाली थीं। पूछताछ में लोला का नाम सामने आया था। इसके बाद से ही वह अंडरग्राउंड हो गई थी। (पूरी खबर पढ़िए)
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