Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मेडिकल कॉलेज में 139 गत्ता दवा आपूर्ति विवाद गहराया:फार्मासिस्ट ने लगाया दबाव में खंडन लिखवाने का आरोप

    2 hours ago

    1

    0

    राजर्षि दशरथ राजकीय मेडिकल कॉलेज में बिना ऑर्डर के 139 गत्ता दवाओं की आपूर्ति का मामला अब और तूल पकड़ता जा रहा है। स्टोर में तैनात रहे फार्मासिस्ट योगेश मिश्रा का अपर निदेशक स्वास्थ्य को भेजा गया एक शिकायती पत्र सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन में फिर हलचल मच गई है। फार्मासिस्ट योगेश मिश्रा ने 27 फरवरी को केंद्रीय औषधि भंडार के प्रभारी अधिकारी को पत्र लिखकर बताया था कि प्रयागराज की कुशवाहा आरपी नामक फर्म से 21 जनवरी से 25 फरवरी के बीच 139 गत्ता सामान की आपूर्ति हुई है। पत्र में कहा गया कि इन दवाओं का प्राप्तकर्ता चीफ फार्मासिस्ट/स्टोर इंचार्ज अंकित दर्शाया गया है, जबकि उन्होंने ऐसा कोई ऑर्डर नहीं किया था। 24 घंटे में जारी हुआ खंडन पत्र यह पत्र सार्वजनिक होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हलचल मच गई। इसके करीब 24 घंटे बाद ही योगेश मिश्रा का एक दूसरा पत्र सामने आया, जिसमें उन्होंने 27 फरवरी के पत्र को भ्रामक स्थिति में लिखा गया बताते हुए उसका खंडन किया। मामले के मीडिया में आने के बाद कॉलेज की काफी किरकिरी हुई। दबाव में खंडन लिखवाने का लगाया आरोप अब 28 फरवरी का एक और पत्र वायरल हुआ है, जिसमें योगेश मिश्रा ने इंचार्ज प्राचार्य रहे डॉ. डीके सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपर निदेशक स्वास्थ्य को लिखे पत्र में कहा कि केंद्रीय औषधि भंडार के प्रभारी अधिकारी के मौखिक आदेश पर 139 गत्ता दवाएं रिसीव कराकर स्टोर में रखवा दी गई थीं। बिल और वाउचर न होने के कारण उनका स्टॉक बुक में अंकन नहीं किया गया। योगेश मिश्रा का आरोप है कि 27 फरवरी को मामले की जानकारी देने के बाद अगले दिन शाम पांच बजे उन्हें प्रशासनिक भवन में बुलाया गया, जहां इंचार्ज प्राचार्य डॉ. डीके सिंह ने दबाव बनाकर उनसे पहले पत्र का खंडन लिखवाया। इससे वे मानसिक रूप से आहत हैं। अधिकारियों ने आरोपों को बताया बेबुनियाद इस मामले में इंचार्ज प्राचार्य और ब्लड बैंक विभागाध्यक्ष डॉ. डीके सिंह ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि वह केवल कार्यवाहक प्राचार्य थे और उन्होंने फार्मासिस्ट को उचित माध्यम से शिकायत करने की सलाह दी थी। वहीं अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. बीके सिंह चौहान ने कहा कि डाक के माध्यम से शिकायती पत्र प्राप्त हुआ होगा, इसकी जानकारी कराई जा रही है। मामले के सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज में दवा आपूर्ति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं और अब जांच की मांग तेज हो गई है। वहीं, अपर निदेशक डॉ. बीके सिंह चौहान ने बताया कि डाक में शिकायती पत्र रिसीव कराया गया होगा, जानकारी की जा रही है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    नाबालिग भतीजा ताऊ की हत्या में सुधार गृह भेजा:पेंशन विवाद में हुई थी हत्या, पिता फरार, मां-बड़ा भाई जेल में
    Next Article
    लोकतंत्र सेनानी सरनाम सिंह गंगवार का निधन:फर्रुखाबाद भाजपा के पहले जिलाध्यक्ष रहे, अटल जी के सहपाठी थे

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment