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    महिला-आयोग के निर्देश नहीं मानने पर अफसर पर होगी कार्रवाई:राज्य महिला आयोग की सदस्य बोलीं - ज्यादा आ रहे हैं जमीन और एकतरफा कार्रवाई करने के मामले

    18 hours ago

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    उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने सोमवार को वाराणसी के सर्किट हाउस सभागार में जन सुनवाई की। इस दौरान कुल 21 प्रकरण आये। जिसमें अधिकतर प्रकरण घरेलू हिंसा, जमीनी विवाद एवं बच्चे के बर्थ सर्टिफिकेट से संबंधित थे। आयोग की सदस्या गीता विश्वकर्मा ने महिलाओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभाग को उपलब्ध कराते हुए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं की समस्याओं का संज्ञान लेते हुए उसका निस्तारण नियमानुसार तय समय में किया जाए। इसके अलावा गीता विश्वकर्मा ने हर बार की तरह इस बार भी इसकेजिला कारागार के महिला बंदी सेल में जाकर महिला कैदियों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला चिकित्सालय वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर महिलाओं का हाल चाल लिया और उनके बारे में जाना। वहीं उन्होंने इस दौरान कहा की यदि महिला आयोग के निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 21 मामलों का हुआ निस्तारण राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने बताया - अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में खास जन सुनवाई आ कराई जा रही है। जिसमें कुल 21 प्रकरण आये हैं। जिसमें जमीन के और घरेलू हिंसा के मामले ज्यादा हैं। इसके लावा 4 बच्चों की स्कालरशिप फ्री की गई है। जमीन के मामले आये ज्यादा गीता विश्वकर्मा ने बताया - जमींन के मामले कम से कम 4 से 5 आये हैं। एक पुराने मामले शारदा देवी के नाम से आया है। जबकि उसमे राज्य महिला आयोग ने कब्जा देने की बात कही थी। आरोप है कि पुलिसिया कार्रवाई की शिथिलता की वजह से उसे आज तक कब्जा नहीं मिला जबकि आप का ऑर्डर दिखा चुका है। इस सवाल पर गीता विश्वकर्मा बगलें झांकने लगी । लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज गीता विश्वकर्मा ने यह क्लियर किया कि - यदि कोई अफसर राज्य महिला आयोग के सदस्यों का निर्देश अनुपालित नहीं करवाता है। तो उसपर कार्रवाई होगी और उसकी जवादेही तय होगी। यदि अदालत के केस की अवहेलना है तो यह बड़ा जुर्म है महिलाओं की बदली सोच गीता ने कहा - पिछले कुछ सालों में नारी सशक्त हुई है। पहले लोक लाज और सम्मान के कारण महिलाऐं नहीं बताती थीं और प्रतड़ना सहती थीं। वह खत्म हो गया है। लोग भी पढ़े लिखे हो गए हैं और उन्हें जानकारियां है तो वो पीछे नहीं हटते । लेकिन अक्सर सुना है कि थानों में पैसे के बल पर एकतरफा कार्य कर रहे थे।
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