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    पाकिस्तानी सबा की जमानत याचिका पर सेशन कोर्ट सुनवाई करेगा:कोर्ट ने 24 फरवरी की तारीख दी, CJM अदालत ने खारिज की थी याचिका

    16 hours ago

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    पाकिस्तानी महिला सबा फरहत की जमानत स्पेशल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से खारिज होने के बाद अब सेशन कोर्ट से जमानत की उम्मीद जताई जा रही है। सबा के एडवोकेट की तरफ से सेशन कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका पर 24 फरवरी को सुनवाई करेंगे। दरअसल, पाकिस्तानी महिला सबा कई सालों से मेरठ के देहलीगेट इलाके में रह रही थी। मामला तब सामने आया जब इलाके की निवासी रुकसाना ने सबा पर गैरकानूनी तरीके से भारत में रहने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमे के आधार पर पुलिस ने सबा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से सबा फरहत को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सबा जिला कारागार मेरठ में बंद है। निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज सबा फरहत की गिरफ्तारी के बाद उनके वकील वीके शर्मा ने कोर्ट में बहस की और मजबूती के साथ अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट भी किया कि सबा की तरफ से कभी वोटर आईडी के लिए आवेदन नहीं किया गया है। हालांकि, मामले को गंभीरता देखते हुए कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी। एडवोकेट वीके शर्मा ने बताया कि लगाए गए आरोप के संबंध में अबतक कोई मजबूत साक्ष्य कोर्ट के समक्ष पेश नहीं किया गया है। वे 24 फरवरी को होने वाली सुनवाई के दौरान अपनी तरफ से कुछ साक्ष्य सेशन कोर्ट में प्रस्तुत करेंगे। इसके लिए उनकी तरफ से अतिरिक्त तैयारी की गई है। वादी महिला के लालकुर्ती के केस में वांटेड होने का आरोप एडवोकेट वीके शर्मा ने आरोप लगाया कि जिस महिला रुखसाना की तहरीर के आधार पर देहली गेट थाने में सबा और बेटी ऐमन के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है, वह महिला खुद एक मुकदमे में वांटेड है। वह मुकदमा लालकुर्ती थाने में दर्ज है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो महिला खुद वांछित है, वह दूसरे के खिलाफ केस कैसे दर्ज करा सकती है? पुलिस को पहले उसे गिरफ्तार करना चाहिए था। बर्थ सर्टिफिकेट में धोखाधड़ी की धारा गलत एडवोकेट वीके शर्मा ने बताया कि उनके हाथ एक रूलिंग भी लगी है जो पुलिस की कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाती है। उन्होंने बताया कि वादी पक्ष ने फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट का मुद्दा कोर्ट के समक्ष रखा था। दरअसल, ऐसे मामले में फोर्जरी की धारा लगती है, ना कि धोखाधड़ी की। इस रूलिंग में इसी का जिक्र किया गया है।
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