Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मूवी रिव्यू- 'तुम मेरे हो':प्यार, धोखा और रोमांस के बीच उलझी कहानी, गुरमीत-ईशा की जोड़ी में कितनी ताजगी?

    4 hours ago

    1

    0

    तुम मेरे हो एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जिसमें प्यार, धोखा, शादी और रिश्तों के उतार-चढ़ाव को दिखाया गया है। गुरमीत चौधरी और ईशा मालवीय की जोड़ी पहली बार साथ नजर आ रही है। फिल्म की कहानी एक ऐसे रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मजबूरी में शुरू होता है, लेकिन धीरे-धीरे प्यार में बदल जाता है। हालांकि, सवाल यह है कि क्या यह कहानी दर्शकों को बांधे रखने में कामयाब होती है? फिल्म की कहानी फिल्म की कहानी आकाश (गुरमीत चौधरी) और तमन्ना (ईशा मालवीय) के इर्द-गिर्द घूमती है। थाईलैंड में रहने वाला आकाश अपनी गर्लफ्रेंड निशा (अनुष्का लुहार) के धोखे के बाद भारत लौटता है। यहां उसकी मुलाकात तमन्ना से होती है, जो अपने प्यार साहिल (शान आर ग्रोवर) के दूर हो जाने से परेशान है। नानी की प्रॉपर्टी हासिल करने के लिए तमन्ना को एक साल तक शादी निभानी है। ऐसे में आकाश और तमन्ना शादी कर लेते हैं। शुरुआत में यह रिश्ता सिर्फ एक मजबूरी होता है, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच प्यार पनपने लगता है। कहानी में पुराने रिश्ते और बदले की एंट्री रोमांस को नया मोड़ देती है। फिल्म में एक्टिंग गुरमीत चौधरी अपने किरदार में सहज लगते हैं। उनका रोमांटिक अंदाज ठीक है, लेकिन कुछ इमोशनल सीन्स में और गहराई की गुंजाइश थी। ईशा मालवीय स्क्रीन पर फ्रेश और आकर्षक लगती हैं। गुरमीत के साथ उनकी केमिस्ट्री अच्छी है और यही फिल्म की बड़ी खूबियों में से एक है। सपोर्टिंग कास्ट ने भी कहानी को आगे बढ़ाने में मदद की है। फिल्म का डायरेक्शन आशीष पांडा ने रोमांस, फैमिली ड्रामा और रिश्तों के उतार-चढ़ाव को साथ रखने की कोशिश की है। शादी के कुछ सीन मजेदार हैं और थाईलैंड की लोकेशंस फिल्म को खूबसूरत बनाती हैं। हालांकि, कहानी कई जगह अनुमान के मुताबिक चलती है। कुछ ट्विस्ट आसानी से आते हैं और स्क्रीनप्ले की रफ्तार भी बीच-बीच में धीमी पड़ जाती है। एडिटिंग थोड़ी और चुस्त होती तो फिल्म ज्यादा असरदार बन सकती थी। फिल्म में म्यूजिक फिल्म के गाने रोमांटिक माहौल बनाने में मदद करते हैं। टाइटल ट्रैक और ‘विंटर आयूं वालीए 2.0’ जैसे गाने ध्यान खींचते हैं। हालांकि, कुछ जगह म्यूजिक कहानी की रफ्तार को धीमा भी करता है। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट तुम मेरे हो एक हल्की-फुल्की रोमांटिक फिल्म है, जिसमें प्यार, धोखा और रिश्तों के ट्विस्ट हैं। गुरमीत और ईशा की केमिस्ट्री फिल्म को देखने लायक बनाती है, लेकिन प्रेडिक्टेबल कहानी और कमजोर स्क्रीनप्ले इसका असर कम कर देते हैं। अगर आपको रोमांटिक ड्रामा पसंद है, तो इसे एक बार देखा जा सकता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    काशी में मौसम साफ, AQI 126:अगले सप्ताह से सुबह दिखेगा हल्का कोहरा, 5 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल रही
    Next Article
    CM धामी बोले- दलेर मेहंदी-मीका भाई मेरे अच्छे दोस्त:मंत्री पर जनता का दबाव होगा, वो सफाई दे चुके हैं- नहीं पता था उनकी तबीयत खराब है

    Related मनोरंजन Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment