Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Pak सेना की सीक्रेट Info भारत की खुफिया एजेंसी को मिली, चीन के साथ बड़े खेल का खुलासा

    10 hours ago

    1

    0

    पाकिस्तान की सेना में बड़े बदलाव हो रहे हैं। भारत की खुफिया एजेंसियों को कई अहम जानकारी इससे जुड़ी हुई हासिल हुई है। भारत की सुरक्षा एजेंसी को मिली खुफिया जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने अपने अधिकारियों, सैन्य कर्मियों को मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफार्म WhatsApp का इस्तेमाल बंद करके चीन के वीचैट प्लेटफार्म पर ट्रांसफर होने के निर्देश दिए हैं। ये कदम बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच लगातार गहराते रणनीतिक, सैन्य और तकनीकी सहयोग का एक बेहद महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सेना के शीर्ष सैन्य नेतृत्व की ओर से जारी एक आंतरिक निर्देश में सभी अधिकारियों, जवानों और प्रशासनिक अधिकारियों को आधिकारिक और ऑपरेशनल संचार के लिए धीरे-धीरे WhatsApp का इस्तेमाल बंद कर वीट अपनाने को कह दिया गया है। सूत्र कहते हैं कि इस फैसले के पीछे पश्चिमी मैसेजिंग प्लेटफार्म पर निगरानी, डाटा लीक और इंटरसेप्शन की आशंकाएं बहुत अहम वजह बताई जा रही हैं। इसे भी पढ़ें: 11 अगस्त को बलूचिस्तान की आजादी का ऐलान! भारत भी हैरानपाकिस्तानी सेना का मानना है कि संवेदनशील सैन्य संचार के लिए चीन के डिजिटल इको सिस्टम का इस्तेमाल अधिक सुरक्षित और रणनीतिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि इस पूरे मामले पर जो विशेषज्ञ हैं वह कहते हैं कि वीchaat को अपनाने से पाकिस्तान और चीन के सैन्य संचार तंत्र में अधिक तालमेल स्थापित हो सकता है। इससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभियानों खुफ़िया जानकारी के आदान-प्रदान और साइबर समन्वय को और अधिक मजबूत करने में मदद हासिल हो सकता है। यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब पाकिस्तान और चीन के बीच रक्षा सहयोग लगातार नए आयाम हासिल कर रहे हैं।इसे भी पढ़ें: Pakistan-Iran Diplomacy: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच Islamabad बना मध्यस्थ, Ishaq Dar ने अरागची को भेजा न्योताबीते कुछ वर्षों में दोनों देशों के संबंध केवल लड़ाकू विमान, नौसैनिक युद्धपोत, एयर डिफेंस सिस्टम और दूसरे उपकरणों की खरीद तक सीमित नहीं रहे हैं। बल्कि साइबर क्षमताओं, सुरक्षित संचार नेटवर्क, साझा कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल और खुफिया सहयोग तक भी विस्तार हो चुका है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तानी सेना के यह कदम केवल एक मैसेजिंग ऐप बदलने का फैसला नहीं बल्कि यह चीन के साथ उसके बढ़ते डिजिटल और डिजिटल और मिलिट्री इंटीग्रेशन का स्पष्ट संकेत है। इससे भविष्य में दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य योजना, साइबर सुरक्षा, संवेदनशील सैन्य संचार में अधिक समन्वय देखने को मिल सकता है। और सबसे बड़ी बात ये कि जिस तरह से पाकिस्तान और चीन की हाल के दिनों में जुगलबंदी बनी है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद जब पाकिस्तान और चीन की मिसाइलें बुरी तरह से भारत के आगे पिट गई, तो उसके बाद दोनों ही देश मिलकर अब नए तौर तरीके अपनाने पर लगे हैं। इसी कड़ी में माना जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना चीन के साथ मिलकर अब इस नए तरह के कम्युनिकेशन गेम में आना चाहती है जिसके जरिए वो अपनी सेनाओं की जानकारी को बचा सके और हैकिंग प्रूफ बना सके। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    मुनीर-नकवी ने मिलकर कर दिया खेल, पाकिस्तान में तख्तापलट होने वाला है?
    Next Article
    ट्रंप की कसम, ईरान को मिटा देंगे, अब अमेरिका करेगा भयंकर बमबारी

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment