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    'निर्दोष रहने पर निंदा हो तो बेचैन नहीं होना चाहिए':मथुरा में साधक की मौत के 15 दिन बाद संत प्रेमानंद बोले-

    21 hours ago

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    मथुरा में साधक रसिक दुलारी शरण की मौत ( (25 सितंबर) के 15 दिन बाद संत प्रेमानंद महाराज की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए इशारों ही इशारों में अपना पक्ष रखा है। साथ ही आरोपों लगाने को जवाब दिया है। उन्होंने गुरुवार को अपने संदेश में कहा है- जब निर्दोष रहने पर समाज में निंदा और तिरस्कार होने लगे तो व्याकुल (बेचैन) नहीं होना चाहिए। इसे भगवान का कड़वा प्रसाद समझना चाहिए, जो हमारे भीतर के अभिमान को खत्म करने में मदद करता है। भक्ति के मार्ग पर वही व्यक्ति आगे बढ़ता है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखता है। उसे न तो निराश होना चाहिए और न ही भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा कम करनी चाहिए। पहले संत प्रेमानंद महाराज का पूरा बयान पढ़िए कोई निंदा करे तो मुस्कुराकर सहन कर लेना चाहिए उन्होंने आगे कहा- जब हम अपना जीवन राधा-कृष्ण को समर्पित कर देते हैं, तो हमें उनकी इच्छा के अनुसार चलना चाहिए। हमें किसी की निंदा नहीं करनी चाहिए। अगर कोई हमारी निंदा करता है, तो मुस्कुराकर उसे सहन कर लेना चाहिए।इसे भगवान की विशेष कृपा मानकर धैर्य और सहनशीलता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। सुख हो या दुख, सम्मान मिले या अपमान मन को स्थिर रखना चाहिए जब हम अपना जीवन श्री राधा-कृष्ण को समर्पित कर देते हैं, तो हमें उनकी इच्छा के अनुसार चलना चाहिए। जिस तरह भगवान हमें परिस्थितियों में आगे बढ़ाते हैं, उसी तरह हमें जीवन में मिलने वाली हर परिस्थिति को स्वीकार करना चाहिए। सुख हो या दुख, सम्मान मिले या अपमान, हर हाल में मन को स्थिर रखना जरूरी है। परेशानियों का मजबूती से सामना करना चाहिए उन्होंने भक्तों से कहा कि वे बड़ी से बड़ी परेशानी और विपरीत परिस्थिति का सामना मजबूती से करें। अगर कोई उनकी निंदा करता है, तो उसका जवाब निंदा से नहीं देना चाहिए। अपमान और आलोचना सहने से व्यक्ति के भीतर का अभिमान कम हो सकता है। अपने व्यवहार में विनम्रता रखनी चाहिए। दूसरों की आलोचना करने के बजाय अपने आचरण को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। धैर्य, सहनशीलता और भगवान के प्रति विश्वास बनाए रखकर ही व्यक्ति भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है। अब विवाद के बारे में जानिए साधक रसिक दुलारी शरण की मौत 25 सितंबर को संत प्रेमानंद के आश्रम की छत से गिरने से हो गई थी। रसिक दुलारी की मौत के अगले दिन इससे जुड़े वीडियो भी सामने आए थे। इसके बाद से ही संत प्रेमानंद और उनके आश्रम को लेकर सोशल मीडिया में तरह -तरह की बयानबाजी शुरू हो गई थी। इसी बीच मथुरा के दिनेश उर्फ फलाहारी बाबा मीडिया के सामने आए थे। उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज को लेकर कई आरोप लगाए थे। उन्होंने यहां तक कहा था कि पैसे खर्च करके प्रेमानंद की ब्रांडिंग की जा रही है। विराट कोहली को 5 करोड़ देकर उनके आश्रम में मिलने बुलाया जाता है बाद में इसका वीडियो प्रसारित कर उनकी ब्रांडिंग की जाती है। विराट कोहली के प्रवक्ता ने फलाहारी बाबा के दावों को खारिज किया था इसके दो दिन बाद ही विराट कोहली के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर फलाहारी बाबा के दावों को खारिज कर दिया था उनकी तरफ से कहा गया था कि पैसे लेकर विराट कोहली के संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने और उनसे मुलाकात की बात झूठी है वे आश्रम जरूर गए है लेकिन पैसे के लिए नहीं बल्कि ये उनकी प्रेमानंद जी के प्रति आस्था है।
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