Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    नागौद राजघराने की बहू पर फायरिंग, पेट में धंसी बुलेट:9 गोलियां चलाने वाली लेडी शूटर को VIP ट्रीटमेंट; कुर्सी पर बैठाकर कोल-ड्रिंक पिला रही पुलिस

    13 hours ago

    2

    0

    सतना के नागौद राजघराने की बहू संयोगिता सिंह पर एक महिला ने फायरिंग कर दी। महिला ने नौ गोलियां मारीं। गोली संयोगिता के पेट में लगी। उन्हें गंभीर हालत में सतना फिर रीवा के विंध्या मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना गुरुवार की परसमनिया गढ़ी की है। पुलिस ने आरोपी सुनीता परिहार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, गोलीकांड की मुख्य आरोपी सुनीता सिंह को लॉकअप में रखने के बजाय कुर्सी पर बैठाया गया। इस दौरान उन्हें कोल्ड ड्रिंक भी दी गई, जिसका वीडियो सामने आया है। जानकारी के अनुसार, संयोगिता सिंह, पूर्व मंत्री और नागौद से भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा की पत्नी हैं। बताया जा रहा है कि बाबा राजा और संयोगिता के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के उद्देश्य से संयोगिता के माता-पिता, भाई और अन्य परिजन राजस्थान के उदयपुर से नागौद पहुंचे थे। गुरुवार को दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। मां बोलीं- खिड़की से गोली मारी, दामाद कहता रहा मारो-मारो संयोगिता की मां नरेंद्र कुमारी ने बताया कि गढ़ी में मौजूद सुनीता परिहार नामक महिला ने नौ फायर किए। उनका दामाद रूपेंद्र महिला से कह रहा था मारो-मारो…। एक गोली संयोगिता के पेट में लगी। संयोगिता गंभीर गिर पड़ीं। नरेंद्र कुमारी का कहना है कि उनके दामाद बाबा राजा ने सुनीता परिहार को साथ रखा है। वे पिछले करीब सात साल से साथ हैं। बेटी के ससुर के निधन के बाद से सुनीता यहीं आकर रहने लगी। हम बातचीत करने आए थे। दामाद ने बेटी को धक्के देकर निकाल दिया और दरवाजा बंद कर दिया। सुनीता ने खिड़की से फायरिंग की। नरेंद्र कुमारी ने बताया कि संयोगिता का रात एक बजे तक ऑपरेशन किया गया। वो शुक्रवार सुबह 10 बजे होश में आई। नरेंद्र कुमारी ने आरोप लगाया कि पिछले साल सुनीता दो बार उनकी बेटी संयोगिता के गले पर बैठ गई थी। खतरे से बाहर बताई जा रही हालत अस्पताल के मुताबिक ऑपरेशन के बाद संयोगिता सिंह की हालत पहले से बेहतर है। डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है। हालांकि, अभी भी उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। परिजन और राजपरिवार से जुड़े लोग अस्पताल में मौजूद हैं। उधर, पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लाइसेंसी राइफल को कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई, गोली कैसे चली और घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या थे, इसकी विस्तृत पड़ताल की जा रही है। बहू को गोली लगते ही भड़के परिजन जानकारी के अनुसार जैसे ही संयोगिता को गोली लगी, उनके परिजन आक्रोशित हो गए। गुस्साए परिजन ने बाबा राजा की जमकर पिटाई कर दी। गढ़ी में मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला। काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा, जिसके बाद लोगों ने परिजन को शांत कराया। कई साल से अलग रह रही थी संयोगिता राजपरिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि बाबा राजा और संयोगिता के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी। इसी वजह से संयोगिता पिछले कई साल से परसमनिया गढ़ी छोड़कर नागौद किले में रह रही थीं। हाल ही में उनके परिजन उदयपुर से नागौद पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें साथ लेकर गुरुवार को परसमनिया गढ़ी ले जाया गया था, जहां पहले से बाबा राजा और सुनीता मौजूद थे। इसी मुलाकात के दौरान विवाद बढ़ा और मामला गोलीबारी तक पहुंच गया। गढ़ी और आसपास पुलिस बल तैनात घटना के बाद परसमनिया गढ़ी और आसपास के इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। गोलीकांड की खबर फैलते ही क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग घटना की जानकारी लेने जुटने लगे। अब नागौद रियासत के बारे में जानिए नागौद रियासत की स्थापना 1478 में हुई थी। इसके अंतिम शासक राजा महेंद्र सिंह जूदेव थे। उन्होंने वर्ष 1950 में अपनी रियासत का भारतीय संघ में विलय कर दिया, जिसके बाद नागौद स्वतंत्र भारत का हिस्सा बन गई। राजा महेंद्र सिंह जूदेव ने दो विवाह किए थे। उनकी पहली पत्नी से दो पुत्र रुद्रेंद्र प्रताप सिंह (युवराज) और शैलेंद्र सिंह शैलू हुए। इसके बाद उनका दूसरा विवाह पूर्व सांसद स्वर्गीय दादा सुखेंद्र सिंह की बहन से हुआ। उनसे नागेंद्र सिंह, रामदेव सिंह, कांतिदेव सिंह, रांतिदेव सिंह और छत्रपाल सिंह का जन्म हुआ। समय के साथ नागौद रियासत की जागीरें राजा महेंद्र सिंह जूदेव की दोनों पत्नियों के पुत्रों के बीच बांट दी गईं। नागौद और आसपास का क्षेत्र रुद्रेंद्र प्रताप सिंह उर्फ युवराज और उनके भाई के हिस्से में आया, जबकि वर्तमान विधायक नागेंद्र सिंह को श्यामनगर की जागीर मिली। इसी प्रकार अन्य भाइयों को उचेहरा क्षेत्र की विभिन्न जागीरें मिलीं। कांतिदेव सिंह के हिस्से में परसमनिया, तुसगवां और महाराजपुर की जागीरें आईं। उन्होंने परसमनिया में एक गढ़ी का निर्माण कराया और वहीं अपने पुत्र रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा के साथ निवास करने लगे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन में जाने वाली लेडी टीचर बहाल:2 दिन पहले सस्पेंड हुई थीं; सुलेखा बोलीं- धरने में न जाती तो धब्बा लगता
    Next Article
    'मैं पूरे देश में मशहूर हूं, सब मैनेज कर लूंगा':गार्ड्स से खान सर बोले- रिजल्ट आने वाला है, अनहोनी दिखे तो बिना सोचे-समझे फायर करना

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment