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    महिला PCS अफसर को ऑफिस में घुसकर धमकी दी:बोला- मेरे पक्ष में फैसला नहीं किया, तो प्रयागराज में रहने नहीं देंगे

    21 hours ago

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    प्रयागराज में एडिशनल कमिश्नर जयजीत कौर से उनके ऑफिस में घुसकर गाली-गलौज करने और धमकी देने का मामला सामने आया है। एडिशनल कमिश्नर का आरोप है कि उनके ऑफिस में एक युवक अपने साथियों के साथ घुस आया। उसने धमकी दी कि अगर मेरे पक्ष में फैसला नहीं किया, तो प्रयागराज में रहने नहीं देंगे। बात नहीं मानने पर अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी। कर्नलगंज पुलिस ने सोमवार सुबह 5 बजे एक नामजद और 10-12 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की है। अब पढ़िए पूरा मामला जयजीत कौर प्रयागराज में एडिशनल कमिश्नर (न्यायिक) के पद पर तैनात हैं। उन्होंने पुलिस को बताया- मेरा ऑफिस कमिश्नर ऑफिस परिसर में है। 17 जुलाई की सुबह करीब 11 बजे हंडिया में रहने वाला पवन कुमार विश्वकर्मा अपने 10-12 साथियों के साथ मेरे ऑफिस आया। वह मुझसे एक विचाराधीन मामले में अपने पक्ष में फैसला देने की बात कहने लगा। इस पर मैंने कहा कि किसी भी वाद का निस्तारण केवल गुण-दोष और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। यह सुनकर पवन और उसके साथी भड़क गए। उन्होंने मुझसे गाली-गलौज की और देख लेने की धमकी दी। यही नहीं, पवन और उसके साथियों ने कमिश्नर ऑफिस परिसर में नारेबाजी भी की। इससे कुछ समय के लिए सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ। दो मुकदमे पहले से, गुंडा एक्ट भी लगा जयजीत कौर ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि पवन के खिलाफ हंडिया में पहले से मारपीट, गाली-गलौज, धमकी देने और आबकारी अधिनियम के तहत एक अन्य केस दर्ज है। दोनों मामलों में चार्जशीट भी लग चुकी है। 2022 में उसके खिलाफ यूपी गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई करने को कहा गया था। महिला अफसर ने अपनी शिकायत में आशंका जताई कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक घटना हो सकती है। डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया- शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। ऑफिस परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज से जांच की जा रही है। आरोपी पवन पर चल रहा शराब में यूरिया मिलाने का मुकदमा पवन विश्वकर्मा पर आबकारी अधिनियम के तहत साल- 2021 में मुकदमा दर्ज हुआ था। 10 अप्रैल, 2021 की रात एसओजी गंगापार और स्थानीय पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति यूरिया मिली शराब लेकर बेलहा-सिंघामऊ मार्ग से आने वाला है। इस पर पुलिस टीम ने बेलहा-सिंघामऊ तिराहे के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर वह युवक वहां से लौटने लगा, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान बेलहा सिंघामऊ में रहने वाले पवन विश्वकर्मा के रूप में बताई थी। तलाशी में उसके पास से 28 पव्वे विंडीज लाइम और 5 पव्वे बॉम्बे स्पेशल व्हिस्की बरामद हुई। सभी पव्वों के ढक्कन खुले थे। साथ ही एक किलो यूरिया और 50 ग्राम नौसादर भी मिला था। पुलिस पूछताछ में पवन ने स्वीकार किया था कि वह शराब में यूरिया, नौसादर और पानी मिलाकर उसे बेचता था। पुलिस ने पवन को गिरफ्तार कर लिया था। इस समय वह जमानत पर बाहर है। इसी मामले में पक्ष में फैसला देने के लिए पवन विश्वकर्मा एडिशनल कमिश्नर जयजीत कौर पर दबाव बना रहा था। पवन विश्वकर्मा खुद को भाजपा का कार्यकर्ता बताता है। उसके कई मंत्रियों और भाजपा के बड़े नेताओं के साथ फोटो भी है, जो वह अक्सर सोशल मीडिया पर पोस्ट करता रहता है। यूपीपीसीएस 2016 बैच की टॉपर हैं जयजीत कौर 42 साल की जयजीत कौर यूपीपीसीएस 2016 बैच की टॉपर रही हैं। वह कानपुर की रहने वाली हैं। लखनऊ के आईईटी कॉलेज से बीटेक करने के बाद उन्होंने मुंबई से एमबीए किया। पीसीएस परीक्षा पास करने से पहले वह आईटी सेक्टर में जॉब कर रही थीं। पति आशुतोष के प्रोत्साहन पर उन्होंने नौकरी छोड़कर पीसीएस की तैयारी शुरू की। फिर पहले ही प्रयास में टॉप किया था। उसी साल उनके पति आशुतोष भी पीसीएस में सिलेक्ट हुए थे। जयजीत के पिता सर्वजीत सिंह बिजनेसमैन हैं। उनकी दो ननद विभा और पूजा भी पीसीएस अफसर हैं। जयजीत कौर की मार्च में प्रयागराज में एडिशनल कमिश्नर न्यायिक के पद पर तैनाती हुई थी। प्रयागराज से पहले वह लखनऊ और अयोध्या में भी तैनात रह चुकी हैं। ---------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- नोएडा में 6 साल के बच्चे की मौत के 5-जिम्मेदार, अथॉरिटी के सीईओ ने कभी जांच नहीं की; ठेकेदार मनमानी करता रहा ग्रेटर नोएडा में सिस्टम की लापरवाही ने 6 साल के मासूम आव्यान की जिंदगी छीन ली। इस मामले में 5 लोगों की सीधी लापरवाही सामने आई है। न तो ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के सीईओ ने कभी निर्माण कार्यों और सुरक्षा मानकों की जांच कराई और न ही ठेकेदार ने सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए। अफसरों की ढिलाई की वजह से ठेकेदार लगातार मनमानी करता रहा। पूरी खबर पढ़ें…
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