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    न्यूरोसर्जन बोले- लड़की मनोरोगी, कुछ भी कह सकती है:बैडटच किया था तो चिल्लाती, आजकल वसूली का धंधा चल रहा; छात्रा का हुआ मेडिकल

    12 hours ago

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    'बैड टच का आरोप लगाने वाली लड़की मनोरोगी (साइको) है। ऐसे में वह कुछ भी कह सकती है। कुछ भी कर सकती है। आजकल वसूली का धंधा चल रहा है। हंगामा करने वालों में शामिल एक युवक फोन पर किसी से कह रहा था कि डॉक्टर का इतना चरित्र हनन कर देंगे कि वह खुद ही कटोरा लेकर भागता फिरेगा। कैमरे लगे हैं, वो देखे जा सकते हैं। अगर मैंने कुछ किया होता तो लड़की उसी समय चिल्लाती। क्लीनिक बंद हो गया। इसके बाद 15- 20 लड़के आए और हंगामा करने लगे। मैंने उनसे हाथ जोड़कर माफी भी मांगी।' यह कहना है प्रयागराज के फेमस न्यूरो सर्जन डॉ. कार्तिकेय शर्मा का। डॉक्टर पर गुरुवार को BA की एक छात्रा ने बैडटच की FIR दर्ज कराई है। उसका कहना है कि डॉक्टर ने जबरन उसके कपड़े उतरवाए। फिर गंदी नीयत से छुआ। सिविल लाइंस पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया। आज शुक्रवार को छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इस दौरान वहां कुछ देर के लिए हंगामा भी हो गया। छात्र के भाई ने बताया- बहन का मेडिकल परीक्षण होने के दौरान अस्पताल में मौजूद एक नर्स ने चोरी छिपे उसका वीडियो बनाया। बहन ने विरोध किया तो उसे धमकाया और मारपीट की। यही नहीं FIR दर्ज कराने की भी धमकी दी। वहीं सिविल लाइंस पुलिस मामले की विवेचना में जुटी है। पुलिस अफसरों का कहना है कि मेडिकल की प्रक्रिया हो चुकी है और अब मजिस्ट्रेट के समक्ष छात्रा का बयान दर्ज कराया जाएगा। डफरिन अस्पताल में मेडिकल के दौरान हुए विवाद के मामले में थानाध्यक्ष शाहगंज कपिल कुमार का कहना है कि उनके पास फोन आया था। इस पर थाने से एक दरोगा मौके पर पहुंचे, लेकिन बाद में दोनों पक्षों ने मामला सुलझा लिया और कहा कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते। जनवरी से लड़की का इलाज चल रहा है डॉक्टर ने मीडिया से बात करते हुए कहा- लड़की ने ये आरोप क्यों लगाए, इसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता हूं। यह बिटिया पिछले 3- 4 महीने से मेरे से इलाज करा रही है। जनवरी महीने में यह मेरे यहां हॉस्पिटल गुरु गोविंद सिंह में भर्ती हुई थी। वहां पर इसका मनोचिकित्सक डॉ. सौरभ टंडन और मैंने इलाज किया। इसका एग्रेसिव बिहेवियर रहता है। इसको एबनॉर्मल साइन, सिम्पटम्स हैं। कभी किसी भाग में इसके झनझनाहट वगैरह शुरू हो जाती है। सिर दर्द हो जाता है। इसे नींद नहीं आती है और अवसाद में चली जाती है। बुधवार को जब आई थी तो उसका 74 नंबर था। हमारी अटेंडेंट से लड़की ने बोला कि मुझे नींद नहीं आ रही है। मेरे पूरे शरीर में झनझनाहट हो रही है। मुझे डर लग रहा है। मैंने उस लड़की से कहा कि देखना पड़ेगा। बताइए क्या-क्या सिम्पटम हैं? उसने कहा कि मेरे दाहिने भाग में झनझनाहट हो रही है। आप चेक कर लीजिए। मैंने कहा कि ठीक है। आप लेट जाइए। डॉक्टर बोले- अगर मैंने कुछ किया होता तो वह चिल्लाती डॉक्टर ने कहा कि उस समय क्लीनिक में एक बुजुर्ग बैठे थे। वह खुद ही बाहर चले गए। मेरी फीमेल अटेंडेंट भी वहीं थी। वह दरवाजे पर खड़ी थी। मैंने उस लड़की के चेहरे, आंखें और पेट की जांच की। मैंने उससे कहा- आपको एक तरफ झनझनाहट हो रही है। उसने कहा कि पैरों में झनझनाहट हो रही है। इस पर मैंने कहा कि थाई देखते हैं। इस पर उस लड़की ने मना कर दिया। मैंने भी कहा कि ठीक है। करीब 1.5 मिनट में उसकी जांच हुई। डॉक्टर ने कहा कि क्लीनिक में कैमरे लगे हैं। उन्हें देखा जा सकता है। जांच के बाद लड़की एक दम नॉर्मल होकर बाहर गई। वह वेल कंपोज होकर निकली। अगर मैंने कुछ किया होता वह चिल्लाती, शोर मचाकर लोगों को बुलाती। मगर उसने ऐसा कुछ नहीं किया। लड़की के जाने के बाद मैंने करीब 12 मरीज और देखे। इसके बाद क्लीनिक बंद कर दिया। देर रात करीब 10.30 बजे 15- 20 लड़के हमारे घर के गेट पर आ गए। दरवाजा पीटने लगे। मैं बाहर निकला। उन्होंने मुझ पर आरोप लगाया कि मैंने रेप किया है। मैंने उनसे हाथ जोड़कर माफी मांगी। मैंने कहा कि भैया, मैंने ऐसा कुछ नहीं किया। मेरा स्टाफ मौजूद था, सीसीटीवी देखे जा सकते हैं मैं पिछले 40 साल से इलाज कर रहा हूं। मेरी यही मांग है कि निष्पक्ष जांच हो। हमारा सीसीटीवी देख लें। मेरी पत्नी भी उस समय आ गई थी। वह मुझे चाय देने आई थी। वह भी वहीं खड़ी हो गई। मेरी स्टाफ सब्बो, मेरा गार्ड सब वहीं पर थे। छात्रा का मेडिकल गुरुवार को नहीं हो सका था। जब तक उसका नंबर आया, डॉक्टर का ड्यूटी टाइम ओवर हो चुका था। ऐसे में मेडिकल चेकअप नहीं हो पाया। अब शुक्रवार को मेडिकल कराया जाएगा। मेडिकल के बाद पुलिस उसका बयान भी दर्ज करेगी। इसके बाद पीड़िता का मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराया जाएगा। वहीं पुलिस घटना के दौरान मौजूद ड्यूटी स्टाफ, मरीजों और तीमारदारों के भी बयान दर्ज करेगी। चैंबर के बाहर और परिसर में लगे कैमरों के फुटेज भी खंगाले जाएंगे। एसीपी सिविल लाइंस विद्युत गोयल ने बताया केस दर्ज कर लिया गया है। छात्रा का शुक्रवार को मेडिकल कराया जाएगा। पुलिस CCTV देखेगी और लोगों से पूछताछ करेगी। अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला जानिए… रात 10:30 बजे छात्रा का नंबर आया क्लाइव रोड पर डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा (55) का घर है। डॉ. कार्तिकेय घर पर ही क्लीनिक चलाते हैं। देर रात तक मरीज देखते हैं। धूमनगंज की रहने वाली 24 साल की BA की छात्रा अपने भाई के साथ माइग्रेन के इलाज के लिए पहुंची थी। छात्रा को 74वां नंबर मिला था। छात्रा के पिता की मौत हो चुकी है। उनके परिवार में मां और भाई हैं। भाई प्राइवेट नौकरी करता है। छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रात करीब 10:30 बजे मेरा नंबर आया। मैं चैंबर में पहुंची तो डॉक्टर ने अन्य मरीजों को यह कहकर बाहर कर दिया कि जांच करनी है। जब मैं केबिन में अकेले रह गई तो डॉक्टर ने चैंबर के दोनों दरवाजे अंदर से बंद कर लिए। मेरे कपड़े उतारने लगे, विरोध पर धमकी दी छात्रा ने बताया- इसके बाद जांच करने की बात कहकर डॉक्टर मेरे ऊपर के कपड़े उतारने लगे। छेड़खानी करने लगे। फिर मुझसे नीचे के कपड़े भी उतारने को कहा। मैं घबरा गई। मैंने कहा कि मुझे जांच नहीं करानी, तो जबरदस्ती करने लगे। मैं रोने लगी तो धमकाया और पीछे हट गए। इसके बाद तब तक दरवाजे नहीं खोले, जब तक कि मैंने अपने कपड़े ठीक नहीं कर लिए। भाई को फोन कर बुलाया, आपबीती सुनाई छात्रा ने बताया- मैंने बाहर आकर तुरंत भाई को फोन कर बुलाया। मेरी हालत देखकर पहले से मौजूद मरीजों और तीमारदारों ने डॉक्टर को घेर लिया। उनसे सवाल करने लगे। जब भाई आया तो मैंने उसे पूरी बात बताई। परिवार के अन्य लोग भी पहुंच गए। डायल 112 को जानकारी दी। कुछ देर बाद सिविल लाइंस थाने की पुलिस भी आ गई। फिर छात्रा को घरवालों के साथ थाने ले जाया गया। मरीज डॉक्टर के चैंबर में घुसे, खरी-खोटी सुनाई छात्रा के घरवालों ने बताया- बेटी रोते हुए बाहर निकली तो अन्य मरीजों और तीमारदारों ने इसकी वजह पूछी। उसने आपबीती सुनाई तो लोग डॉक्टर के चैंबर में घुस गए। खरी-खोटी सुनाने लगे। इस पर डॉक्टर ने अपने स्टाफ को बुलाकर सभी को बाहर निकाल दिया। गेट अंदर से बंद कर लिया। कौन हैं डॉक्टर कार्तिकेय? 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