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    मेरठ के जवान का हिमाचल में निधन:15 दिन पहले गश्त के दौरान खाई में गिरने से घायल हुए थे, देर रात पहुंचा पार्थिव शरीर

    17 hours ago

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    मेरठ के जवान की हिमाचल प्रदेश में इलाज के दौरान मौत हो गई। करीब 15 दिन पहले गश्त के दौरान हुए सड़क हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बुधवार सुबह सैन्य अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। हादसे और निधन की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सेना के अधिकारियों के अनुसार, जवान का पार्थिव शरीर गुरुवार शाम पैतृक गांव पहुंचा। गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। जवान जनेश्वर मुंडाली थाना क्षेत्र के रछौती गांव के रहने वाले थे। गुरुवार रात 11 बजे जनेश्वर का पार्थिव शरीर मेरठ पहुंचा है। शिमला से उनके परिजन पार्थिव शरीर को लेकर मेरठ आए। जिसे रात को मिलिट्री अस्पताल में रखवाया गया। शुक्रवार सुबह शव का गांव में ले जाकर पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। 15 दिन पहले गश्त के दौरान हुए हादसे में हुए थे घायल भारतीय सेना की कुमाऊं रेजीमेंट में नायक पद पर तैनात जनेश्वर करीब 15 दिन पहले हिमाचल प्रदेश के शिमला क्षेत्र में सरकारी वाहन से गश्त के दौरान हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना में उनके साथ मौजूद अन्य जवानों को भी चोटें आई थीं। हादसे के बाद जनेश्वर को सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां लगातार इलाज चल रहा था। बुधवार सुबह उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। सेना की ओर से उनके निधन की सूचना परिवार को दी गई, जिसके बाद घर में कोहराम मच गया। तीन भाइयों में सबसे बड़े थे जनेश्वर तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई प्रदीप भी भारतीय सेना में सिपाही के पद पर तैनात हैं। जनेश्वर 2014 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। अपनी लगन, अनुशासन और उत्कृष्ट सेवा के चलते उन्हें दो वर्ष पहले नायक के पद पर पदोन्नत किया गया था। वह भारतीय सेना की कुमाऊं रेजीमेंट में अपनी सेवाएं दे रहे थे। शाम तक पहुंचेगा पार्थिव शरीर घरवालों को सेना के वरिष्ठ अफसरों की तरफ से बताया गया कि शहीद जनेश्वर का पार्थिव शरीर शाम करीब सात बजे उनके पैतृक गांव रछौती पहुंचने की संभावना है। गांव में अंतिम दर्शन और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। शिमला ही गया पूरा परिवार परिजनों के अनुसार, 15 दिनों से ही जनेश्वर से लगातार फोन पर बात हो रही थी, जिससे पता चल रहा था कि वह ठीक हो रहा है। बुधवार सुबह उसकी बटालियन के अधिकारी की कॉल आई कि इलाज के दौरान जनेश्वर की हो गई है। आनन-फानन में परिजन शिमला के लिए रवाना हो गए। परिजनों ने बताया कि जनेश्वर तीन भाइयों में मंझला था। बड़ा भाई गांव में खेती-बाड़ी करता है और छोटा भाई भारतीय सेना में देश सेवा कर रहा है। जनेश्वर की शादी को आठ वर्ष हो चुके हैं। इनके तीन बच्चे हैं।
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