Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    नौतपा आज से शुरू,सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र में करेंगे गोचर:ज्योतिषाचार्य बोले- 9 दिन तक अर्घ्य देना बेहद शुभ,शीतल वस्तुओं का करें दान

    22 hours ago

    1

    0

    हिंदू धर्म में नौतपा का विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इन दिनों में सूर्य देव अपनी सबसे तीव्र ऊर्जा के साथ पृथ्वी पर प्रभाव डालते हैं, जिससे गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है। ज्योतिष शास्त्र में नौतपा को भगवान सूर्य की प्रचंड ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। इस वर्ष नौतपा 25 मई यानी आज से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन नौ दिनों में किए गए दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है और सूर्य देव की कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। क्या है नौतपा ? हिंदू पंचांग के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तभी नौतपा की शुरुआत होती है। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के बाद के पहले नौ दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन्हें ही नौतपा कहा जाता है। मान्यता है कि इन दिनों सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिसके कारण भीषण गर्मी पड़ती है। यह भी कहा जाता है कि जितना अधिक नौतपा तपता है, मानसून के दौरान उतनी ही अच्छी बारिश होती है। सूर्य देव को प्रसन्न रखने के उपाय ज्योतिषाचार्य पंडित विकास के अनुसार नौतपा के दौरान नियमित रूप से सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। इसके लिए रोज सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, कुमकुम और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्पित करें। अर्घ्य देते समय “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। जल और शीतल वस्तुओं का दान श्रेष्ठ नौतपा के दौरान भीषण गर्मी में प्यासे लोगों को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना, मिट्टी के घड़े, तरबूज, आम, सत्तू और पंखों का दान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे कुंडली में सूर्य और चंद्रमा दोनों मजबूत होते हैं। आदित्य हृदय स्तोत्र का करें पाठ पंडित विकस के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर हो या नौकरी में परेशानियां चल रही हों, उन्हें नौतपा के नौ दिनों तक प्रतिदिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इसे आरोग्यता और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का प्रभावी उपाय माना गया है। साथ ही गायत्री मंत्र का प्रतिदिन कम से कम 108 बार जाप करने से मानसिक शांति और बुद्धि की प्रखरता बढ़ती है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    पत्नी की मौत की खबर से पति ने तोड़ा दम:बेटा मां का शव लेकर पहुंचा घर तो बाथरूम में मिली रिटायर्ड डाककर्मी कासिम अहमद की लाश
    Next Article
    लखनऊ में एक्सीडेंट में 2 लड़कों की मौत:दूसरी बाइक की टक्कर लगने पर पोल से टकराए, मौके पर ही दम तोड़ा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment