Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    निषाद पार्टी की क्षेत्रीय अध्यक्ष की शिकायत पर कार्रवाई:मत्स्य विभाग के 9 कर्मचारी मुख्यालय अटैच; भुगतान के लिए परेशान कर रहे थे अधिकारी

    11 hours ago

    1

    0

    कानपुर नगर और मंडल के मत्स्य विभाग के अधिकारियों पर हुई कार्रवाई की वजह सामने आ गई है। पता चला है कि मस्त्य विभाग मंत्री संजय निषाद की निषाद पार्टी की क्षेत्रीय अध्यक्ष सविता निषाद को सरकारी योजना का लाभ देने के लिए दो साल से परेशान किया गया था। बीते शनिवार शनिवार (14 फरवरी) को वे योजना के भुगतान के लिए मत्स्य विभाग गई थीं। लौटते वक्त डिप्रेशन में गश खाकर सड़क पर गिर गईं। इससे सविता के सिर और पैर में काफी चोट आई थी। इसके बाद सविता ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मत्स्य विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामले का संज्ञान लेते हुए मस्त्य विभाग मंत्री के निर्देश पर सोमवार (16 फरवरी) को कानपुर नगर और मंडल के सभी नौ अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यालय अटैच कर दिया गया। अब पूरा मामला विस्तार से समझिए… फिश फीड मिल बनाने में खर्च हुए 1.25 करोड़ साल 2024 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत फिश फीड मिल लगाने के लिए सविता निषाद का चयन हुआ था। यूनिट लगाने के लिए महिलाओं को 60 प्रतिशत की सब्सिडी मिलती है। इसकी पहली किस्त 60 प्रतिशत काम पूरा होने पर दी जाती है। सविता निषाद ने बताया कि कि उन्होंने 1.25 करोड़ रुपए से करीब 65 प्रतिशत काम करा लिया था। इसके बाद विभाग की उपनिदेशक सुनीता वर्मा और अन्य अधिकारियों ने मौके पर आकर निरीक्षण किया। टेक्निकल टीम से भी निरीक्षण कराया गया। इसके बाद भी उप निदेशक सुनीता वर्मा ने भुगतान नहीं किया। सविता ने आरोप लगाया कि कुल 83 लाख रुपए का भुगतान होना था। सब्सिडी की पहली किस्त के लिए दो साल से विभाग के चक्कर लगा रही हूं लेकिन रिश्वत न देने की वजह से रोज नई औपचारिकत बताकर किस्त रोकी जा रही है। निलंबित मत्स्य निरीक्षक बोले- उप निदेशक ने गुमराह किया मामले में निलंबित मत्स्य निरीक्षक (फिशरी इंस्पेक्टर) सुनील सिंह ने बताया कि सविता निषाद को पहली किस्त जारी करने के लिए उपनिदेशक सुनीता वर्मा अड़चन बनाए हुए थीं। टेक्निकल टीम ने जांच के बाद 65 लाख की एमबी कर दी थी। इसके बाद उपनिदेशक ने अधिकारियों को गुमराह करते हुए कहा कि सविता ने मानक के अनुसार काम नहीं कराया है। क्या है प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत दो करोड़ रुपए तक का व्यवसाय करने में महिलाओं को 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। इस योजना में चयनित होने के बाद सविता ने सरसौल ब्लॉक में फिश फीड मिल यूनिट बनवाई, जिसमें लगभग 1.25 करोड़ रुपए खर्च किए। लखनऊ मंडल उपनिदेशक को मिला अतिरिक्त प्रभार लखनऊ मंडल की उपनिदेशक सृष्टि यादव को कानपुर मंडल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सहायक निदेशक बुलंदशहर जितेंद्र कुमार को मंडल के सभी जिलों के भुगतान का जिम्मा मिला है। अन्य कर्मचारियो की जगह पर किसी अन्य की तैनाती अभी नहीं हुई है। इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई उपनिदेशक मत्स्य सुनीता वर्मा, मत्स्य विकास अधिकारी कुसुम पाल, अपर सांख्यिकीय अधिकारी केसी वर्मा, मत्स्य निरीक्षक सुनील सिंह, वरिष्ठ सहायक प्रतिमा उमराव, सह वरिष्ठ सहायक आयशा खातून, कनिष्ठ सहायक अमरीश अवस्थी, प्रबल कुमार, सोहन लाल, मछुआ सतीश निषाद, अजय सिंह।
    Click here to Read more
    Prev Article
    दिव्यांग पिता को गोद में उठाकर इलाज कराने पहुंचा बेटा:मेरठ मेडिकल कॉलेज में मरीज को व्हीलचेयर देने से किया इंकार- कर्मचारी बोले खुद करो व्यवस्था
    Next Article
    अमेठी में सहायक अध्यापक ने किया सुसाइड:बेटा बोला- बीआरसी ने फोन पर काम का दबाव बनाया, पिता ने सुसाइड किया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment