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    मोदी ने इजराइल में क्या खिचड़ी पकाई,48 घंटे में हमला:मुरादाबाद में एसटी हसन बोले- PM बताएं क्या हमारी फॉरेन पॉलिसी बदल चुकी

    1 hour ago

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    मुरादाबाद में पूर्व सपा सांसद डॉ.एसटी हसन ने ईरान-इजराइल जंग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा और ताकतवर गुंडा है। यह जंग तेल को लेकर शुरू हुई है। पूर्व सपा सांसद ने कहा- पीएम नरेंद्र मोदी के इजराइल जाने के 48 घंटे के भीतर ये जंग शुरू हु़ई है। पीएम ने इजराइल में कहा था कि वो हर हाल में इजराइल के साथ हैं। हसन ने कहा- पीएम को अब बताना चाहिए कि क्या वो इस सूरत में भी इजराइल के साथ हैं? डॉ. एसटी हसन ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी को बताना चाहिए कि क्या हमारे देश की फॉरेन पॉलिसी बदल चुकी है। क्या अब इंडिया फिलिस्तीन के साथ नहीं खड़ा है ? डॉ. हसन ने कहा, “अमेरिका दुनिया का ताकतवर गुंडा है। वो खुद चाहे जितने परमाणु बम बना ले लेकिन दूसरे मुल्क को परमाणु बम तो दूर, मिसाइल भी नहीं बनाने देता। अगर दुनिया में पावर बैलेंस हो जाएगा तो असंतुलन खत्म हो जाएगा और किसी की मनमानी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि ईरान पर हमला भी इसी मानसिकता का हिस्सा है। जाहिर सी बात है अमेरिका बहुत बड़ी ताकत है। सबको मालूम है कि ऐसी जंग का अंजाम क्या हो सकता है। पूर्व सांसद ने भारत की विदेश नीति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “चार दिन पहले हमारे प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इजराइल के साथ खड़ा है। इससे हमें हैरानी हुई। क्या हमारी विदेश नीति बदल गई है? क्या हम फिलिस्तीन को छोड़कर इजराइल के साथ खड़े हो जाएंगे?” उन्होंने यह भी कहा कि “मुझे ऐसा महसूस होता है कि कोई खिचड़ी पकी और पीएम मोदी की इजराइल यात्रा के 48 घंटे के अंदर ईरान पर US-इजराइल का हमला हो गया। हम किसी के हाथों की कठपुतली क्यों बनें? हमें अपने देश की इज्जत और सम्मान को बरकरार रखना चाहिए। डॉक्टर हसन ने इस पूरे विवाद को तेल की राजनीति से जोड़ा। उन्होंने कहा, “यह तेल की लड़ाई है। ईरान और पूरे मिडिल ईस्ट में तेल का बड़ा भंडार है। अमेरिका को पैसे की हवस है। वो ईरान में कठपुतली सरकारी बनाकर वहां के तेल भंडार पर कब्जा करना चाहता है। उन्होंने वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी संसाधनों को लेकर दबाव बनाया गया। दुनिया के सबसे बड़े डकैत ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उठा लिया, आज तक उनका अता-पता नहीं। अब इनडायरेक्ट तरीके से तेल के कुओं पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात गंभीर हैं और ऐसे समय में भारत को संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति अपनानी चाहिए।
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