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    बाबा आनंदेश्वर धाम में रंगभरी एकादशी पर खेली गई होली:रंगभरी एकादशी के दिन महादेव पर बरसा अबीर-गुलाल, डमरू की ध्वनि पर झूमे भक्त

    1 hour ago

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    कानपुर के बाबा आनंदेश्वर धाम (परमट) में रंगभरी एकादशी का महापर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। रविवार को मंदिर परिसर में महादेव को होली के पावन उत्सव के लिए विधिवत आमंत्रण दिया गया। भोग आरती के साथ ही बाबा को गुलाल और अबीर अर्पित किया गया। जिसके बाद भक्तों ने महादेव के साथ जमकर होली खेली। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के संतों की मौजूदगी में हुए इस आयोजन ने पूरे मंदिर परिसर को भक्ति और रंगों के सराबोर कर दिया। परंपरागत तरीके से बाबा का हुआ विशेष श्रृंगार जूना अखाड़े के कोठारी महंत महाकालगिरी महाराज ने बताया- आनंदेश्वर धाम एक अत्यंत प्राचीन मंदिर है, जिसका संरक्षण जूना अखाड़ा कर रहा है। आज बाबा की विशेष भोग आरती की गई, जिसमें उन्हें होली के अवसर पर आमंत्रित करते हुए अबीर-गुलाल चढ़ाया गया। बाबा को विशेष प्रकार के मिष्ठान और फूलों का भोग लगाया गया। महंत ने बताया- जिस प्रकार काशी विश्वनाथ में भगवान की होली का आयोजन होता है, उसी परंपरा का निर्वहन यहां भी किया जा रहा है। बाबा के साथ-साथ उनके पूरे शिव परिवार और गणों को भी इस उत्सव में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। इस दौरान बाबा का स्वरूप रंगों और भस्म की आरती में बेहद अलौकिक नजर आया। श्रद्धालुओं के लिए यादगार रहा अनुभव बाबा के इस अद्भुत रूप के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे थे। लखनऊ से आईं खुशी ने बताया कि बाबा को इतने करीब से और रंगों में रंगा हुआ देखना उनके लिए एक निहायत ही अद्भुत अनुभव था। वहीं, कानपुर की राधिका ने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि आज यहां बाबा के साथ होली खेलने का सौभाग्य मिलेगा। उन्होंने बताया कि, गुलाल में सजे बाबा का स्वरूप इतना सुंदर था कि वह इस अनुभव को कभी नहीं भूल सकतीं। महंत अत्रिवन जी महाराज ने भी सभी भक्तों को होली की शुभकामनाएं देते हुए प्रेमपूर्वक दर्शन और पूजन करने की अपील की। आध्यात्मिक और सामाजिक एकता का संदेश जूना अखाड़े के गुरु मूर्ति इच्छा गिरी जी महाराज और मीडिया प्रभारी आशुतोष कुमार अंश ने बताया कि,रंगभरी एकादशी का दिन भगवान शिव और माता पार्वती के गौने की परंपरा से जुड़ा है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के बाद इसी दिन महादेव माता पार्वती को पहली बार काशी लेकर आए थे। यह उत्सव न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द और नई ऊर्जा का संचार भी करता है। इस अवसर पर थानापति मथुरा गिरी जी महाराज, मंदिर पुजारी संजय, अजय, केके तिवारी, अनूप मिश्रा सहित भारी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे और मंदिर प्रशासन के साथ मिलकर खूब होली खेली।
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