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    मैनपुरी में एसडीएम आदेश से पहले ही प्लॉट पर निर्माण:जमीन विवाद, पीड़ित ने अवैध कब्जे का आरोप लगाया

    1 hour ago

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    मैनपुरी के किशनी तहसील क्षेत्र के कुसमरा में एक प्लॉट पर अवैध निर्माण का विवाद गहरा गया है। एसडीएम के आदेश के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने का आरोप है। पीड़ित पक्ष ने दूसरे पक्ष पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। ध्रुव सिंह ने बताया कि 2021 में मौजा सकरा स्थित गाटा संख्या 1411/0.316 हेक्टेयर में से 23 बाई 56 का एक प्लॉट खरीदा था। यह प्लॉट उनकी पत्नी रीना देवी के नाम पर 7 सितंबर 2021 को किशनी तहसील में विधिवत रजिस्ट्री कराया गया था। खरीद के बाद से यह प्लॉट खाली पड़ा था। ध्रुव सिंह के अनुसार, 1 मार्च 2026 को नगला अहिर भाग सकरा निवासी राजवीर सिंह और उनके पुत्र रवि सिंह ने इस जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया और निर्माण कार्य शुरू कर दिया। जब ध्रुव सिंह ने इसका विरोध किया, तो दूसरे पक्ष ने वर्ष 2011 की एक रजिस्ट्री होने का दावा किया। पीड़ित ध्रुव सिंह का कहना है कि कथित रजिस्ट्री में न तो गाटा संख्या अंकित है और न ही दस्तावेज में उल्लिखित विक्रेता उसे स्वीकार कर रहा है। इस मामले को लेकर उन्होंने किशनी तहसील में एसडीएम से शिकायत की थी। एसडीएम ने शिकायत की जांच के बाद दोनों पक्षों को निर्देश दिया था कि 18 मार्च तक कोई भी पक्ष जमीन पर निर्माण कार्य या कोई अधिकार स्थापित नहीं करेगा। हालांकि, पीड़ित का आरोप है कि इस आदेश से पहले ही दूसरा पक्ष लगातार निर्माण कार्य कर रहा है, जिससे विवाद और बढ़ गया है। ध्रुव सिंह ने बताया कि उन्होंने इस मामले में दो बार डायल 112 पर भी शिकायत की। पुलिस मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य रोकने की बात कही, लेकिन इसके बाद भी निर्माण जारी है। पीड़ित के अनुसार इस जमीन को लेकर सिविल कोर्ट में भी मामला विचाराधीन है। पीड़ित की मांग है कि जब तक प्रशासन और न्यायालय से स्पष्ट आदेश नहीं आ जाता, तब तक जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य पूरी तरह रोका जाए। उनका कहना है कि अदालत जो भी फैसला करेगी, वह उसे स्वीकार करेंगे, लेकिन आदेश के बावजूद निर्माण जारी रहना गलत है। एसडीएम किशनी गोपाल शर्मा ने बताया प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ था शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों को निर्धारित समय सीमा तक किसी भी प्रकार का विवाद या फिर निर्माण करना करने के लिए निर्देशित किया गया था, अगर निर्माण कार्य कराया जा रहा है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
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