Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मां-बेटे के बाद अब बाप की भी मौत:लखनऊ में तीनों ने खाया था जहर, सुसाइड नोट सवालों के घेरे में

    11 hours ago

    1

    0

    लखनऊ के बंथरा इलाके में 20 मार्च को दंपती और उनके बेटे ने जहर खा ली थी। मां-बेटे की उसी दिन मौत हो गई थी। बाप की आज, 22 मार्च को अस्प्ताल में मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हालांकि, अब तक पुलिस यह नहीं पता लगा पाई कि जहर आया कहां से, कैसे खाया गया और क्या यह वाकई सामूहिक आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है। अब तक की जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं, लेकिन कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं। सुसाइड नोट भी सवालों के घेरे में है। मौके पर या संभावित जगहों पर जहर का कोई भी रैपर या शीशी नहीं मिली। मां और बेटे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जहर से मौत स्पष्ट हुआ है। इस रिपोर्ट में पढ़िए अबतक के तहकीकात और पूरा केस प्रोग्रेस… पहले पढ़िए पूरा मामला- बंथरा के नीवां गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों ने जहर खाकर जान दे दी है। पुलिस को बेटे की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें लिखा है- ‘ हम लोग आत्महत्या कर रहे हैं। इससे परिवार से कोई मतलब नहीं है। हम अपने आप तीन लोग आत्महत्या कर रहे हैं।’ मृतकों की पहचान रूप नारायण (55), उनकी पत्नी तारावती (52) और बेटे संदीप (30) के रूप में हुई। परिवार चाय-समोसा की दुकान और पान की गुमटी चलाकर अपना गुजारा करता था। घटना के वक्त छोटा बेटा कुलदीप भी घर में ही था। अब पढ़िए अबतक क्या-क्या हुआ घर से नहीं मिला जहर, सबसे बड़ा सवाल-आखिर आया कहां से? पुलिस जांच का सबसे बड़ा और शुरुआती सवाल यही है कि तीनों ने जिस जहरीले पदार्थ का सेवन किया, वह घर में आया कैसे। घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को किसी भी तरह की कीटनाशक की शीशी, रैपर, डिब्बी या कंटेनर नहीं मिला है। यह स्थिति जांच को और सस्पेंस बना रही है, क्योंकि आमतौर पर इस तरह के मामलों में जहर का कोई न कोई स्रोत घटनास्थल पर मिल जाता है। ऐसे में यह संभावना भी खंगाली जा रही है कि जहर बाहर से लाकर इस्तेमाल किया गया और बाद में उसके साक्ष्य हटा दिए गए। खाने में मिला था जहर या पानी में? एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार घटना के समय घर में बना हुआ खाना मौजूद था, जिसे पुलिस ने जब्त कर फॉरेंसिक साइंस लैब भेज दिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं खाने में जहर मिलाकर तो सेवन नहीं किया गया। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि जहर पानी या किसी अन्य पेय पदार्थ में मिलाकर लिया गया या सीधे सेवन किया गया। फिलहाल, इस सवाल का जवाब एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएगा। पिता की दो दिन बाद हुई मौत घटना में जहर खाने वाले परिवार के मुखिया रूप नारायण चौरसिया का प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। डॉक्टरों के मुताबिक, वह पूरी तरह से होश में नहीं आए थे, जिसके चलते पुलिस उनका बयान दर्ज नहीं कर सकी थी। आज शाम करीब 7 बजे रूप नारायण की मौत हो गई। अस्पताल ने इसकी पुलिस को सूचना दी। छोटे बेटे की भूमिका पर सस्पेंस, पुलिस की निगरानी में घटना के समय घर में मौजूद छोटे बेटे कुलदीप की भूमिका को लेकर भी पुलिस सतर्क है। हालांकि, अब तक की जांच में उसकी किसी प्रत्यक्ष शामिल होने के प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने उसे हिरासत में नहीं लिया है, लेकिन उसके बयान को तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है। ग्रामीणों में उसके व्यवहार को लेकर उठ रही चर्चाओं को भी पुलिस नजरअंदाज नहीं कर रही। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग बनेगी अहम सबूत मृतक संदीप की जेब से मिले सुसाइड नोट को पुलिस ने जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाया है। नोट में लिखा है कि “हम लोग आत्महत्या कर रहे हैं और इसके लिए परिवार का कोई दोष नहीं है।” अब पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यह नोट वास्तव में संदीप ने ही लिखा है या किसी और ने। इसके लिए हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराई जाएगी। जानकारी के अनुसार संदीप इंटरमीडिएट तक पढ़ा था और छोटा भाई कुलदीप भी इसी स्तर तक पढ़ा है। ऐसे में लिखावट की पुष्टि केस की दिशा बदल सकती है। पोस्टमॉर्टम में जहर से मौत की पुष्टि, समय क्लियर नहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ हुआ है कि मां और बेटे की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है। डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित कर लिया है, जिसे केमिकल एनालिसिस के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक आकलन में मौत का समय देर रात का माना जा रहा है, लेकिन सटीक समय की पुष्टि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। इससे यह भी स्पष्ट होगा कि जहर खाने के बाद कितनी देर में मौत हुई। फटा हुआ नोटिस और ‘मुंबई कनेक्शन’ जांच के दायरे में घटनास्थल के बाहर मिला पांच पन्नों का फटा हुआ नोटिस भी जांच का अहम हिस्सा बन गया है। एक पेज पर ‘सिक्योरिटी ऑफिसर, मुंबई’ लिखा हुआ मिला है, जिससे किसी बाहरी कनेक्शन या आर्थिक दबाव की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, परिवार के सदस्यों ने किसी भी तरह के कर्ज या विवाद से इन्कार किया है, लेकिन पुलिस इस एंगल को गंभीरता से खंगाल रही है। आर्थिक तंगी और बीमारी भी जांच के केंद्र में स्थानीय लोगों के अनुसार परिवार लंबे समय से आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा था। पत्नी तारावती रीढ़ की चोट के कारण कम ऐक्टिव रहती थीं, जबकि संदीप भी पहले हादसे में घायल हो चुका था। इलाज में हुए खर्च और सीमित आय के कारण परिवार पर मानसिक दबाव होने की संभावना से भी पुलिस इन्कार नहीं कर रही है। -------------------------- संबंधित खबर पढ़िए- लखनऊ में जहर खाकर मां-बेटे ने जान दी, पिता गंभीर : जेब में मिला सुसाइड नोट, घर के बाहर 5 पेज का नोटिस चिपका था लखनऊ में एक ही परिवार के तीन लोगों ने जहर खा लिया। मां और बेटे की मौत हो गई। पिता की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस को बेटे की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें लिखा है- ‘ हम लोग आत्महत्या कर रहे हैं। इससे परिवार से कोई मतलब नहीं है। हम अपने आप तीन लोग आत्महत्या कर रहे हैं।’ (पूरी खबर पढ़िए)
    Click here to Read more
    Prev Article
    कौशाम्बी में दबंगों ने गिराई निर्माणाधीन दीवार:दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया, पीड़ित एसपी से करेगा शिकायत
    Next Article
    हरदोई में तमंचा-कारतूस के साथ दो गिरफ्तार:कासिमपुर के सोनानी खेड़ा में मारपीट, दोनों पर चार मुकदमें पहले से दर्ज

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment