Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    'नया कलह नहीं चाहिए, तुरंत सब ठीक कीजिए':नीतीश की बंद कमरे की बैठक में क्या हुआ, नेताओं के सुर बदले; नीरज का अब क्या होगा?

    4 hours ago

    1

    0

    'ललन बाबू ने वही किया, जो पार्टी के लिए बेहतर था।' बंद कमरे में करीब 30 मिनट की नीतीश कुमार की बैठक के बाद 6 अक्टूबर को JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने यह बात कही। इसके बाद डिप्टी CM विजय चौधरी ने भी ललन सिंह की भूमिका की तारीफ की। ...तो ऐसा क्या ललन सिंह ने किया, क्या अनंत-नीरज विवाद में नीतीश ने भी ललन की लाइन मान ली? अब नीरज कुमार का क्या होगा? पूरा पावर गेम समझेंगे; बूझे की नाही में...। सवाल-1ः अनंत-नीरज विवाद में ललन सिंह ने क्या किया? जवाबः पटना स्नातक विधान परिषद सीट से जनता दल यूनाइटेड (JDU) 3 बार के विधान पार्षद नीरज कुमार को प्रत्याशी बनाया है। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने नीरज कुमार का खुला विरोध किया है। अनंत सिंह लगातार जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के साथ घूम रहे हैं और उनके लिए वोट मांग रहे हैं। ललन सिंह ने आगे कहा, ‘अनंत सिंह जब चुनाव लड़ रहे थे तो वो (नीरज) उनके खिलाफ अभियान चला रहे थे। बात बिल्कुल सत्य है। हालांकि, मैंने अनंत सिंह से कहा है कि अब कोई सार्वजनिक बयान नहीं देंगे। इस पर वह सहमत हैं। अब आगे वह सार्वजनिक रूप से बयान नहीं देंगे।’ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के इस बयान के बाद नीतीश कुमार के सरकारी आवास 7, सर्कुलर रोड में संजय झा, डिप्टी CM विजय चौधरी और बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी पहुंचे। नीतीश कुमार ने तीनों नेताओं के साथ बंद कमरे में करीब 30 मिनट तक बैठक की। सवाल-2ः नीतीश कुमार की बंद कमरे की मीटिंग में क्या हुआ कि नेताओं के बदले सुर? जवाबः बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने सभी नेताओं से विधान परिषद चुनाव का फीडबैक लिया। इसके बाद ताजा हालात पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार ने बैठक में साफ शब्दों में कह दिया है कि पार्टी के अंदर नया कलह नहीं चाहिए। जल्दी मामले को सैटल करें। ललन सिंह ने पार्टी के अनुशासन पर सवाल उठाए हैं, उसको ठीक कीजिए। नीतीश कुमार ने ललन सिंह की बातों को गंभीरता से लेने की तरफ इशारा किया। अंदरखाने चर्चा है कि नीतीश कुमार के इसी इशारे के बाद पार्टी के सीनियर नेताओं संजय झा और विजय चौधरी के सुर बदले हैं। सवाल-3ः …तो क्या नीतीश कुमार ने ललन सिंह की लाइन स्वीकार कर ली? जवाबः हां, काफी हद तक। नीतीश ने अनंत सिंह पर सख्त कार्रवाई का रास्ता नहीं चुना है। इसके बजाय ललन सिंह के जरिए अनंत की नाराजगी को सही बता दिया है। साथ ही पार्टी की पुरानी चूक स्वीकार की गई और खुली बगावत को सार्वजनिक बयानबाजी के स्तर पर थाम लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार ने ऐसा करके पार्टी के अंदर की बड़ी बगावत थामने को थोड़े देर के लिए थामने की कोशिश की है। नीतीश की लाइन पर ही पार्टी अब आगे बढ़ेगी। इसे 6 अक्टूबर को संजय झा और विजय चौधरी के बयानों से समझिए… सवाल-4ः …फिर नीरज-अनंत में कौन जीता? जवाबः यह किसी एक पक्ष की जीत नहीं, बल्कि नीतीश कुमार की बैलेंसिंग एक्ट है, जिसमें ललन सिंह-अनंत सिंह खेमे को ज्यादा स्पेस मिला। वहीं, नीरज कुमार आधिकारिक रूप से प्रत्याशी हैं और उन्हें पार्टी का समर्थन बरकरार है। लेकिन व्यक्तिगत रूप से उनकी भूमिका पर सवाल उठे और वे अकेले पड़ गए हैं। सवाल-5ः अब नीरज कुमार का क्या होगा? जवाबः पॉलिटिकल एनालिस्ट केके लाल कहते हैं, 'ये ग्रेजुएट का चुनाव है। इसमें आम वोटर्स की बहुत बड़ी भूमिका नहीं रह जाती है। नीरज कुमार के लिए अनंत सिंह न मजबूरी हैं और न जरूरी हैं। लेकिन उनके विरोध से नीरज के खिलाफ एक माहौल बन सकता है। लोगों के बीच गलत मैसेज गया है।’ केके लाल कहते हैं, ‘चुनाव से पहले पार्टी के भीतर नेता के प्रति नाराजगी का मैसेज नहीं जाना चाहिए। लेकिन इस विवाद ने पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।’ केके लाल कहते हैं, ‘ललन सिंह का खुलकर नीरज का समर्थन नहीं करना, उनको मुश्किल में डाल सकता है। अनंत सिंह स्नातक चुनाव में बड़े फैक्टर नहीं हैं, लेकिन ललन सिंह रहेंगे। हालांकि, नीरज कुमार बिना अनंत सिंह के भी 2020 में चुनाव जीत चुके हैं।’ हालांकि, JDU पटना स्नातक सीट हर हाल में जीतना चाहती है। क्योंकि…
    Click here to Read more
    Prev Article
    खबर हटके- गहरी नींद लेकर ₹14 लाख जीते:नौकरी के लिए साड़ी पहनकर दौड़ी महिला; 4 साल से नाव पर रह रहा परिवार
    Next Article
    DRDO के एडवांस्ड हाई-एल्टीट्यूड पैराशूट का पहला लाइव जंप:16000 फीट की ऊंचाई से कूदे जवान; यहां हवा की कमी, इसलिए पैराशूट कंट्रोल करना चुनौती

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment