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    नोएडा में 100 टन ग्रीन वेस्ट का होगा वैज्ञानिक निस्तारण:दिल्ली की तर्ज पर वेस्ट से बनाएंगे गैस और खाद, जारी की जा रही है EOI

    4 hours ago

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    नोएडा प्राधिकरण शहर में बढ़ते ग्रीन वेस्ट (हरित कचरे) के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। उद्यान विभाग के अंतर्गत पार्कों, ग्रीन बेल्ट, सेंट्रल वर्ज और सड़कों के किनारे पेड़ों की छंटाई, घास कटाई व अन्य गतिविधियों से निकलने वाले कचरे के निस्तारण को लेकर यह प्रस्ताव तैयार किया गया था। जिसे अनुमोदन मिल गया है। इसके लिए एक्सप्रेसशन ऑफ इंट्रेस्ट जारी की जा रही है। वर्तमान में प्राधिकरण द्वारा ग्रीन वेस्ट को शहर के विभिन्न खाली प्लॉटों में डालकर निस्तारित किया जाता है। पिछले 3-4 सालों से सेक्टर-32 के ओपन ग्राउंड में कचरे की चर्निंग और कटाई के माध्यम से निस्तारण किया जा रहा था, लेकिन यहां बार-बार आगजनी की घटनाएं सामने आईं। असामाजिक तत्वों द्वारा सूखे कचरे में आग लगाने से आसपास के सेक्टरों के निवासियों और सामाजिक संगठनों ने कई शिकायतें दर्ज कराईं। इससे न केवल प्रदूषण बढ़ा, बल्कि शहर के एक्यूआई पर भी नकारात्मक असर पड़ा। फिलहाल अस्थायी व्यवस्था के तहत सेक्टर-80 स्थित सी-ब्लॉक पार्क में ग्रीन वेस्ट एकत्र कर चर्निंग के जरिए निस्तारण किया जा रहा है, लेकिन यह प्रक्रिया स्थायी नहीं है और यहां भी आग लगने का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्राधिकरण अब ग्रीन वेस्ट के 100 प्रतिशत वैज्ञानिक निस्तारण की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। खुद करने पर 20 लाख मासिक खर्च प्राधिकरण के अनुसार, नोएडा में रोजाना लगभग 100 टन ग्रीन वेस्ट उत्पन्न होता है। अभी इसका निस्तारण गड्ढा खोदकर और चर्निंग मशीन के जरिए किया जाता है, जो प्रभावी समाधान नहीं है। प्रस्ताव के तहत यदि प्राधिकरण स्वयं प्लांट स्थापित करता है, तो इसके लिए करीब 310 लाख रुपये की एकमुश्त लागत और लगभग 20 लाख रुपये मासिक संचालन खर्च आएगा। खाद और गैस बनेगी इस बढ़ते वित्तीय बोझ से बचने के लिए प्राधिकरण ने निजी एजेंसी के चयन का निर्णय लिया है। इसके तहत ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ जारी कर इच्छुक संस्थाओं से प्रस्ताव मांगे जाएंगे। चयनित एजेंसी ग्रीन वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करेगी और उससे उत्पन्न खाद एवं गैस का उपयोग भी करेगी, जैसा कि दिल्ली नगर निगम में किया जा रहा है। इंटीग्रेटड वेस्ट मैनेमेंट की तर्ज पर होगा प्रस्ताव के अनुसार, सेक्टर-80 के सी-ब्लॉक पार्क की भूमि चयनित एजेंसी को उपलब्ध कराई जाएगी। यह परियोजना जन स्वास्थ्य विभाग के इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की तर्ज पर लागू होगी। भूमि आवंटन और लैंड यूज एग्रीमेंट भी उसी मॉडल पर किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के लिए प्राधिकरण के सलाहकार के रूप में अर्न्स्ट एंड यंग को ईओआई तैयार करने और एजेंसी चयन की जिम्मेदारी दी जाएगी।
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