Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मत्स्य विभाग के 9 कर्मचारी मुख्यालय क्यों अटैच हुए:निषाद पार्टी की नेता की सब्सिडी डिप्टी डायरेक्टर ने रोक दी, हादसे में घायल हुईं तब एक्शन हुआ

    16 hours ago

    1

    0

    कानपुर में नगर और मंडल के मत्स्य विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई यूं ही नहीं हुई है। मस्त्य विभाग मंत्री संजय निषाद की निषाद समाज पार्टी की क्षेत्रीय अध्यक्ष सविता निषाद को भी सरकारी योजना का लाभ देने के लिए परेशान किया गया था। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMSSY) की लाभार्थी सविता निषाद शनिवार को डिप्रेशन में आकर मत्स्य विभाग से लौटते वक्त गश खाकर सड़क पर गिर पड़ी थीं। उनके सिर और पैर में चोट आई है। फिलहाल वह अपने घर पर हैं। जहां उनके सिर पर पट्‌टी बंधी है। साथ ही ग्लूकोज भी चढ़ रहा है। हालांकि, पार्टी की क्षेत्रीय अध्यक्ष के चोट लगने के बाद सरकार एक्शन में आई। मंत्री संजय निषाद के निर्देश पर सोमवार को कानपुर नगर और कानपुर मंडल के सभी 9 अधिकारियों ओर कर्मचारियों को मुख्यालय अटैच कर दिया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना समेत कई अन्य योजनाओं में लापरवाही और भ्रष्टाचार की शिकायत पर मस्त्य निरीक्षक सुनील सिंह को सस्पेंड किया गया। मामले में लाभार्थी ने उप निदेशक मत्स्य कानपुर मंडल सुनीता वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आइए आपको विस्तार से पूरा मामला बताते हैं... फिश फीड मिल बनाने में खर्च हुए 1.25 करोड़ प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की लाभार्थी सविता निषाद ने बताया कि उसने फिश फीड मिल यूनिट बनाने में लगभग 1.25 करोड़ रुपए खर्च किए थे। इस योजना में महिलाओं को 60 प्रतिशत की सब्सिडी मिलती है। पहली किस्त की रकम जारी करने के लिए अधिकारियों द्वारा लगातार सविता निषाद को दौड़ाया जा रहा था। अधिकारियों को पैसे ना देने की वजह से बीते दो साल से रोज नई-नई औपचारिकताएं बताकर किस्त रोकी जा रही थी। टेक्निकल टीम ने की 65 लाख की एमबी लाभार्थी सविता निषाद ने बताया- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत उसको स्वीकृति पत्र दिया गया था। मत्स्य विभाग के अधिकारियों द्वारा कहा गया था कि आप स्ट्रक्चर आदि बनवा लीजिए। इसके बाद आपको पहली किस्त जारी कर दी जाएगी। हमने सारा काम नियमानुसार कराया था। इसके बाद उपनिदेशक सुनीता वर्मा और विभाग के अन्य अधिकारियों ने मौके पर आकर निरीक्षण किया। जब मैंने योजना की पहली किस्त जारी करने को कहा तो जबरदस्ती टेक्निकल टीम से मेरे काम का निरीक्षण कराया गया। टेक्निकल टीम ने 65 लाख की एमबी की इसके अलावा मेरा 15 लाख रुपए का जेनरेटर था। मुझे कुल 83 लाख रुपए मिलना है। उप निदेशक रोक रही थी पहली किस्त सविता ने बताया कि पहली किस्त पाने के लिए गाइडलाइन के अनुसार 60 प्रतिशत काम कराया जाना था। जबकि मैंने 65 प्रतिशत काम करा लिया था। इसके बाद भी उप निदेशक कानपुर मंडल सुनीता वर्मा मेरा पैसा रोके हुए थीं। लाभार्थी ने बताया कि मैंने फिश फीड मिल का निर्माण कराने के लिए 20 लाख का लोन भी लिया हुआ है। फरवरी 2024 से मैं विभाग के चक्कर लगा रही हूं। हर बार कोई ना कोई नई गाइडलाइन बात कर मेरा पैसा रोका जा रहा था। निलंबित मत्स्य निरीक्षक बोले- उप निदेशक ने किया गुमराह निलंबित मत्स्य निरीक्षक सुनील सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की लाभार्थी सविता निषाद को पहली किस्त सही करने के लिए उपनिदेशक मत्स्य कानपुर मंडल सुनीता वर्मा ईशु बनाए हुए थीं। टेक्निकल टीम ने जांच के बाद 65 लाख की एमबी कर दी थी। इसके बाद डिप्टी डायरेक्टर ने अधिकारियों को गुमराह करते हुए कहा कि उन्होंने डीपीआर के अनुसार काम नहीं कराया है। घायल होने के बाद सोशल मीडिया पर किया पोस्ट सविता ने गिरकर घायल होने के बाद अपनी चोटिल फोटो फेसबुक पर शेयर की। पोस्ट में लिखा- मत्स्य विभाग कानपुर नगर के अधिकारियों द्वारा मुझे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। विकास भवन से लौटते वक्त डिप्रेशन में आकर बेहोश होकर रोड में गिर जाने से दूसरी गाड़ी भी पैर में चढ़ गई। गंभीर रूप से चोट आई। मेरे साथ कुछ भी होता है तो उसका जिम्मेदार मत्स्य विभाग होगा। इस पोस्ट के बाद सरकार एक्शन में आई है। 60 प्रतिशत मिलती है सब्सिडी बताते चलें कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सविता निषाद का चयन हुआ था। इस योजना में दो करोड़ रुपए तक का व्यवसाय करने में महिलाओं को 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। इस योजना में चयनित होने के बाद सविता ने सरसौल ब्लॉक में फिश फीड मिल यूनिट बनवाई, जिसमें लगभग 1.25 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। ऑफिस में बंद मिला गेट शासन द्वारा मत्स्य निरीक्षक को निलंबित और उप निदेशक कानपुर मंडल, सहायक निदेशक समेत सभी 9 कर्मचारियों को मुख्यालय संबद्ध किया गया। इस कार्रवाई के बाद से विकास भवन स्थित सहायक निदेशक कार्यालय का गेट बंद है। वहीं, लखनपुर स्थित मंडल कार्यालय में दो से तीन कर्मचारी काम करते मिले, लेकिन कार्रवाई पर सभी बोलने से बचते रहे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    MDA की गोविंदपुरम योजना लांच,80% भूखंड रिजर्व:50% कास्ट रिजर्वेशन,फिर MP-MLA कोटा;आवास विकास-निगम और MDA कर्मचारियों के लिए भी प्लॉट आरक्षित
    Next Article
    नहर में गिरी कार, मां-बाप समेत बेटे की मौत:औरैया में कार का टायर दिखने पर ग्रामीणों ने बुलाई पुलिस, शादी से लौट रहे थे सभी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment