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    मैं मरना नहीं चाहता था, लिखकर एजेंट ने जान दी:युवराज को छोड़ना नहीं, उसने विश्वासघात किया; 5 पेज का सुसाइड नोट मिला

    5 hours ago

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    कानपुर में कमीशन एजेंट ने सुसाइड कर लिया। पुलिस को उसके जेब से 5 पेज का सुसाइड नोट मिला। उसमें लिखा- मैं मरना नहीं चाहता था। मगर युवराज यादव ने ने मेरे साथ विश्वासघात किया। जिसके कारण मैं पूरी तरह से बर्बाद हो गया हूं। मैं कर्ज में डूब गया। जिनसे मैंने उधार लिया, वह लोग अब पैसे मांग रहे हैं। मुझे धमकी दे रहे हैं। मेरी वजह से मेरा दोस्त भी फंस गया। मैं चाहता हूं कि मेरे जाने के बाद युवराज यादव और उसके भाई को सजा मिले। मां मुझे माफ कर देना। मैं आपसे कहता था कि सब सही कर दूंगा, लेकिन मैं सही नहीं कर पाया। काकादेव थाने की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है तहरीर मिली है। जांच के बाद एक्शन होगा। काकादेव थानाक्षेत्र के शास्त्री नगर मतैयापुरवा में रहने वाला 37 वर्षीय रवि यादव दोपहिया समेत कार, पिकअप आदि वाहनों को कमीशन पर खरीदने बेचने का काम करता था। उसके दो बड़े भाई अंबिका प्रसाद और पंकज भी यही काम करते हैं। रवि के परिवार में पत्नी दीपिका दो बच्चे और मां मानती देवी हैं। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे रवि यादव ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। भाइयों ने देखा तो तुरंत उसे फंदे से उतारकर हैलट अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घरवालों ने काकादेव पुलिस को सूचना दी। पुलिस को रवि की पैंट की जेब से पांच पेज का एक सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में लिखा था कि युवराज यादव और उसके भाई संतोष यादव ने वाहन खरीदने और बेचने के नाम पर करीब 15 लाख रुपये हड़प लिए। काकादेव थाना प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि युवक ने आत्महत्या की है। उसके पास से सुसाइड नोट मिला है। परिजनों की तहरीर और सुसाइड नोट की जांच पड़ताल के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। सुसाइड नोट में क्या लिखा, वो पढ़िए- मेरे दोस्त के नाम गाड़ियां फाइनेंस कराईं, वो भी फंस गया मैंने युवराज यादव और उनके भाई संतोष यादव को जनवरी में 10 लाख रुपए नकद में दिए। युवराज यादव ने कहा था कि हम दोनों मिलकर गाड़ी उठाएंगे। जो बचेगा उसका आधा-आधा बांट लेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने मुझे बेवकूफ बनाया। गाड़ी नहीं खरीदी। फिर मैंने दोनों से बात की, तो उन्होंने मुझसे कहा-हम अपने नाम गाड़ी उठाएंगे। मैं तुमको पैसे दे दूंगा। फिर मैंने मार्च में एक गाड़ी टाटा अल्टॉज 2023 मॉडल खरीदी। मगर दोनों भाइयों ने मुझे पैसे नहीं लौटाए। युवराज और उसके भाई ने मुझे धोखा दिया। मैं चाहता हूं मेरे दोस्त रवि कुमार को बैंक के कर्ज से मुक्त कराया जाए। जिसका पैसा युवराज यादव के पास है। जो कि मेरे पैसे से युवराज यादव ने गाड़ी फाइनेंसस कराई। फाइनेंस मेरे दोस्त रवि कुमार के नाम पर हुआ था। उसने कहा था कि पैसा मेरे अकाउंट में आएगा, लेकिन नहीं आया। रवि ने लिखा- युवराज ने मुझे बेवकूफ बनाया जिस कारण मैं पूरी तरह से फंस गया। मुझसे यह कहा कि जब गाड़ी ट्रांसफर हो जाएगी, तब पैसा पूरा मिलेगा। मेरे दोस्त के नाम लोन भी हो गया और पैसा भी नहीं मिला। जिस कारण मेरा दोस्त भी फंस गया। युवराज यादव ने मुझको बेवकूफ समझकर मेरे भाई अंबिका प्रसाद की गाड़ी पर लोन करा कर उसका भी पैसा नहीं मिला। जो कि दोनों गाड़ी मेरे दोस्त रवि कुमार के नाम फाइनेंस हो गई हैं। युवराज ने बैंक वाले से मिलकर दोनों गाड़ी का पैसा अपने अकाउंट में ले लिया, जो कि बैंक वाले युवराज से मिले हैं। मां मुझे माफ कर देना, लेकिन युवराज को मत छोड़ना बैंक वालों को गाड़ी का पैसा मेरे दोस्त रवि कुमार के अकाउंट में देना चाहिए, मगर ऐसा नहीं हुआ। मैने अपनी रजिस्ट्री गिरवी रख कर युवराज यादव को 10 लाख रुपए दिए थे। युवराज यादव मेरा पैसा घरवालों को वापस कर दें, जिसकी वजह से मेरे घर में भी रोज झगड़ा होता है। मेरे ऊपर लोगों का कर्ज हो गया है और लोग मुझको धमकाते हैं। जिस कारण मेरा जीना दुश्वार हो गया है। मैं मरना नहीं चाहता था, मगर क्या करूं। जितना मैंने अपने आपको संभालना चाहा, उतना फंस गया। एक साल हो गए हैं। सब संभालते हुए बहुत देर हो गई है। हो सके तो युवराज यादव को माफ नहीं करना। मुझे माफ करना मां, मैं अच्छा बेटा नहीं हूं। सॉरी मां। मेरी चारों गाड़ी का पैसा युवराज यादव और उसके भाई संतोष यादव के पास है।
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