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    मोदी बोले- देश में नक्सलवाद आखिरी सांसें गिन रहा है:आज जो संविधान हाथ में हिलाते हैं; नक्सली हिंसा के चरम पर उनके हाथ कांपते थे

    15 hours ago

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    पीएम मोदी ने देश में दशकों से जारी नक्सलवाद हिंसा को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि जो लोग अब संविधान दिखा रहे हैं, उनके हाथ तब कांप रहे थे, जब नक्सली हिंसा चरम पर थी। रिपब्लिक भारत न्यूज चैनल के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम ने सोमवार को कहा कि पिछली कांग्रेस सरकारों ने नक्सल प्रभावित इलाकों को पिछड़ा क्षेत्र करार दिया था। लेकिन NDA सरकार ने उन इलाकों को बदलने की चुनौती स्वीकार की, वहां के लोगों को निराशा से बाहर निकलने में मदद की और उनमें तरक्की की उम्मीदें जगाईं। पीएम ने आगे कहा कि सरकारें आईं और गईं, पीढ़ियां आईं और गईं और ऐसा लगा कि हिंसा का यह दुर्भाग्य ऐसे ही बना रहेगा। लेकिन हमने स्थिति को बदलने के लिए 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प के साथ कदम आगे बढ़ाए। आज, देश में माओवादी-नक्सलवाद अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है। यह इसलिए संभव हो पाया क्योंकि इसके लिए पूर्ण समर्पण की आवश्यकता थी। दरअसल कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कई बार संविधान की प्रति हाथ में लहाराते देखा गया है। 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद सांसद के तौर पर शपथ लेते समय भी उन्होंने यही किया था। पीएम की स्पीच, 4 बड़ी बातें; कहा- 'नेशन फर्स्ट' ही सरकार का मूल मंत्र 30 मार्च 2026- अमित शाह ने संसद में कहा था- देश में नक्सलवाद खत्म इसी साल 30 मार्च को गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा था कि भारत नक्सल-मुक्त हो गया है, ऐसा हम कह सकते हैं। अपनी डेढ़ घंटे स्पीच के दौरान शाह ने कहा था- हमने 31 मार्च तक देश को नक्सल-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था। मैं पूरी व्यवस्था होने के बाद देश को भी सूचित करूंगा। शाह ने कहा- जो लोग पूरी व्यवस्था को नकार कर हथियार उठा लेते हैं, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। सालों से भोले-भाले आदिवासियों को अंधेरे में रखा गया। वामपंथियों ने अपनी विचारधारा को फैलाने के लिए आदिवासियों को बहकाया। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के नक्सलबाड़ी गांव से शुरू हुआ था नक्सलवाद भारत में नक्सलवाद (माओवादी आंदोलन) की शुरुआत 1967 में पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के नक्सलबाड़ी गांव से हुई थी। इसी वजह से इसे नक्सलवाद कहा गया। समय के साथ यह आंदोलन कई राज्यों में फैला और 2000 के दशक में देश की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में से एक बन गया। 1967 में पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी गांव से शुरू हुआ नक्सल आंदोलन 2000 के दशक में "रेड कॉरिडोर" के रूप में 10 से ज्यादा राज्यों में फैला, लेकिन सुरक्षा अभियानों और विकास योजनाओं के बाद अब इसका दायरा काफी सिमट चुका है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले-बंगाल को PAK का हिस्सा बनाने की कोशिश हुई: मजहबी एजेंडा चलाया गया पश्चिम बंगाल के हुगली में में पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि जब पूरे बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की कोशिश हुई तो कांग्रेस उन षडयंत्रकारियों के सामने घुटने टेके पड़ी थी। बंगाल की आवाज को मजहबी एजेंडों से दबाया जा रहा था तब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने प्रस्ताव पास कराया और घोषणा की कि पूरा बंगाल पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनेगा। पूरी खबर पढ़ें…
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