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    लापरवाही बरतने पर 2 चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर:दलित को जूते से पानी पिलाने और 15 करोड़ लोन के फर्जीवाड़े में लापरवाही पर हुआ एक्शन

    1 day ago

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    कानपुर में जन शिकायतों को गंभीरता से न लेने और संवेदनशील मामलों में लापरवाही बरतने पर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। सचेंडी के रैकेपुर चौकी इंचार्ज शैलेश त्रिपाठी और पनकी के रतनपुर चौकी प्रभारी आशुतोष दीक्षित को लाइन हाजिर कर दिया गया। एसीपी पनकी मनोज कुमार सिंह की जांच रिपोर्ट में दोनों पुलिसकर्मी दोषी पाए गए थे। इसके बाद डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने कार्रवाई के आदेश जारी किए। महिला ई-रिक्शा चालक के नाम पर 15 करोड़ का फर्जी लोन पनकी के रतनपुर निवासी महिला ई-रिक्शा चालक अर्चना मिश्रा ने आरोप लगाया था कि दो युवकों ने लोन कराने के नाम पर बिरहाना रोड स्थित एक्सिस बैंक में उनका खाता खुलवाया और केवाईसी के बहाने दस्तावेज ले लिए। जब लोन नहीं हुआ तो आरोपियों ने दस्तावेज वापस नहीं किए। बाद में 20 मार्च 2026 को अर्चना के पास जीएसटी विभाग इटावा से करोड़ों रुपए के लोन संबंधी नोटिस पहुंचा। इसके बाद 11 मई को दूसरी नोटिस मिलने पर पता चला कि उनके नाम पर फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर करीब 15 करोड़ रुपए का लोन लिया गया है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह तलाकशुदा हैं और दो बच्चों की जिम्मेदारी उनके ऊपर है। आरोप है कि शिकायत के बाद भी रतनपुर चौकी प्रभारी आशुतोष दीक्षित ने कार्रवाई करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया। इसके बाद महिला ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई। सहायक पुलिस आयुक्त (स्टाफ ऑफिसर) अमरनाथ ने बताया कि पुलिस आयुक्त की जनसुनवाई में कांशीराम कॉलोनी निवासी अर्चना मिश्रा ने शिकायत देकर बताया कि वह ई-रिक्शा चलाकर परिवार चलाती हैं, लेकिन उनके नाम पर करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़े आयकर विभाग के नोटिस आ रहे हैं। महिला का आरोप है कि पनकी थाना क्षेत्र के दो लोग उन्हें एक्सिस बैंक ले गए थे और ₹1 लाख का लोन दिलाने का भरोसा देकर उनके सभी दस्तावेज ले लिए थे। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर उनके नाम से व्यवसायिक लेनदेन किए गए। महिला ने बताया कि इस संबंध में उसने पहले रतनपुर चौकी में भी सूचना दी थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से रतनपुर चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष और गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। दलित युवक को पीटकर जूते से पानी पिलाने का आरोप वहीं सचेंडी थाना क्षेत्र के झकरा गांव में दलित युवक के साथ बर्बरता का मामला भी सामने आया था। आरोप है कि युवक को पीटने के बाद जूते से पानी पिलाया गया और थूक चटाया गया। मामले में समय रहते प्रभावी कार्रवाई न करने और घटना की सूचना थाने को न देने के आरोप रैकेपुर चौकी इंचार्ज शैलेश त्रिपाठी पर लगे थे। घटना के बाद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश था। मामले की जांच एसीपी पनकी मनोज कुमार सिंह को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट में उजागर हुई लापरवाही एसीपी की जांच रिपोर्ट में दोनों चौकी प्रभारियों की कार्यशैली और शिकायतों के प्रति लापरवाही उजागर हुई। एसीपी ने बताया कि झकरा गांव की गंभीर घटना की जानकारी चौकी इंचार्ज द्वारा थाने में नहीं दी गई थी, जबकि नियमों के अनुसार तत्काल सूचना देना जरूरी था। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी वेस्ट को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद दोनों दरोगाओं को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया।
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