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    मलिहाबाद में मल्हिया पासी गेट हटाने पर बवाल:पूर्व केंद्रीय मंत्री समेत 4 MLA सरकार के खिलाफ; इतिहास मिटाने का आरोप

    1 hour ago

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    लखनऊ के मलिहाबाद में मल्हिया पासी गेट को रातों-रात हटाए जाने का विवाद बढ़ता जा रहा है। विपक्ष से ज्यादा भाजपा के नेता ही सरकार और प्रशासन के खिलाफ हो गए हैं। उखाड़े गए स्वागत द्वार को दोबारा लगवाने के लिए पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर और उनकी पत्नी विधायक जयदेवी कौशल समेत 4 एमएलए प्रवास धरने पर बैठ गए हैं। इसको पासी समाज के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई और इसके पीछे के कारणों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। वहीं पुलिस ने मामले में दो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जनप्रतिनिधियों और नेताओं की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और गेट को दोबारा स्थापित किया जाए। देखिए 3 तस्वीरें… रात में हटाया गया गेट, नेताओं ने उठाए सवाल मलिहाबाद में मल्ली पासी के नाम पर लगाया गया गेट 21-22 तारीख की रात करीब एक बजे के बाद काटकर हटा दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है। क्षेत्रीय बीजेपी विधायक जय देवी का कहना है कि विधायक निधि से क्षेत्र में कुल 12 गेट लगाए गए थे, लेकिन प्रशासन ने सिर्फ इसी गेट को निशाना बनाया। उनका आरोप है कि गेट हटाए जाने के बाद प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया, जिसके चलते उन्हें प्रवास धरना करना पड़ा। पूर्व केंद्रीय मंत्री बोले- इतिहास मिटाने की साजिश पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मल्ली पासी मलिहाबाद के बसाने वालों में शामिल रहे हैं। यह गेट उनके सम्मान का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि बिना किसी स्पष्ट सूचना के गेट हटाना इतिहास को मिटाने जैसा है। उनका सवाल है कि अगर गेट के निर्माण में कोई अनुमति नहीं थी तो वह बना कैसे और इतने समय तक लगा क्यों रहा। उन्होंने प्रशासन से दोषियों पर कार्रवाई और गेट को पुनः स्थापित करने की मांग की है। प्रवास धरने में कई भाजपा नेता शामिल इस पूरे मामले में भाजपा के ही कई नेता प्रशासन के खिलाफ खुलकर सामने आए हैं। अशोक रावत (सांसद), बृजेश रावत (विधायक), अमरेश कुमार (विधायक) मनीष रावत (विधायक) और अमरेश पुष्कर समेत अन्य जनप्रतिनिधि प्रवास धरने में शामिल हैं। सभी की मांग है कि गेट को उसी स्थान पर दोबारा लगाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। नेताओं ने इसे जनता के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया है। प्रशासन का दावा- कंपनी ने हटाया गेट मामले में सुजीत कुमार दुबे ने जांच के दौरान बताया कि जिस कंपनी ने गेट लगाया था, उसी ने इसे हटाया है। हालांकि इस दावे के बावजूद यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर किसके निर्देश पर और किस कारण से यह कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। दो एफआईआर दर्ज, गेट बरामद पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। पहली एफआईआर निर्माण खंड-2 के अधीक्षण अभियंता की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ चोरी और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की गई है। दूसरी एफआईआर प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर दर्ज हुई, जिसमें कुछ नामजद और 100 से अधिक अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है और गेट को बरामद कर लिया गया है। विपक्ष ने साधा निशाना, चुनावी असर की चर्चा इस मुद्दे को समाजवादी पार्टी ने भी जोर-शोर से उठाया है। पार्टी के प्रवक्ता दीपक रंजन ने इसे पासी समाज के सम्मान पर चोट बताते हुए सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है, खासकर 2027 के विधानसभा चुनावों में, जहां पासी समाज की भूमिका कई सीटों पर निर्णायक मानी जाती है। मंगलवार को कौशल किशोर ने किया फेसबुक लाइव केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में मल्ली पासी गेट विवाद को लेकर सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों द्वारा गेट न लगाने की बात कही जा रही है, वे सभी एक साजिश का हिस्सा हैं। प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है और सरकार को गलत जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि क्या महाराणा प्रताप के नाम से प्रताप हटाया जा सकता है, रानी अवंतीबाई से ‘बाई’ हटाया जा सकता है या पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से ‘उपाध्याय’ हटाया जा सकता है? इसी तरह मल्ली पासी के नाम से पासी शब्द हटाना भी गलत है। यह पूरी तरीके से साजिश है। इस पूरी साजिश को बेनकाब करने वालों ने खुद पोस्ट किया था। लिखा था कि गेट हटाने का काम हो गया है। यह सभी लोग साजिश में शामिल हैं। ऐसे लोगों से बताना है जब तक मलीहा पासी का गेट नहीं लगेगा तब तक हम लोगों का प्रवास धरना जारी रहेगा।
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