Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    नॉर्थ टेक सिम्पोजियम में पहुंचे CM योगी:कहा- जिसके पास शक्ति और सामर्थ्य होगी, वही संवेदना और संस्कार भी दे पाएगा

    5 hours ago

    1

    0

    प्रयागराज में बुधवार को नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 का अंतिम दिन है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप पहुंचे। उन्होंने कहा- जिसके पास शक्ति और सामर्थ्य होगी। वही अपनी संवेदना और संस्कार भी दे पाएगा। अर्थात शांति और क्षमा की भाषा केवल वही सार्थक बोल सकता है जिसके पास उतनी सामर्थ्य हो। सीएम योगी ने कहा- अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्।उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥ ये केवल एक श्लोक नहीं है। संपूर्ण वसुधा को एक परिवार के रूप में अपने साथ जोड़ने और उसके प्रति उदार भाव ये भारतीय संस्कृति की सदैव से प्रेरणा रही है। लेकिन उदारता हमारा संस्कार है। करुणा हमारा स्वभाव। परंतु हमे ये ध्यान रखना होगा कि जो सुरक्षित है वही समृद्ध भी है। उदारता की रक्षा के लिए उतनी ही शक्ति और सामर्थ्य भी चाहिए। राष्ट्रीय कवि दिनकर ने इसीलिए ये बातें कही थीं- क्षमा शोभती उस भुजंग को, जिसके पास गरल हो उसको क्या जो दंतहीन, विषरहित, विनीत, सरल हो सीएम योगी ने कहा- आज हम सामरिक और आंतरिक शक्ति को इसलिए नहीं बढ़ा रहे कि हमें किसी पर आक्रमण करना है। अपितु इसलिए कि हमारी उदारता को कोई हमारी विवशता न समझने की भूल करे। राष्ट्र की समृद्धि के लिए सामर्थ्य हमेशा अनिवार्य है। समृद्धि केवल संसाधनों से नहीं आती है। इसके लिए सुरक्षा, स्थिरता और सामर्थ्य का मजबूत आधार उतना ही आवश्यक होता है। 2017 में सत्ता संभालने के बाद इन बातों को हम जानते थे। क्योंकि उत्तर प्रदेश की जो छवि थी। पहचान का संकट था। हम लोग इस बात को मानते थे कि हमें अगर सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करना है। तो हमें सुरक्षा का एक बेहतर माहौल बनाना होगा। रूल ऑफ लॉ को जमीन पर उतारना होगा। अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस को पूरी सख्ती के साथ लागू करना पड़ा था। आज हम इस बात को मान सकते हैं कि हमने उस समय जो कानून का राज स्थापित करने का संकल्प लिया। आज उसने उत्तर प्रदेश के इस मॉडल को सबका ध्यान आकर्षित किया। आज हम कह सकते हैं कि पूरे भारत में यूपी के पास एक बेहतरीन इंफ्रास्टक्चर है। लेफ्टिनेट जनरल प्रतीक शर्मा ने कहा- प्रयागराज में 3 नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम पर स्थित है। इस सिम्पोजियम के लिए चुने गए विषय रक्षा त्रिवेणी संगम यानी टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री और सैन्य बल के संगम को खुबसूरती से दर्शाता है। लेफ्टिनेट जनरल प्रतीक शर्मा ने कहा- जिस प्रकार नदियों का मिलन जीवन के प्रवाह को सशक्त करता है। ठीक उसी तरह सरकारी एजेंसी, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों और सशस्त्र बलों का यह संगम इनोवेशन और कैपेबिलिटी के उस प्रवाह को सशक्त बनाता है जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है। इसके पहले सोमवार यानी 4 मई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिंपोजियम का उद्घाटन किया। और फायरिंग रेंज में जाकर आधुनिक हथियारों का लाइव डेमो देखा। उनके साथ उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी भी मौजूद थे। दूसरे दिन केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ शामिल हुए। भारतीय सेना की उत्तरी कमान, मध्य कमान और सोसायटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। 284 कंपनियां, जिसमें MSMEs, निजी रक्षा फर्में, स्टार्टअप्स और सैन्य कर्मी शामिल हैं। अपने नवाचारों को स्टॉलों पर प्रदर्शित करेंगी। सिमपोजियम की थीम 'रक्षा त्रिवेणी संगम - जहां प्रौद्योगिकी, उद्योग और सैनिक कौशल का संगम होता है' है, जो चुनौतियों से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देगा। भारतीय सेना बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार नवाचार पर जोर दे रही है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य फील्ड तैनाती व रखरखाव के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकियों की पहचान कर खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, ताकि भारतीय सेना में आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली मजबूत हो। आधुनिक रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन सिम्पोजियम में सेना में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। कई उपकरणों का लाइव डेमो भी दिखाया जाएगा, ताकि लोग समझ सकें कि ये तकनीकें कैसे काम करती हैं। ड्रोन और सैन्य वाहनों पर फोकस कार्यक्रम में ड्रोन, ऑल-टेरेन वाहन, सर्विलांस सिस्टम और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी तकनीकों को खास तौर पर दिखाया जाएगा। स्वदेशी यानी भारत में तैयार तकनीकों पर ज्यादा जोर रहेगा। उद्योग और सेना के बीच संवाद इस आयोजन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थानों और सेना को एक मंच पर लाना है। यहां रक्षा तकनीक और भविष्य की जरूरतों को लेकर चर्चा भी होगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बाद कैसी है भारत की नई तैयारी
    Next Article
    दुल्हन ने शादी से पहले प्रेमी के साथ जान दी:बाग में पेड़ पर लटके मिले शव, शाहजहांपुर में कल बारात आनी थी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment