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    मेरठ में 2 महीने में ध्वस्त हों अवैध निर्माण:सुप्रीम कोर्ट ने अफसरों को फटकारा, कहा- व्यावसायिक इस्तेमाल करने की इजाजत किसने दी

    1 hour ago

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    सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ की सेंट्रल मार्केट में बने 859 प्रॉपर्टी को 2 महीने में गिराने का आदेश दिया है। साथ ही अफसरों को भी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि जो पूरी तरह से अवैध है, वहां पर स्कूल, अस्पताल, सरकारी बैंक कैसे चल रहे थे। इसकी किसने इजाजत दी। कहा कि हमारे लिए सबसे जरूरी मासूम बच्चों, आम लोगों और मरीजों की जान है। हमें आपके बिजनेस से कोई लेना-देना नहीं है। आप किसी की जान की कीमत पर अपना बिज़नेस कर रहे हैं। यह आदेश जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने दिया। अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को जस्टिस पारदीवाला ने कहा- इस प्लान को मंज़ूरी किसने दी? इस स्कूल को बनाने की इजाजत किसने दी? ज़िला शिक्षा अधिकारी की मंजूरी कहां है? स्कूल चलाने का लाइसेंस कहां है? आवास विकास के अफसरों को फटकार लगाई सुप्रीम कोर्ट ने 6 अप्रैल को 859 संपत्तियों में से सेंट्रेल मार्केट की 44 आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश दिया था। साथ ही 9 अप्रैल को इन सभी संपत्तियों को सील कर रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद आवास विकास ने 8 अप्रैल को सीलिंग की कार्रवाई की। इसके बाद 9 अप्रैल को कोर्ट में बताया कि सभी 44 संपत्तियां सील कर दी गई हैं। अफसरों ने कोर्ट में बताया कि इन संपत्तियों में 6 स्कूल, 6 अस्पताल, 4 बैंक्वेट हॉल, 3 बैंक और एक नान बैंकिंक फाइनेशियल कंपनी थी। इस पर कोर्ट पीठ ने नाराजगी जताई। कहा कि इन्हें यहां चलने की इजाजत किसने दी? सेटबैक को किसी भी कीमत पर वैध नहीं किया जा सकता। कोई भी इसे जुर्माना देकर या शुल्क देकर वैध नहीं ठहरा सकता। कोर्ट ने आदेश दिया कि सेटबैक को कंपाउंड करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। सभी सेटबैक को गिराने के लिए 2 महीने का समय देते हैं। अधिकारियों से कहा कि सभी कब्जा करने वालों को गैर-कानूनी सेटबैक के बारे में नोटिस जारी करें। कोर्ट ने कहा कि पहले 10-15 दिन का समय दें उन्हें 10-15 दिन का समय दें। ताकि वे खुद ही सेटबैक हटा लें। अगर कब्जा नहीं हटाते हैं तो अधिकारी अपने खर्च पर उन्हें गिरा दें। बाद में गिराने का खर्च कब्जा करने वालों से वसूल करें। कोर्ट ने अधिकारियों को बाकी संपत्तियों से निपटने के लिए योजना बनाने का निर्देश दिया। यह भी कहा कि संपत्तियों को सील करने से पहले और बाद की हर संपत्ति की एक तस्वीर भी दें। हलफनामे में हर एक संपत्ति की तस्वीरें भी शामिल होनी चाहिए। तस्वीरें दो हिस्सों में होनी चाहिए। तस्वीर का ऊपरी हिस्सा सील करने से पहले का और निचला हिस्सा सील करने के बाद का होना चाहिए। .................... ये खबर भी पढ़िए- सेंट्रल मार्केट- एक थप्पड़ की 35 साल पुरानी लड़ाई:बे-सहारा दुकानदार रोते हुए बोले- प्रशासन ने दुकानें सील की, रोजी-रोटी छीन ली; सब खत्म 6 महीने पहले जहां दुकान थी, उस कॉम्प्लेक्स को तो उजाड़ ही दिया था। इसके बाद लाखों रुपए का कर्जा लेकर जब दूसरी जगह दुकान लगाई। तो आज इसको भी तोड़कर बंजर बनाना चाहते हैं। अब कैसे अपना परिवार पालेंगे, बच्चों को पढ़ाएंगे और किसकी कमाई के भरोसे जिंदा रहेंगे। यह कहना है मेरठ की सेंट्रल मार्केट में खालसा कलेक्शन के नाम से दुकान चलाने वाली इंद्रा आहुजा का। जो पिछले 21 सालों से इस मार्केट में कपड़ों की अपनी दुकान चला कर अपना परिवार चला रही हैं। पढ़ें पूरी खबर
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