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    मौका देख हूतियों ने किया ऐसा तबाह, सऊदी ने जारी किया थ्रेट अलर्ट

    14 hours ago

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    यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के रणनीतिक जलमार्ग बाब अल मंदेब स्ट्रीट और उसके मुहाने पर स्थित रणनीतिक मायन द्वीप पर अपना नियंत्रण मजबूत कर लिया है। सितंबर 2026 की शुरुआत में हूतियों द्वारा किए गए इस औचक हमले ने सऊदी अरब की करीब एक दशक की सैन्य आर्थिक और कूटनीतिक रणनीतियों को घुटने पर ला दिया है। सऊदी अरब ने शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह रियाद समेत पूरे देश में इमरजेंसी अलर्ट जारी किए और हवाई हमले के खतरे की चेतावनी दी। सऊदी राजधानी में कम से कम एक धमाके की आवाज़ सुनी गई, जबकि ईरान ने इज़राइल के लिए जासूसी के दोषी एक व्यक्ति को फांसी दिए जाने की जानकारी दी। इस इलाके में दूसरी जगहों पर, UN सुरक्षा परिषद ने हूती मिसाइल हमलों की निंदा की, गाजा में इज़राइली हमलों में दो लोग मारे गए और उस इलाके में 2,80,000 से ज़्यादा बच्चे टेंट और क्षतिग्रस्त क्लासरूम में पढ़ाई करते पाए गए। पाकिस्तान और ईरान ने भी ऊर्जा आपूर्ति और शिपिंग सुरक्षा पर बातचीत की, जबकि ईरान और तुर्की के अधिकारियों ने घरेलू नियमों और तेहरान पर दबाव से जुड़े अलग-अलग कानूनी और रेगुलेटरी कदम उठाए। सऊदी अरब में अधिकारियों ने बाद में अलर्ट हटा लिया और किसी के हताहत होने या नुकसान की कोई खबर नहीं मिली। सऊदी सरकार ने यह नहीं बताया कि अलर्ट या धमाकों की वजह क्या थी, लेकिन उसने पहले यमन के ईरान-समर्थित हूथी विद्रोहियों द्वारा दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों को बीच में ही रोकने की बात कही है। हूतियों के साथ हालिया तनाव बढ़ने के बाद रियाद में जारी किया गया यह अलर्ट राजधानी में पहला थाइसे भी पढ़ें: अब्बास को ना, पेजेश्कियान को हां...फिलिस्तीन पर ट्रंप का खेल, जंग के बीच ईरानी नेता जाएंगे US?शुक्रवार देर रात, UN सुरक्षा परिषद ने कहा कि हूतियों की सैन्य गतिविधियों में तेज़ी, हमलों और धमकियों से संघर्ष के और बढ़ने, समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खतरा पैदा होने और यमन में शांति स्थापित करने की कोशिशों को नुकसान पहुंचने का जोखिम है। परिषद ने कहा कि तनाव का बढ़ना देश में पहले से ही खराब मानवीय स्थिति को और बिगाड़ देगा। परिषद के 15 सदस्यों ने ईरान-समर्थित समूह को हथियार, सैन्य प्रशिक्षण, फंडिंग और अन्य सैन्य सहायता मिलने से रोकने के लिए "व्यावहारिक सहयोग" का आह्वान किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि सभी देशों को विद्रोहियों पर UN के हथियार प्रतिबंध को सख्ती से लागू करना चाहिए। ईरान के सरकारी टीवी ने शनिवार को बताया कि इज़राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी का दोषी पाए जाने के बाद हुसैन पेद्रम को फांसी दे दी गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसने इस्फ़हान प्रांत में संवेदनशील सैन्य ठिकानों के बारे में गोपनीय जानकारी इज़राइल को दी थी, लेकिन यह नहीं बताया गया कि उसने यह जानकारी कैसे हासिल की। ​​इसमें कहा गया है कि उसे तब गिरफ्तार किया गया था जब पिछले साल जून में ईरान के खिलाफ़ अमेरिका और इज़राइल की 12 दिन की हवाई जंग के दौरान मिसाइल बेस समेत उन ठिकानों को निशाना बनाया गया था। यह रिपोर्ट ईरान में हाल ही में फांसी की बढ़ती घटनाओं के बीच आई है, जिसकी मानवाधिकार समूहों ने आलोचना की है।इसे भी पढ़ें: भारत को कम्युनिज्म से नहीं...मुंह नीचे कर हिंदुओं पर क्या बोले हामिद अंसारी?हाल ही में होर्मुज स्ट्रीट बंद होने के बाद सऊदी अरब अपने कच्चे तेल के सुरक्षित निर्यात के लिए पूरी तरह लाल सागर के यनबू बंदरगाह और बाब अल मंदेब स्टेट पर निर्भर हो गया था। सऊदी अरब का लगभग 80% तेल निर्यात एशियाई बाजारों की ओर जाता है। हूतियों ने ठीक इसी समय का फायदा उठाया और  बाब अल मंदेब स्टेट के पास स्थित मोखा और दुबाब शहरों पर कब्जा कर लिया। इस समुद्री नाकाबंदी ने सऊदी की आर्थिक जीवन रेखा को सीधे तौर पर पंगू बना दिया है। वैकल्पिक पाइप लाइनों की सुरक्षा करने में लाचारी। जब हॉर्मोस मार्ग बंद हुआ तो सऊदी अरब ने अपने कच्चे तेल को लाल सागर तक पहुंचाने के लिए ईस्ट वेस्ट पाइपलाइन का सहारा लिया। लेकिन हूतियों और उनके सहयोगी ईरान समर्थित इराकी मिलीशिया ने सऊदी की इस आंतरिक कमजोरी को भी भांप लिया। 11 सितंबर को इस पाइपलाइन पर भीषण ड्रोन हमले किए गए। जिसके कारण सऊदी ऊर्जा मंत्रालय को अस्थाईरूप से इसे बंद करना पड़ा। इसने साबित कर दिया कि सऊदी अरब के पास अपनी तेल संपदा को सुरक्षित ले जाने का कोई भी सुरक्षित वैकल्पिक जरिया नहीं बचा है। सऊदी अरब की एक बड़ी कूटनीतिक कमजोरी यह रही है कि वह अपनी क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए हमेशा वाशिंगटन पर निर्भर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सेूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य हमले शुरू करने का आग्रह किया था। लेकिन ट्रंप ने इस मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया। 
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